West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस देखने को मिली. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने न्यायिक अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा कि इस प्रक्रिया की निगरानी न्यायिक अधिकारी कर रहे हैं, इसलिए इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना स्वीकार नहीं किया जाएगा. सीजेआई ने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर के दौरान केवल वास्तविक और वैध मतदाताओं को ही सूची में शामिल किया जाएगा, जबकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या घुसपैठिये को इसमें जगह नहीं दी जाएगी.
CJI की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कड़ी टिप्पणी करते हुए न्यायिक अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों पर नाराजगी जताई. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने स्पष्ट कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या घुसपैठिये को शामिल नहीं किया जाएगा.सीजीआई ने कहा कि ‘जो लोग अधिकृत नहीं हैं या घुसपैठिये हैं उन्हें एसआईआर में शामिल नहीं किया जाएगा.’
जो भी वास्तविक मतदाता हैं, उन्हें शामिल किया जाएगा-सीजीआई
उन्होंने यह भी कहा कि पूरी प्रक्रिया न्यायिक अधिकारी संभाल रहे हैं और सभी वास्तविक व वैध मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाएगा. सीजीआई ने कहा कि “इस प्रक्रिया को न्यायिक अधिकारी देख रहे हैं. जो भी वास्तविक मतदाता हैं, उन्हें शामिल किया जाएगा.”
न्यायिक अधिकारियों पर सवाल उठाए जाने पर सीजीआई ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे आरोप बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.सीजीआई ने सख्त शब्दों में कहा कि ‘मुख्य न्यायाधीश के तौर पर मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा. मैं इस पर सख्त चेतावनी जारी कर रहा हूं.’