Congress screening committees List: कांग्रेस पार्टी ने 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है. केरल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और बेस्ट बंगाल में ये समितियां प्रत्याशी चयन का काम देखेगी. असम के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा, केरल के लिए मधुसूदन मिस्री, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए टीएस देव और पश्चिम बंगाल के लिए बीके हरिप्रसाद चेयरमैन बनाए गए हैं. चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है और वह चुनाव में किसी तरह की कोई चूक नहीं चाहती.
स्क्रीनिंग कमेटियों के नाम तय हुए
कांग्रेस नेतृत्व ने शनिवार को चुनाव वाले राज्यों के लिए पार्टी उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए स्क्रीनिंग कमेटियों के नाम तय किए और AICC महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को असम के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया. उत्तर प्रदेश की AICC महासचिव प्रभारी का पद छोड़ने के बाद वाड्रा को यह पहला संगठनात्मक (अल्पकालिक काम) मिला है. तब से वह बिना किसी खास काम के महासचिव थीं, हालांकि वह वायनाड से लोकसभा सदस्य हैं.

प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम कांग्रेस पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटियों में शामिल नेताओं की लिस्ट में आया है, जो चुनाव वाले राज्यों के लिए पार्टी उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करेंगी. प्रियंका गांधी वाड्रा हाल ही में काफी चर्चा में रही हैं, खासकर संसद में उनके भाषणों के बाद, अपने निर्वाचन क्षेत्र के बारे में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उनकी मुलाकात के बाद, जो सदन में हल्के-फुल्के माहौल में हुई थी. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा आयोजित संसद सत्र के बाद होने वाली पारंपरिक चाय पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके मज़ाक ने उनके बारे में चर्चा को और बढ़ा दिया.
मधुसूदन को केरल की कमान
AICC की विज्ञप्ति के अनुसार, मधुसूदन मिस्त्री को केरल के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया. तो वहीं, टीएस सिंह देव को तमिलनाडु और पुडुचेरी के पैनल का प्रमुख नियुक्त किया गया. इसके अलावा बीके हरिप्रसाद को पश्चिम बंगाल की कमान सौंपी गई. स्क्रीनिंग कमेटियों द्वारा संबंधित PCCs के साथ सलाह-मशविरा के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों पर कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति में चर्चा की जाएगी, जो पार्टी उम्मीदवारों का अंतिम चयन करती है.
ये नियुक्तियां कांग्रेस पार्टी की आने वाले चुनावों की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण चरण को चिह्नित करती हैं. वरिष्ठ नेताओं को प्रमुख चुनावी मैदानों में उम्मीदवार चयन और आंतरिक रणनीति को संभालने का काम सौंपा गया है. देखना होगा कि कांग्रेस की यह चाल कितनी कारगार साबित होती है.