एडमिनिस्ट्रेशन ने दीवार से आपत्तिजनक शब्द हटा दिए
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इससे घिनौना कुछ नहीं हो सकता
बांट दिया इस धरती को, क्या चाँद सितारों का होगा?
बहती नदियों के कुछ नाम रखे, बहती धाराओं का क्या होगा?
सरहद खींच दी इंसानों ने, पर्वत कब झुक पाए हैं,
हवा को किसने रोका अब तक, बादल किसके हो पाए हैं।
नफ़रत की दीवारें ऊँची हैं, पर प्रेम अभी भी जिंदा है,… pic.twitter.com/fTy8Ly79YM— Garima Mehra Dasauni (@garimadasauni) February 27, 2026