SFJ Sleeper Cell: गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दो जगहों पर नारे लिखने के आरोप में दो खालिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि ये दोनों आतंकवादी अमेरिका में रहने वाले खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और भारत में उनके संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ के मार्गदर्शन में काम कर रहे थे. पन्नू के कनाडा में रहने वाले एक करीबी सहयोगी ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बलजिंदर और रोहित उर्फ कीरथ को हायर किया था. बलजिंदर दिल्ली में एम्बुलेंस चलाता है, जबकि रोहित उसका पार्टनर है.
इस साजिश का मास्टरमाइंड दिल्ली के तिलक नगर का रहने वाला है. 26 जनवरी से कुछ दिन पहले कनाडा गया था और पन्नू के सीधे संपर्क में था. दोनों आतंकवादियों को दिल्ली में खालिस्तान जिंदाबाद लिखने के लिए 2 लाख रुपये देने का वादा किया गया था. पूरी साजिश कनाडा से रची गई थी और मकसद 26 जनवरी से पहले राजधानी में अशांति फैलाना था. दिल्ली पुलिस ने दोनों आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके अन्य करीबी सहयोगियों की तलाश जारी है.
दिल्ली में अशांति फैलाना मकसद
हफ्तों पहले 23 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राजधानी में अशांति फैलाने की कथित धमकियों को लेकर पन्नू के खिलाफ फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज की थी. मीडिया सूत्रों ने के अनुसार, यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुए एक वीडियो के बाद शुरू की गई. इसमें पन्नू ने कथित तौर पर गणतंत्र दिवस के आसपास दिल्ली को निशाना बनाने की धमकियां दी थीं. वीडियो में उसने दावा किया था कि रोहिणी और डाबरी जैसे इलाकों में तथाकथित स्लीपर सेल के जरिए खालिस्तान समर्थक पोस्टर चिपकाए गए हैं. स्पेशल सेल द्वारा बताए गए स्थानों पर मौके पर वेरिफिकेशन करने पर ऐसे कोई पोस्टर नहीं मिले. आगे की जांच जारी है.
क्या है सिख फॉर जस्टिस
एसएफजे की स्थापना 2007 में गुरपतवंत सिंह पन्नू ने की थी. पन्नू अमेरिका में रहने वाला 50 साल का एक वकील हैं. पन्नू की वेबसाइट के अनुसार, एसएफजे का मकसद भारतीय राज्य पंजाब को खालिस्तान के नाम से एक संप्रभु राज्य बनाना है. पन्नू 2000 के दशक से ही अमेरिका और कनाडा में सिख समुदाय के बीच खालिस्तान आंदोलन में एक्टिव रहा है. बता दें कि पन्नू सिख फॉर जस्टिस की आड़ में भारत में अशांति फैलाने को लेकर आए दिन कुछ न कुछ बयान देता रहता है.