Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून का सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. अब दिल्ली से देहरादून की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज और आरामदायक होने जा रही है. ये पूरा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद ये सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा. ये पूरा सफर जाम, शोर और लंबी ड्राइव की थकान से राहत देगा. इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के संतुलन के साथ मिलकर बनाया गया है. वर्तमान समय में 210 किलोमीटर लंबे इस सफर को पूरा करने में 6-7 घंटे का समय लगता है. वहीं इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद ये समय घटक ढाई घंटे रह जाएगा. पीएम मोदी 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे.
साउंडप्रूफ है एक्सप्रेसवे का हिस्सा
दरअसल इस एक्सप्रेसवे को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस पर सफर करने से आप 210 किलोमीटर के इस सफर को केवल ढाई घंटे में पूरा कर सकेंगे. ये देश के चुनिंदा एक्सप्रेसवे में से है, जो जंगल और रिहायशी इलाकों से होकर गुजरता है. जंगल और रिहायशी इलाकों में लोगों और जानवरों को किसी तरह की परेशानी न हो. इसके लिए साउंडप्रूफ एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. इससे नॉइज पॉल्यूशन कम होगा और आसपास के इलाकों, खासकर जानवरों को राहत मिलेगी. साउंडप्रूफ बनाने के लिए इसका एक बड़ा हिस्सा एलिवेटेड बनाया गया है.
की गईं ये व्यवस्थाएं
एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर में से एक प्रोजेक्ट इसी का एक हिस्सा है. ग्रीन एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए हजारों पेड़ लगाए जा रहे हैं. साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोलर लाइटिंग जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि ये पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके. इस एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स, सर्विस लेन, आराम करने के लिए जगह और फास्टैग आधारित टोल सिस्टम जैसे फायदे मिल सकते हैं.
क्या होगा फायदा?
इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली, बागपत, शामली, सहारनपुर और देहरादून से जोड़ा जाएगा. इससे मसूरी और ऋषिकेश जाने वाले लोगों को काफी फायदा हो सकता है. तेज कनेक्टिविटी से वीकेंड टूरिज्म बढ़ेगा और साथ ही उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच व्यवसाय क्षेत्र में भी बड़ी राहत मिलने का अनुमान है.