Youth connect Program: भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान किया है. विकसित भारत की इस संकल्पना को साकार करने में युवा आबादी की अहम भूमिका होगी. शिक्षा मंत्रालय ने युवाओं को इस भूमिका के लिए तैयार करने की पहल करने का निर्णय लिया है. बता दें कि, कार्यक्रम के जरिए छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2045 के विजन के बारे में बताया जा रहा है कि, कैसे भारत एक विकासशील देश से विकसित देश के रूप में उभरेगा. इसी मिशन के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन गीता कॉलोनी में भी युवा कार्यक्रम का आयोजन हुआ. यह ‘विकसित भारत युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित हुआ. इस दौरान कॉलेज के सैकड़ों छात्र कार्यक्रम में जुड़े. इसी तरह से दिल्ली के अन्य कॉलेज में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
देश के विकास में छात्रों की भूमिका पर जोर
बता दें कि, कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से परिचित कराना था. कार्यक्रम की मुख्य वक्ता साक्षी शाह ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों के ऐतिहासिक सफर और इसकी उपलब्धियों को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के साथ साझा किया. इस दौरान पीपीटी प्रस्तुति से विद्यार्थियों को देश के विकास में उनकी भूमिका समझाई गई.
क्या शिक्षा मंत्रालय का प्लान
बता दें कि, इस मिशन के लिए शिक्षा मंत्रालय युवाओं को दो तरह से तैयार कर रहा है. पहला, उन्हें विकासशील भारत मिशन के लिए जागरूक मानव शक्ति के रूप में निखारा जाएगा. दूसरा, इस लक्ष्य में उनकी सलाह लेकर उन्हें पूरी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा और उन्हें इस मिशन के प्रभावी सक्रिय तत्वों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा.
सफल रहा पहला चरण
PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण का आयोजन 2025 में किया गया था. पहले चरण में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर 2026 में दिल्ली में यह कार्यक्रम तय किया गया था. यहां राष्ट्रीय राजधानी के 35 से ज्यादा कॉलेज शामिल होंगे, जिससे युवाओं के एक बहुत बड़े वर्ग तक पहुंच प्राप्त होगी और संस्थानों के साथ गहरा जुड़ाव उत्पन्न होगा.
दिल्ली में दूसरे चरण की शुरुआत
बता दें कि, मेरा युवा भारत (MY Bharat) के तहत ‘विकसित भारत युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम का दूसरा चरण 09 मार्च 2026 से दिल्ली में शुरू हुआ. यह पहल दिल्ली के 35 से अधिक कॉलेजों में 10,000 से अधिक छात्रों को 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के दृष्टिकोण से जोड़ती है. इसमें संवाद सत्र, युवा संवाद (युवा संवाद) और ज्ञान-साझाकरण गतिविधियां शामिल की जाएंगी.