Menaka Guruswamy: सोमवार को इतिहास रचा गया, जब मेनका गुरुस्वामी, जो भारत की पहली खुले तौर पर LGBTQ सांसद हैं, उन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. मेनका और उनकी दोस्त अरुंधति काटजू ने तब एक कपल के तौर पर अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया, जब सुप्रीम कोर्ट ने ब्रिटिश ज़माने के IPC की धारा 377 को आंशिक रूप से खत्म कर दिया था. इस जोड़ी ने इस धारा के खिलाफ एक लंबी लड़ाई लड़ी थी, जो आपसी सहमति से बने समलैंगिक रिश्तों को अपराध मानती थी. दोनों ने फरीद ज़कारिया के एक शो में यह घोषणा की थी कि वो एक कपल हैं.
मेनका रातों-रात कैसे हुईं मशहूर
यह बात 2019 की है, जब मेनका और अरुंधति ने सुप्रीम कोर्ट को इस बात के लिए राज़ी कर लिया था कि IPC की धारा 377 के तहत आपसी सहमति से किए गए समलैंगिक कृत्यों को अपराध न माना जाए. यही वो केस था, जिसने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया और मेनका को रातों-रात मशहूर बना दिया. मेनका देश में लैंगिक समानता वाले वैवाहिक अधिकारों के केस में याचिकाकर्ताओं में से एक हैं. यह केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और इसमें लिंग की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के लिए वैवाहिक अधिकारों की मांग की गई है. वह समलैंगिक विवाहों की एक ज़ोरदार समर्थक हैं.
RG कर केस में TMC की वकील
मेनका ने RG कर रेप केस में और हाल ही में, राज्य में I-PAC के खिलाफ ED के केस में TMC का प्रतिनिधित्व किया है. इस वजह से उन्हें BJP की नाराज़गी का सामना करना पड़ा है. मेनका उस याचिका में नंदिनी सुंदर की वकील भी थीं, जिसमें सलवा जुडूम को खत्म करने की मांग की गई थी. सलवा जुडूम आदिवासियों का एक हथियारबंद समूह था, जिसे राज्य सरकार ने नक्सलियों का मुकाबला करने के लिए बनाया था. यह केस छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ था, और याचिकाकर्ताओं की जीत हुई थी. जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने ही इस बल को भंग करने का आदेश दिया था.
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कितनी पढ़ी-लिखीं हैं मेनका
मेनका गुरुस्वामी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड लॉ स्कूल और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया से पढ़ाई की है. वह ऑक्सफोर्ड में रोड्स स्कॉलर और हार्वर्ड में गैमन फेलो थीं. वह येल लॉ स्कूल, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ लॉ और यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोरंटो फैकल्टी ऑफ़ लॉ में विज़िटिंग फैकल्टी रही हैं. वो B.R. 2017 से 2019 तक कोलंबिया लॉ स्कूल में अंबेडकर रिसर्च स्कॉलर और कानून की लेक्चरर रहीं, जहाँ उन्होंने संघर्ष-पश्चात लोकतंत्रों में संवैधानिक संरचना (constitutional design) विषय पढ़ाया.