Dzukou Valley Fire: मणिपुर और नागालैंड की सीमा पर स्थित मशहूर ज़ुकू घाटी में पिछले तीन दिनों से एक बड़ी जंगल की आग लगी हुई है. यह खूबसूरत जगह जो अपनी दुर्लभ लिली और हरी-भरी पहाड़ियों के लिए जानी जाती है, फिलहाल आग की लपटों से जूझ रही है, जो नागालैंड से मणिपुर में फैल गई हैं. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्थानीय वॉलंटियर्स के मौके पर होने के बावजूद स्थिति गंभीर बनी हुई है.
ज़ुकू जैसी ऊंची पहाड़ियों वाली घाटियों में जंगल की आग अक्सर इंसानी गतिविधियों और पर्यावरण की स्थितियों के मेल से लगती है.
क्यों लगी आग?
हालांकि, आग लगने की सही वजह की अभी भी जांच चल रही है, लेकिन इस इलाके में ज्यादातर आग ट्रेकिंग गतिविधियों या कैंपसाइट पर गलती से छोड़ी गई चिंगारियों से लगती है. सर्दियों के महीनों में घाटी सूखी घास और बांस से ढक जाती है. यह वनस्पति आग के लिए एकदम सही ईंधन का काम करती है. जैसे ही एक छोटी सी चिंगारी इस सूखे बायोमास से मिलती है, आग लहरदार ज़मीन पर तेज़ी से फैल जाती है. मणिपुर सीमा की ओर आग का फैलना थर्मोडायनामिक्स के विज्ञान और स्थानीय हवा के पैटर्न पर निर्भर करता है.
Fire in the mountain.
It started in Dzuko Valley and moved upward. The fire reached Mount Esii, the highest peak in Manipur.
It has burned for two days without stopping.
It is still burning. https://t.co/thsysgCM2T pic.twitter.com/LTXMDDjIaQ
— 𝙾𝚞𝚛𝚘 𝙺.🎋🐺 (@OuroKenobi) January 29, 2026
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किस वजह से आगे बढ़ रही आग?
पहाड़ी इलाकों में ढलान वाली हवाएं एक बड़ी भूमिका निभाती हैं. दिन के दौरान हवा गर्म होती है और ऊपर की ओर बढ़ती है, जिससे आग की लपटें भी साथ जाती हैं. क्योंकि ज़ुकू लगभग 2,438 मीटर की ऊंचाई पर है, इसलिए ऑक्सीजन का स्तर और हवा की गति एक चिमनी प्रभाव पैदा करती है. चिमनी प्रभाव उछाल के कारण किसी क्षेत्र में हवा का अंदर और बाहर प्राकृतिक रूप से चलना है, जिसमें गर्म हवा, जो ठंडी हवा से हल्की होती है, ऊपर उठती है, जिससे ठंडी हवा नीचे रहती है. जंगल की आग के संदर्भ में, चिमनी प्रभाव एक प्राकृतिक घटना की तरह काम करता है जो आग को और तेज़ कर देता है.
किसलिए मशहूर है जूकू वैली?
नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित ज़ुकू वैली नॉर्थईस्ट का सबसे बड़ा छिपा हुआ रहस्य है. यह हरी-भरी, लहरदार घाटी जून और सितंबर के बीच मॉनसून के मौसम में फूलों का स्वर्ग बन जाती है, जिसमें मशहूर ज़ुकू लिली पूरी तरह से खिल जाती है-यह एक खास फूल है जो सिर्फ यहीं उगता है. इस घाटी में रोडोडेंड्रोन, एकोनिटम और जंगली जड़ी-बूटियां भी भरपूर मात्रा में पाई जाती हैं. इसकी एकांतता इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाती है, जो इकोटूरिस्ट और ट्रेकिंग के शौकीनों दोनों को आकर्षित करती है. जुकू वैली में घूमने का सबसे अच्छा समय जून से सितंबर तक रहता है.