Live
Search
Home > देश > मोटापे की असली जड़ है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड! हार्ट के लिए भी घातक, आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में सामने आया सच

मोटापे की असली जड़ है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड! हार्ट के लिए भी घातक, आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में सामने आया सच

Ultra-processed foods Side effects: हाल ही में हुए भारत के आर्थिक सर्वेक्षण में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स (यूपीएफ) की बढ़ती खपत पर चिंता जताई गई है. संसद में पेश किए गए सर्वेक्षण में इन अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स (यूपीएफ) को आहार की गुणवत्ता में गिरावट के साथ ही मोटापे, डायबिटीज, हार्ट रोग और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के हाई रिस्क से जोड़ा गया है. इस तरह के फूड्स को हेल्थ एक्सपर्ट भी ठीक नहीं मानते हैं. आइए जानते हैं कि आखिर, सेहत के लिए अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स अनहेल्दी क्यों? इस बारे में बता रहीं हैं डाइटिशियन प्रीती पांडे-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: 2026-01-30 16:40:24

Mobile Ads 1x1

Ultra-processed foods Side effects: हाल ही में हुए भारत के आर्थिक सर्वेक्षण में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स (यूपीएफ) की बढ़ती खपत पर चिंता जताई गई है. टीम ने इसे बढ़ते मोटापे और स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है. संसद में पेश किए गए सर्वेक्षण में इन अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स (यूपीएफ) को आहार की गुणवत्ता में गिरावट के साथ ही मोटापे, डायबिटीज, हार्ट रोग और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के हाई रिस्क से जोड़ा गया है. इस तरह के फूड्स को हेल्थ एक्सपर्ट भी ठीक नहीं मानते हैं. इसी तहत सरकार द्वारा यूपीएफ पर हाई टेक्स, पैकेट के सामने सख्त चेतावनी लेबल और समय-आधारित विज्ञापन प्रतिबंध (सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक) सहित कई कदम उठाने की सिफारिश की गई है. अब सवाल है कि आखिर, सेहत के लिए अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स अनहेल्दी क्यों? अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स के अधिक सेवन से किन बीमारियों का खतरा? इस बारे में India News को बता रहीं हैं अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ की डाइटिशियन प्रीती पांडे-

मोटापे की जद में बड़ी संख्या

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-21 के अनुसार, 24 प्रतिशत भारतीय महिलाएं और 23 प्रतिशत भारतीय पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं. 15-49 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में 6.4 प्रतिशत मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 4 प्रतिशत है. पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में अधिक वजन 2015-16 में 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 2019-21 में 3.4 प्रतिशत हो गया. यह समस्या और बढ़ने की आशंका है. सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि 2020 में भारत में 33 लाख से अधिक बच्चे मोटापे से ग्रस्त थे, और यह आंकड़ा 2035 तक बढ़कर 83 लाख हो जाने का अनुमान है. सर्वेक्षण में कहा गया है, इसी अवधि के दौरान पुरुषों और महिलाओं दोनों में मोटापे की दर लगभग दोगुनी हो गई है.

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स क्या हैं?

डाइटिशियन प्रीती पांडे बताती हैं कि, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स वजन बढ़ाने और अनकंट्रोल क्रेविंग बढ़ाते हैं. जबकि कम प्रोसेस्ड और नेचुरल फूड्स खाने से वजन कम करना आसान होता है. चौंकाने वाली बात यह है कि जब अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की कैलोरी हेल्दी फूड के बराबर हो, तब भी खाने की क्वालिटी आपकी सेहत और वजन पर बहुत बड़ा असर डाल सकती है. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में सिर्फ जंक फूड ही नहीं होते हैं, बल्कि इनमें पैकेज्ड स्नैक्स, शुगरी अनाज, फास्ट फूड, माइक्रोवेव में बनने वाले फूड्स, सॉस, सोडा शामिल होते हैं. जिन फूड्स में कई तरह के रसायन, प्रिजर्वेटिव्स, कलर्स, फ्लेवर और एडेड शुगर या फैट मिलाए जाते हैं, उन्हें भी अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड माना जा सकता है.

सेहत के लिए अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स अनहेल्दी क्यों?

एक्सपर्ट की मानें तो, मोटापा आज गंभीर बीमारी बनकर उभरा है. कभी यह परेशानी उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन आज इसके शिकार युवा भी हैं. इसका सबसे बड़ा कारण अनहेल्दी खानपान. अधिकतर जंक फूड को वजन बढ़ाने वाला माना जाता है और वेट लॉस में इन्हें न खाने की सलाह दी जाती है. अब नए सर्वे के मुताबिक, कम कैलोरी वाले अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स खाने से भी वजन बढ़ सकता है. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बना लें.

सर्वेक्षण के मुताबिक, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स औद्योगिक रूप से निर्मित उत्पाद हैं जो प्रसंस्करण के कई चरणों से गुजरते हैं. इनमें स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थ, पायसीकारक, रंग और मिठास जैसे योजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर घरेलू भोजन में नहीं किया जाता है. इनमें आमतौर पर वसा, चीनी और नमक की मात्रा अधिक होती है, लेकिन फाइबर और पोषक तत्वों की मात्रा कम होती है. इनमें पैकेट बंद स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, मीठे पेय पदार्थ, पुनर्गठित मांस उत्पाद और तैयार भोजन शामिल हैं.

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स नुकसानदायक क्यों?

एक्सपर्ट के मुताबिक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में अक्सर सैचुरेटेड फैट, साल्ट और शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. जब हम ये फूड्स खाते हैं, तो हम पोषक तत्वों वाले फूड्स का सेवन कम करते हैं, जिससे शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स नहीं मिल पाते हैं. इन फूड्स में कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे मोटापा, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है. कुल मिलाकर यह माना जा सकता है कि इन फूड्स का ज्यादा सेवन करने से सेहत से जुड़ी कई परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो स्वस्थ रहने के लिए लोगों को कम शुगर, कम चीनी और कम फैट वाले फूड्स खाने चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि नेचुरल फूड्स का सेवन किया जाए, ताकि सेहत दुरुस्त हो सके.

सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव

पिछले साल के आर्थिक सर्वेक्षण पर आधारित, जिसमें अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों पर उच्च कर और पैकेट के सामने सख्त लेबलिंग का प्रस्ताव था, नवीनतम सर्वेक्षण में नीतिगत विकल्पों का विस्तृत विवरण दिया गया है. इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित सभी मीडिया माध्यमों पर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक विज्ञापन पर समय-आधारित प्रतिबंध लगाने और निर्माताओं द्वारा स्कूल और कॉलेज के कार्यक्रमों के प्रायोजन को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया गया. लेबलिंग के संबंध में, सर्वेक्षण में 29 संगठनों के एक बहु-क्षेत्रीय बयान का हवाला दिया गया, जिसमें स्वास्थ्य सितारे जैसी रेटिंग प्रणालियों के बजाय चेतावनी लेबल लगाने की सिफारिश की गई थी.

Tags:

MORE NEWS

Home > देश > मोटापे की असली जड़ है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड! हार्ट के लिए भी घातक, आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में सामने आया सच

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: 2026-01-30 16:40:24

Mobile Ads 1x1
Tags:

MORE NEWS