IDFC First Bank: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को चंडीगढ़, मोहाली, पंचकुला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में कुल 19 जगहों पर छापेमारी की. आपको बता दें कि यह कार्रवाई IDFC First Bank से जुड़े उस कथित घोटाले के मामले में की गई है, जिसमें सरकारी खातों से लगभग 597 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के गबन का आरोप है.
क्या है पूरा मामला?
एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी खातों से जुड़े करीब 597 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है. यह पैसा बैंक में सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखा जाना था, लेकिन आरोप है कि इसे बिना अनुमति के हड़प लिया गया. ईडी ने बताया कि उसने इस मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत शुरू की है. यह जांच फरवरी में पंचकुला में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. इस एफआईआर में IDFC First Bank और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के खातों में बची रकम में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था.
90 से अधिक अकाउंट फ्रीज हुए
12 मार्च को ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली, पंचकुला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान जांच में पता चला कि गबन की गई धनराशि को कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर भेजा गया था. साथ ही एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान 90 से अधिक बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए और आपत्तिजनक डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए गए. हालांकि, मामले में आगे की जांच जारी है.