Civil Engineer to Armani Runway: मुंबई के 24 साल के शुभम वैदकर ने पुरानी सोच को तोड़ते हुए सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री छोड़कर अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में अपनी जगह बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने यह साबित कर दिया कि पक्के इरादे और लगन से आप दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकते हैं. जहां, हाल ही में उन्होंने मिलान फैशन वीक में दिग्गज ब्रांड ‘जियोर्जियो अरमानी’ (Giorgio Armani) के लिए रैंप वॉक कर न सिर्फ अपली सफलता के सीढ़ियों पर पहुंचे बल्कि फैशन मानचित्र पर भारतीय प्रतिनिधित्व को एक नई पहचान दिलाने में बड़ा काम किया है.
एक ठोस नींव से ग्लैमर की दुनिया तक
शुभम वैदकर की कहानी किसी फिल्मी कहानी से तो बिल्कुल भी कम नहीं है. जहां, मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार (Middle Class Family) में जन्मे शुभम ने अपनी पढ़ाई सिविल इंजीनियरिंग में पूरी की. लेकिन, उस दौरान उनका सिविल इंजीनियरिंग के बजाय कुछ और करने के बारे में सोचा. सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करते ही उन्होंने फैशन जगत की बारीकियों के बारे में ध्यान से समझने के लिए अपना पूरा जी-जान लगा दिया.
मॉडलिंग से लेकर पेरिस फैशन तक का सफर
तो वहीं, मुंबई जैसे बड़े शहर में छोटे-मोटे असाइनमेंट और स्थानीय ब्रांड्स के लिए उन्होंने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की. जिसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिश करने का बड़ा फैसला लिया. इसके अलावा पेरिस और मिलान जैसे फैशन हब में अपनी जगह बनाना बिल्कुभ भी आसान नहीं था. जिसको लेकर उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ‘शुरुआत में कई रिजेक्शन्स मिले, लेकिन मैंने हार नहीं मानी’, मुझे पता था कि भारतीय चेहरों की मांग बढ़ रही है, मुझे बस सही मौके का इंतज़ार था.’
आखिरकार शुभम वैद्यर की मेहनत लेकर आई रंग
तो वहीं, शुभम की मेहनत तब रंग लेकर लाई जब उन्हें जियोर्जियो अरमानी के लिए चुना गया. इतना ही नहीं, मिलान फैशन वीक के दौरान अरमानी के शो में वॉक करना किसी भी मॉडल के लिए सर्वोच्च उपलब्धि से कम नहीं माना जाता है. जिसपर उन्होंने कहा कि रनवे पर वॉक करते समय वे सिर्फ खुद का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे, बल्कि उन हजारों भारतीय युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थे जो लीक से हटकर कुछ अलग करने का सपना देखते हैं.
शुभम ने युवाओं के लिए क्या दिया महत्वपूर्ण संदेश?
इस दौरान उन्होंने अपनी सफलता को शेयर करते हुए बताया कि शिक्षा कभी बेकार नहीं जाती है. जिसपर उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने उन्हें दबाव में काम करना सिखाया, जो फैशन की तेज रफ्तार दुनिया में बेहद ही काम आया. और आज वे उन चुनिंदा भारतीय मॉडलों में से एक हैं जो अंतरराष्ट्रीय लक्जरी ब्रांड्स के लिए पहली पसंद बन गए हैं.