JEE topper, rank 1 in UPSC for the first time, now Bhavna Garg is handling this responsibility: भावना गर्ग, जो अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता (Academic Excellence) के लिए जानी जाती हैं, इन दिनों खूब सुर्खियों बटरो रही हैं. दरअसल, IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग करने वाली और JEE की मेधावी छात्रा रहीं भावना गर्ग ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC Civil Services Examination में अखिल भारतीय प्रथम रैंक (AIR 1) हासिल कर पूरे भारत में इतिहास रच दिया था, अब उन्हें एक अत्यंत महत्वपूर्ण और नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
नई जिम्मेदारी और पदभार
हरियाणा कैडर की साल 1999 बैच की IAS अधिकारी भावना गर्ग को हाल ही में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्यालय में उप महानिदेशक (Deputy Director General) के पद पर नियुक्त किया गया है. दरअसल, यह नियुक्ति केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा मानी जाती है, जिसमें भावना गर्ग की नियुक्ती की गई है. हालाँकि, वह इससे पहले, पंजाब और हरियाणा में विभिन्न प्रमुख पदों पर पहले ही कर चुकी हैं. इसके साथ ही उनकी छवि एक ईमानदार और सख्त प्रशासनिक अधिकारी की रही है. तो वहीं, दूसरी तरफ उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि (JEE टॉपर और UPSC रैंक 1) उनके कार्य करने के तरीके में भी झलकती है, जहां वह डेटा और तकनीक का कुशलता से इस्तेमाल करना जानती हैं.
ई-गवर्नेंस पहलों का किया नेतृत्व
भावना गर्ग को एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाना जाता है जो मुश्किल समस्याओं का सरल समाधान खोजने में पूरी तरह से अपना विश्वास रखती हैं. इसके अलावा पंजाब और हरियाणा में तैनाती के दौरान उन्होंने कई ई-गवर्नेंस (E-Governance) पहलों का नेतृत्व किया. इसके साथ ही उनकी नई भूमिका में उम्मीद की जा रही है कि वह आधार के माध्यम से दी जाने वाली सरकारी सेवाओं में और अधिक सुगमता और तकनीकी मजबूती लाएंगी. उनकी यह यात्रा दर्शाती है कि एक टॉपर केवल परीक्षा तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि वह व्यवस्था में आकर वास्तविक बदलाव भी ला सकता है.
भावना गर्ग बनीं प्रेरणा का स्त्रोत
भावना गर्ग की सफलता की कहानी आज लाखों यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने यह साबित किया कि समर्पण और सही रणनीति के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षा को पहले ही प्रयास में टॉप किया जा सकता है. इसके साथ ही अब UIDAI जैसे संवेदनशील विभाग में उनकी भूमिका आधार (Aadhaar) डेटा की सुरक्षा और इसके बेहतर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होंगी.