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Excise Duty on Cigarettes: सरकार ने दिया एक और जोरदार झटका, सिगरेट होगी महंगी, कई कंपनियों के शेयर धड़ाम

Excise Duty on Cigarettes: अगर आप सिगरेट प्रेमी है तो यह खबर आपके काम की है. पान मसाला खाने वालों को सरकार ने जोरदार झटका दिया है. एक फरवरी 2026 से एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 1, 2026 20:00:20 IST

Excise Duty on Cigarettes: सिगरेट पीने वाले और पान मसाला खाने वालों को सरकार ने जोरदार झटका दिया है. धूम्रपान की चीजों पर सरकार ने एक फरवरी 2026 से एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया. इस मामले में एक आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया. दिसंबर 2025 में केंद्र ने एक नए कानून ‘सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025’ को मंजूरी दी थी. एक्साइज ड्यूटी प्रोडक्ट की लंबाई के आधार पर प्रति हजार स्टिक पर 2050 रुपये से 8500 रुपये की रेंज में लगाई जाएगी. यह ड्यूटी मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर के ऊपर अतिरिक्त होगी. सरकार का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था को और अधिक कड़ा बनाना है.

बढ़ सकते हैं दाम

सरकार के इस डिसीजन के बाद सिगरेट के दामों में वृध्दि तय मानी जा रही है, जिसका इफेक्ट धूम्रपान करने वालों की जेब पर पड़ेगा. सरकार का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर सख्ती बरतना भी है. सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी और सेस उत्पाद बनाने वाली मशीनरी की उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा. यानी जितनी क्षमता से उत्पादन होगा, उसी के अनुसार टैक्स की दर निर्धारित की जाएगी. 

क्या सिगरेट पर 40% लगेगा टैक्स

अधिसूचना के अनुसार, तंबाकू और पान मसाला पर लगाए जाने वाले नए कर (लेवी) लागू जीएसटी दरों के अतिरिक्त होंगे. नए प्रावधान मौजूदा जीएसटी मुआवजा उपकर (GST Compensation Cess) की जगह लेंगे, जो फिलहाल ‘सिन प्रोडक्ट्स’ पर अलग-अलग दरों पर लगाया जाता है. बता दें कि 1 फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े अन्य प्रोडक्ट्स पर GST के तहत 40 प्रतिशत कर लगेगा. वहीं, बीड़ी पर 18 प्रतिशत का जीएसटी टैक्स लगाया जाएगा.

तंबाकू कंपनियों के शेयर गिरे

खबर के आते ही सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई. ‘गोल्ड फ्लेक’ और ‘क्लासिक’ जैसे ब्रांड बनाने वाली मार्केट लीडर कंपनी ITC का शेयर 8.62% गिरकर 402 रुपये से 368 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है. वहीं, मार्लबो सिगरेट बेचने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में भी 12% की गिरावट दर्ज की गई. FMCG इंडेक्स में भी इसका पड़ा और ये 3% से ज्यादा गिरकर कारोबार कर रहा है.

भारत में 25.3 करोड़ स्मोकर्स

आपको बता दें भारत दुनिया में चीन के बाद सबसे ज्यादा तंबाकू सेवन करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 25.3 करोड़ लोग स्मोकिंग करते हैं. इनमें करीब 20 करोड़ पुरुष हैं और 5.3 करोड़ महिलाएं शामिल हैं.

हर साल 10 लाख लोगों की मौत

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में प्रतिवर्ष सिगरेट पीने के कारण से 80 लाख से ज्यादा लोगों की प्रीमेच्योर डेथ होती है. वहीं, इडिया में यह आंकड़ा 10 लाख से ज्यादा है. यदि इसमें अन्य तंबाकू प्रोडक्ट के सेवन के कारण हुई मौतों के आंकड़ों को भी मिलाया जाए तो भारत में हर साल लगभग 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू के सेवन की वजह से होती है. 

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Excise Duty on Cigarettes: सरकार ने दिया एक और जोरदार झटका, सिगरेट होगी महंगी, कई कंपनियों के शेयर धड़ाम

Excise Duty on Cigarettes: अगर आप सिगरेट प्रेमी है तो यह खबर आपके काम की है. पान मसाला खाने वालों को सरकार ने जोरदार झटका दिया है. एक फरवरी 2026 से एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 1, 2026 20:00:20 IST

Excise Duty on Cigarettes: सिगरेट पीने वाले और पान मसाला खाने वालों को सरकार ने जोरदार झटका दिया है. धूम्रपान की चीजों पर सरकार ने एक फरवरी 2026 से एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया. इस मामले में एक आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया. दिसंबर 2025 में केंद्र ने एक नए कानून ‘सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025’ को मंजूरी दी थी. एक्साइज ड्यूटी प्रोडक्ट की लंबाई के आधार पर प्रति हजार स्टिक पर 2050 रुपये से 8500 रुपये की रेंज में लगाई जाएगी. यह ड्यूटी मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर के ऊपर अतिरिक्त होगी. सरकार का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था को और अधिक कड़ा बनाना है.

बढ़ सकते हैं दाम

सरकार के इस डिसीजन के बाद सिगरेट के दामों में वृध्दि तय मानी जा रही है, जिसका इफेक्ट धूम्रपान करने वालों की जेब पर पड़ेगा. सरकार का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर सख्ती बरतना भी है. सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी और सेस उत्पाद बनाने वाली मशीनरी की उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा. यानी जितनी क्षमता से उत्पादन होगा, उसी के अनुसार टैक्स की दर निर्धारित की जाएगी. 

क्या सिगरेट पर 40% लगेगा टैक्स

अधिसूचना के अनुसार, तंबाकू और पान मसाला पर लगाए जाने वाले नए कर (लेवी) लागू जीएसटी दरों के अतिरिक्त होंगे. नए प्रावधान मौजूदा जीएसटी मुआवजा उपकर (GST Compensation Cess) की जगह लेंगे, जो फिलहाल ‘सिन प्रोडक्ट्स’ पर अलग-अलग दरों पर लगाया जाता है. बता दें कि 1 फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े अन्य प्रोडक्ट्स पर GST के तहत 40 प्रतिशत कर लगेगा. वहीं, बीड़ी पर 18 प्रतिशत का जीएसटी टैक्स लगाया जाएगा.

तंबाकू कंपनियों के शेयर गिरे

खबर के आते ही सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई. ‘गोल्ड फ्लेक’ और ‘क्लासिक’ जैसे ब्रांड बनाने वाली मार्केट लीडर कंपनी ITC का शेयर 8.62% गिरकर 402 रुपये से 368 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है. वहीं, मार्लबो सिगरेट बेचने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में भी 12% की गिरावट दर्ज की गई. FMCG इंडेक्स में भी इसका पड़ा और ये 3% से ज्यादा गिरकर कारोबार कर रहा है.

भारत में 25.3 करोड़ स्मोकर्स

आपको बता दें भारत दुनिया में चीन के बाद सबसे ज्यादा तंबाकू सेवन करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 25.3 करोड़ लोग स्मोकिंग करते हैं. इनमें करीब 20 करोड़ पुरुष हैं और 5.3 करोड़ महिलाएं शामिल हैं.

हर साल 10 लाख लोगों की मौत

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में प्रतिवर्ष सिगरेट पीने के कारण से 80 लाख से ज्यादा लोगों की प्रीमेच्योर डेथ होती है. वहीं, इडिया में यह आंकड़ा 10 लाख से ज्यादा है. यदि इसमें अन्य तंबाकू प्रोडक्ट के सेवन के कारण हुई मौतों के आंकड़ों को भी मिलाया जाए तो भारत में हर साल लगभग 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू के सेवन की वजह से होती है. 

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