Lockdown in India fact check: भारत में अचानक से डिजिटल सर्च प्लेटफॉर्म्स पर ‘लॉकडाउन इइन इंडिया’ सर्च किया जाने लगा है. इंटरनेट पर ये टॉपिक अचानक से इतना सर्च होने लगा कि हर तरफ इसकी चर्चा होने लगी. इसके ट्रेंड करने का कारण ये है कि 2020 में इसी दौरान नेशनल लॉकडाउन लगा था. इसका अर्थ है कि लॉकडाउन की छठी बरसी है. इसके अलावा हाल ही में पीएम मोदी ने भाषण के दौरान एक बयान दिया, जिसके बाद लॉकडाउन इन इंडिया ट्रेंड में आ गया. इतना ही नहीं फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लॉकडाउन की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में किसी तरह के प्रतिबंध की कोई योजना नहीं है. इससे साफ है कि ये खबर भ्रामक है.
क्या था पीएम मोदी का बयान?
बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने 2020 के कोविड लॉकडाउन और वर्तमान पश्चिम एशिया संकट को लेकर एक तुलनात्मक उदाहरण दिया. इस बयान में उन्होंने युद्ध के प्रभाव को एक चुनौती बताया. उन्होंने लोगों से अपील की कि कोविड काल में जिस तरह सामूहिक धैर्य, एकता दिखाई थी, उसी तरह अब भी तैयार रहे. हालांकि उन्होंने किसी घरेलू प्रतिबंध के बारे में घोषणा नहीं की. हालांकि कोविड का नाम सुनकर लोगों में घबराहट देखने को मिली.
मंत्रालयों ने दिया ये बयान
सर्च ट्रेंड के वायरल होने के बाद सरकार की तरफ से किसी भी लॉकडाउन की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें चिंता का विषय हैं. हालांकि घरेलू आवाजाही पर किसी तरह की रोकथाम किए जाने की कोई योजना नहीं है.
मंगलवार को तेजी से वायरल हुए वीडियो
भारत में लॉकडाउन ट्रेंड का मुख्य कारण वायरल एंग्जायटी स्पायरल भी है. मंगलवार को एक्स, फेसबुक और व्हाट्सएप पर तेजी से लॉकडाउन की घोषणा वाले वीडियो वायरल होने लगे. इसके कारण लोगों के मन में भ्रम पैदा हुआ कि जल्द एक बार फिर लॉकडाउन लगने वाला है. गलत सूचना और बढ़ती तेल कीमतों की खबरों ने मिलकर इसे गूगल में ट्रेंड पर पहुंचा दिया. हालांकि भारत में लॉकडाउन की खबरों को सरकार और अलग-अलग मंत्रालयों की तरफ से खारिज कर दिया गया है.