Gaurav Gogoi controversy: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब वह असम चुनाव से पहले पाकिस्तान के उच्चायुक्त से मीटिंग के कारण विवादों में हैं. असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने गोगोई और उनके परिवार से जुड़े कुछ मामले में रिपब्लिक टीवी को दिए एक इंटरव्यू में गंभीर दावे किए.
सीएम ने यह आरोप लगाया कि गोगोई के पास लाहौर का वीजा था लेकिन वह रावलपिंडी भी गए थे. इससे गोगोई की परेशानी और भी बढ़ गई. बता दें कि रावलपिंडी में पाकिस्तान सेना का मुख्यालय है. अब सीएम सरमा ने प्रश्न किया कि एक इंडियन सांसद को ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में जाने की परमिशन किसने दी.
परिवार पर भी आरोप
सीएम सरमा का दावा है कि कांग्रेस नेता गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ बीते लगभग 12 सालों से पाकिस्तान के एक शख्स के संग प्रोफेशनली तौर पर वर्क कर रही हैं. सरमा ने गोगोई की पत्नी और दोनों बच्चों के बारे में बताया कि उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता भी हासिल कर ली है. सरमा के मुताबिक, फैमिली के इन मेंबर्स ने अपना धर्म परिवर्तन भी कराया है और हिंदू धर्म छोड़ दिया. असम सीएम ने आरोप लगाया कि गोगोई अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान गए थे. देश को इसके बारे में पूरी सच्चाई पता चलना चाहिए.
कांग्रेसियों ने बताया राजनीति
संसद का सत्र के बीच इस तरह के मामले ने सियासी दलों में खींचतान और भी बढ़ा दी है. विपक्ष व सरकार के बीच पहले से तीखी नोकझोंक चल रही है. कांग्रेस नेताओं ने इस बात को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया. कांग्रेसियों ने कहा कि बिना सबूत के किसी की पर्सनल लाइफ को टारगेट नहीं करना चाहिए. असम में इसी साल अप्रैल और मई में चुनाव हो सकते हैं. ऐसे में वीजा नियमों और नागरिकता जैसे मुद्दे बेहद संवेदनशील माने जाते हैं. यह मामला सोशल मीडिया पर जोरों-शोरों से चल रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि MP के कथित पाकिस्तान लिंक की जांच कर रही असम की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को उनके ट्रैवल प्लान में बदलाव के बारे में पता चला, क्योंकि उन्होंने उनसे बिना पूछताछ किए उनका पासपोर्ट ज़ब्त कर लिया था. इस मसले पर प्रदेश में पक्ष और विपक्ष में जमकर बवाल मचा हुआ है. साथ ही लोगों के बीच भी गोगोई का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. देखना होगा कि अब आगे इसमें क्या नया मोड़ देखने को मिलेगा?