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Ashok Kharat Case: इमली के बीज और पत्थर देकर महिलाओं से क्या करता था अशोक खरात? 4850 आपत्तिजनक लिंक डिलीट, SIT का बड़ा खुलासा

Ashok Kharat Latest News: नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में विशेष जांच दल की प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने बड़ा खुलासा किया है. उनके मुताबिक, कई महिलाएं लंबे समय तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें समाज में बदनामी का डर था. अब कुछ पीड़िताएं हिम्मत दिखाते हुए सामने आई हैं और शिकायत दर्ज कराई है.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 7, 2026 22:15:06 IST

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Ashok Kharat News: महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर जिलों में कथित तौर पर अंधविश्वास फैलाकर महिलाओं का शोषण करने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई है. इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम खुलासे किए. SIT प्रमुख के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के आदेश पर इस मामले की जांच SIT को सौंपी गई है. कुल 11 मामले SIT के पास हैं. जांच के लिए 24 सदस्यों की टीम गठित की गई है.

उन्होंने बताया कि अशोक खरात के खिलाफ नासिक और अहिल्यानगर मिलाकर कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 मामले की SIT जांच कर रही है. 2 मामले अहिल्यानगर पुलिस और एक मामला नासिक पुलिस देख रही है. जांच में सामने आया है कि 8 मामले महिलाओं के साथ लैंगिक अत्याचार से जुड़े हैं. अन्य मामले धोखाधड़ी के हैं.

महिलाओं की आस्था का गलत फायदा उठाता था अशोक खरात

SIT चीफ ने बताया कि आरोपी महिलाओं की आस्था का गलत फायदा उठाता था. इमली के बीज और पत्थर देकर ‘दैवी उपाय’ बताकर पैसे वसूलता था. खुद को ‘दैवी शक्तियों वाला’ बताकर अंधविश्वास फैलाता था. महिलाओं को धमकाकर उनका शोषण करता था. पीड़िताएं डर के कारण सामने नहीं आईं.

तेजस्वी सातपुते के मुताबिक, कई महिलाएं लंबे समय तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें समाज में बदनामी का डर था. अब कुछ पीड़िताएं हिम्मत दिखाते हुए सामने आई हैं और शिकायत दर्ज कराई है.

4850 आपत्तिजनक लिंक डिलीट किए गए

उन्होंने बताया कि साइबर जांच में भी बड़े कदम उठाए गए हैं. 4850 आपत्तिजनक लिंक डिलीट किए गए. 451 सोशल मीडिया अकाउंट स्थायी रूप से बंद किए गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार, कानून के तहत 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है. अब तक 20 दिन बीत चुके हैं..अगले 40 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी जारी है.  SIT पिछले 17 दिनों से लगातार जांच कर रही है और मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.

कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर भी जांच जारी

SIT प्रमुख ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है. मांगी गई जानकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराई गई है. भविष्य में भी जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा.  साथ ही, CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के आधार पर भी उच्च स्तर पर जांच जारी है.

एसआईटी के अनुसार, अब तक की जांच में किसी भी पीड़ित के नाबालिग होने की पुष्टि नहीं हुई है. आरोपी की फिर से पुलिस कस्टडी की मांग होगी. अशोक खरात को पहले भी दो बार पुलिस कस्टडी मिल चुकी है..अब नए मामलों की जांच के लिए पुलिस फिर से उसकी कस्टडी की मांग करेगी.

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Last Updated: April 7, 2026 22:15:06 IST

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Ashok Kharat News: महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर जिलों में कथित तौर पर अंधविश्वास फैलाकर महिलाओं का शोषण करने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई है. इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम खुलासे किए. SIT प्रमुख के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के आदेश पर इस मामले की जांच SIT को सौंपी गई है. कुल 11 मामले SIT के पास हैं. जांच के लिए 24 सदस्यों की टीम गठित की गई है.

उन्होंने बताया कि अशोक खरात के खिलाफ नासिक और अहिल्यानगर मिलाकर कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 मामले की SIT जांच कर रही है. 2 मामले अहिल्यानगर पुलिस और एक मामला नासिक पुलिस देख रही है. जांच में सामने आया है कि 8 मामले महिलाओं के साथ लैंगिक अत्याचार से जुड़े हैं. अन्य मामले धोखाधड़ी के हैं.

महिलाओं की आस्था का गलत फायदा उठाता था अशोक खरात

SIT चीफ ने बताया कि आरोपी महिलाओं की आस्था का गलत फायदा उठाता था. इमली के बीज और पत्थर देकर ‘दैवी उपाय’ बताकर पैसे वसूलता था. खुद को ‘दैवी शक्तियों वाला’ बताकर अंधविश्वास फैलाता था. महिलाओं को धमकाकर उनका शोषण करता था. पीड़िताएं डर के कारण सामने नहीं आईं.

तेजस्वी सातपुते के मुताबिक, कई महिलाएं लंबे समय तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें समाज में बदनामी का डर था. अब कुछ पीड़िताएं हिम्मत दिखाते हुए सामने आई हैं और शिकायत दर्ज कराई है.

4850 आपत्तिजनक लिंक डिलीट किए गए

उन्होंने बताया कि साइबर जांच में भी बड़े कदम उठाए गए हैं. 4850 आपत्तिजनक लिंक डिलीट किए गए. 451 सोशल मीडिया अकाउंट स्थायी रूप से बंद किए गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार, कानून के तहत 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है. अब तक 20 दिन बीत चुके हैं..अगले 40 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी जारी है.  SIT पिछले 17 दिनों से लगातार जांच कर रही है और मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.

कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर भी जांच जारी

SIT प्रमुख ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है. मांगी गई जानकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराई गई है. भविष्य में भी जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा.  साथ ही, CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के आधार पर भी उच्च स्तर पर जांच जारी है.

एसआईटी के अनुसार, अब तक की जांच में किसी भी पीड़ित के नाबालिग होने की पुष्टि नहीं हुई है. आरोपी की फिर से पुलिस कस्टडी की मांग होगी. अशोक खरात को पहले भी दो बार पुलिस कस्टडी मिल चुकी है..अब नए मामलों की जांच के लिए पुलिस फिर से उसकी कस्टडी की मांग करेगी.

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