Cancer, Diabetes Medicines Cheaper: कैंसर की गंभीरता आज किसी से छिपी नहीं है. यह बीमारी भारत में एक गंभीर महामारी का रूप ले चुकी है. देश भर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 2025 के अनुमानों के अनुसार, भारत में हर साल 14 लाख से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया है. इसमें कैंसर की 17 दवाइयां सस्ती होंगी. यह देश के करोड़ों लोगों के लिए संजीवनी साबित होगा. क्योंकि, देश में 10 करोड़ से ज्यादा डायबिटीज के मरीज हैं और हर साल 14 लाख लोग कैंसर के शिकार होते हैं.
बता दें कि, इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थ सेक्टर में हर तरह फायदा पहुंचाया है. एक तरफ देश को फार्मास्युटिकल हब बनाने का ऐलान किया है. वहीं, दूसरी ओर कई गंभीर बीमारियों के इलाज को सस्ता करने का ऐलान किया है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश करते हुए कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने इन जीवन रक्षक दवाओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी और अन्य करों में भारी कटौती का प्रस्ताव दिया है. ऐसा होने न केवल मध्यम वर्ग की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि देश के हेल्थकेयर सिस्टम में इन दवाओं की पहुंच भी आसान होगी.
कैंसर की दवाइयों पर कस्टम शुल्क घटेगा
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज और ऑटोइम्यून डिजीज पर जोर दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा, कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य पुरानी गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को राहत देने के लिए 36 जीवनरक्षक दवाओं पर से कस्टम ड्यूटी खत्म किया जाएगा. इन दवाइयों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) पूरी तरह से माफ़ हो जाएगा. इसके अलावा, 6 जीवनरक्षक दवाओं को 5 प्रतिशत की रियायती कस्टम ड्यूटी वाली सूची में जोड़ने का भी प्रस्ताव किया गया है.
कैंसर डे केयर की सुविधा जिला अस्पतालों में होगी
कैंसर मरीजों पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा, कि अगले 3 सालों में सभी ज़िला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की योजना है. हालांकि, वर्ष 2025–26 में 200 डे-केयर कैंसर सेंटर शुरू किए जाएंगे. ऐसा करने के पीछे की वजह है कि, अब तक कैंसर मरीजों को दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में इलाज के लिए आना पड़ता था. जब कैंसर डे केयर की सुविधा जिला अस्पतालों में होगी तो पीड़ितों की राह आसान हो जाएगी. लंबे समय से यह मांग बड़े पैमाने पर की जा रही थी. इस परेशानी को भांपते हुए सरकार ने यह अहम कदम उठाया है.
हेल्थ सेक्टर को बेहद सुलभ बनाने का प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि हम हेल्थ सेक्टर को आम लोगों तक सर्वसुलभ बनाने के लिए कई कदम उठाने का प्रस्ताव कर रही हूं. उन्होंने इसके लिए मेडिकल क्षेत्र में हाई क्वालिटी एजुकेशन और ट्रेनिंग और समग्र शिक्षा की बात कही है. समग्र स्वास्थ्य रणनीति के तहत उन्होंने कहा है कि ये हमारी लिए अच्छी बात है कि हमारा समाज अब न्यूट्रिशनल वैल्यू को जानने लगा है. इसलिए हेल्थ पर फोकस होना सरकार का भी फर्ज है.