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फ्लाइट के दौरान कोई हादसा हो जाए तो कितना मिलता है मुआवजा? जानें क्या है नियम और दावा करने की प्रक्रिया

यदि विमान में किसी दुर्घटना के कारण यात्री की मृत्यु हो जाती है या उसे शारीरिक चोट लगती है, तो एयरलाइंस आमतौर पर मुआवज़ा देने के लिए उत्तरदायी होती हैं. हालांकि मुआवजा राशि इस बात पर निर्भर करती है कि दुर्घटना घरेलू उड़ान के अंतर्गत हुई है या अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के अंतर्गत.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: March 24, 2026 16:38:02 IST

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क्या आप जानते हैं कि जब आप फ्लाइट से यात्रा करते हैं तो एविएशन कंपनियां आपकी सुरक्षा की लिए जिम्मेदार होती हैं. यदि विमान में किसी दुर्घटना के कारण यात्री की मृत्यु हो जाती है या उसे शारीरिक चोट लगती है, तो एयरलाइंस आमतौर पर मुआवज़ा देने के लिए उत्तरदायी होती हैं. 

मुआवजा राशि इस बात पर निर्भर करती है कि दुर्घटना घरेलू उड़ान के अंतर्गत हुई है या अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के अंतर्गत. विशेष आहरण अधिकार के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह मुआवज़ा अक्सर 113,100 SDR तक और घरेलू उड़ानों के लिए 20 लाख रुपये तक हो सकता है. बता दें कि यह मुआवज़ा लापरवाही या दुर्घटना साबित करने पर आधारित होता है, प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में नहीं। 

प्रमुख मुआवजा नियम और अधिकार (अद्यतन 2025-2026)

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (MC99) और घरेलू उड़ानों के लिए कैरिज बाय एयर एक्ट, 2016 के तहत, यदि विमान में दुर्घटना के कारण किसी यात्री की मृत्यु हो जाती है या उसे शारीरिक चोट लगती है, तो एयरलाइंस उत्तरदायी होती हैं. वहीं मुआवजा राशि की बात करें तो अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर अधिकतम मुआवजा 1,13,100 SDR (Special Drawing Rights) तक मिल सकता है. गौरतलब है कि एक एसडीआर 88 रुपये के बराबर होता है. वहीं घरेलू उड़ानों यानी भारत के भू-भाग के अंदर ही यात्रा करने पर अधिकतम मुआवजा ₹20 लाख तक सीमित है.

“दुर्घटना” किसे माना जाता है? 

यह मुआवजा अप्रत्याशित बाहरी घटनाओं जैसे कि भीषण अशांति या विमान दुर्घटना पर लागू होता है, लेकिन अगर व्यक्ति पहले से बीमार है और प्राकृतिक रूप से उसकी मृत्यु हुई है तो कोई मुआवजा नहीं मिलता है. गंभीर दुर्घटनाओं, विशेष रूप से 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के यात्रियों की मृत्यु होने पर, एयरलाइंस से आमतौर पर एक निश्चित अवधि के भीतर अंतरिम राहत प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है, जो कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक भी हो सकती है।

दावा करने की प्रक्रिया 

अब सवाल ये उठता है कि मुआवजे के लिए दावा कैसे किया जाये? इसके लिए मृत व्यक्ति के परिवार या आश्रितों को और यदि व्यक्ति घायल हुआ है तो उसे एयरलाइन के पास दावा दायर करना होगा, जिसके लिए आमतौर पर मृत्यु प्रमाण पत्र, रिश्ते का प्रमाण और पुलिस रिपोर्ट की आवश्यकता होती है. यात्री एयर सेवा ऐप के माध्यम से या सीधे एयरलाइन के नोडल/अपीलीय अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं. बीमारी के मामलों में जहां उड़ान में देरी होती है या मार्ग बदल दिया जाता है, असुविधा के लिए आमतौर पर अन्य यात्रियों को मुआवजा नहीं दिया जाता है, हालांकि बीमार यात्री को चिकित्सा सहायता से संबंधित खर्चों के लिए कवर किया जा सकता है.

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Last Updated: March 24, 2026 16:38:02 IST

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क्या आप जानते हैं कि जब आप फ्लाइट से यात्रा करते हैं तो एविएशन कंपनियां आपकी सुरक्षा की लिए जिम्मेदार होती हैं. यदि विमान में किसी दुर्घटना के कारण यात्री की मृत्यु हो जाती है या उसे शारीरिक चोट लगती है, तो एयरलाइंस आमतौर पर मुआवज़ा देने के लिए उत्तरदायी होती हैं. 

मुआवजा राशि इस बात पर निर्भर करती है कि दुर्घटना घरेलू उड़ान के अंतर्गत हुई है या अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के अंतर्गत. विशेष आहरण अधिकार के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह मुआवज़ा अक्सर 113,100 SDR तक और घरेलू उड़ानों के लिए 20 लाख रुपये तक हो सकता है. बता दें कि यह मुआवज़ा लापरवाही या दुर्घटना साबित करने पर आधारित होता है, प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में नहीं। 

प्रमुख मुआवजा नियम और अधिकार (अद्यतन 2025-2026)

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (MC99) और घरेलू उड़ानों के लिए कैरिज बाय एयर एक्ट, 2016 के तहत, यदि विमान में दुर्घटना के कारण किसी यात्री की मृत्यु हो जाती है या उसे शारीरिक चोट लगती है, तो एयरलाइंस उत्तरदायी होती हैं. वहीं मुआवजा राशि की बात करें तो अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर अधिकतम मुआवजा 1,13,100 SDR (Special Drawing Rights) तक मिल सकता है. गौरतलब है कि एक एसडीआर 88 रुपये के बराबर होता है. वहीं घरेलू उड़ानों यानी भारत के भू-भाग के अंदर ही यात्रा करने पर अधिकतम मुआवजा ₹20 लाख तक सीमित है.

“दुर्घटना” किसे माना जाता है? 

यह मुआवजा अप्रत्याशित बाहरी घटनाओं जैसे कि भीषण अशांति या विमान दुर्घटना पर लागू होता है, लेकिन अगर व्यक्ति पहले से बीमार है और प्राकृतिक रूप से उसकी मृत्यु हुई है तो कोई मुआवजा नहीं मिलता है. गंभीर दुर्घटनाओं, विशेष रूप से 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के यात्रियों की मृत्यु होने पर, एयरलाइंस से आमतौर पर एक निश्चित अवधि के भीतर अंतरिम राहत प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है, जो कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक भी हो सकती है।

दावा करने की प्रक्रिया 

अब सवाल ये उठता है कि मुआवजे के लिए दावा कैसे किया जाये? इसके लिए मृत व्यक्ति के परिवार या आश्रितों को और यदि व्यक्ति घायल हुआ है तो उसे एयरलाइन के पास दावा दायर करना होगा, जिसके लिए आमतौर पर मृत्यु प्रमाण पत्र, रिश्ते का प्रमाण और पुलिस रिपोर्ट की आवश्यकता होती है. यात्री एयर सेवा ऐप के माध्यम से या सीधे एयरलाइन के नोडल/अपीलीय अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं. बीमारी के मामलों में जहां उड़ान में देरी होती है या मार्ग बदल दिया जाता है, असुविधा के लिए आमतौर पर अन्य यात्रियों को मुआवजा नहीं दिया जाता है, हालांकि बीमार यात्री को चिकित्सा सहायता से संबंधित खर्चों के लिए कवर किया जा सकता है.

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