Live TV
Search
Home > राज्य > दिल्ली > IMD का अलर्ट- दिल्ली-NCR में तेज तूफान के साथ ओलावृष्टि के आसार, किसानों के लिए क्या है जरूरी सलाह?

IMD का अलर्ट- दिल्ली-NCR में तेज तूफान के साथ ओलावृष्टि के आसार, किसानों के लिए क्या है जरूरी सलाह?

IMD Weather Alert: रविवार रात से, राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में बारिश, ओले गिरने और कहीं-कहीं आंधी-तूफान आने की संभावना है. खास तौर पर, गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा में मौसम की स्थिति में बदलाव की 50 से 70 प्रतिशत संभावना है.

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-04-05 23:37:32

Mobile Ads 1x1
Delhi NCR Weather Update: दिल्ली-NCR का मौसम एक बार फिर बदलने वाला है. रविवार रात से, राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में बारिश, ओले गिरने और कहीं-कहीं आंधी-तूफान आने की संभावना है. खास तौर पर, गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा में मौसम की स्थिति में बदलाव की 50 से 70 प्रतिशत संभावना है.
 
IMD के अनुसार, यह मौसम प्रणाली छिटपुट प्रकृति की है. इसका मतलब है कि जहां एक इलाके में भारी बारिश हो सकती है, वहीं पास का इलाका पूरी तरह सूखा रह सकता है. अनुमान है कि NCR क्षेत्र का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा सूखा रह सकता है. 
 

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव

मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण ‘पश्चिमी विक्षोभ’ है. यह भूमध्य सागर से उठने वाली नमी से भरी एक प्रणाली है, जो पूरे उत्तर भारत में बारिश, आंधी-तूफान और ओले लेकर आती है. 3 और 4 अप्रैल को इस क्षेत्र से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ गुजरा था, और उसके बचे हुए प्रभाव अभी भी महसूस किए जा रहे हैं.



 
नतीजतन अप्रैल का महीना होने के बावजूद दिल्ली का मौसम अभी अगस्त जैसा महसूस हो रहा है. गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा वे खास इलाके हैं जहां इस मौसम प्रणाली का प्रभाव आज रात सबसे ज़्यादा होने की उम्मीद है. 4 अप्रैल को, पश्चिमी विक्षोभ के कारण गुड़गांव में पहले ही भारी बारिश और ओले गिर चुके थे.
 

7 और 9 अप्रैल को और ज्यादा बिगड़ेंगे हालात

रविवार रात को भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 अप्रैल के बीच देश के एक बड़े हिस्से पर एक और भी ज़्यादा शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ का असर पड़ने की उम्मीद है. इस प्रणाली से देश के लगभग 30 से 40 प्रतिशत भूभाग के प्रभावित होने का अनुमान है, जिसमें कई बड़े राज्य शामिल हैं. इस मौसम प्रणाली का प्रभाव राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में महसूस होने की उम्मीद है. 



 

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम के इन बदलते मिजाज को देखते हुए, खासकर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. जिन इलाकों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, वहां के किसानों को सलाह दी गई है कि वे 6 अप्रैल से पहले अपनी कटाई का काम पूरा कर लें. 3 और 4 अप्रैल को गोल्फ की गेंद जितने बड़े ओले गिरे, जिससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भारी नुकसान हुआ। अब यह चिंता जताई जा रही है कि यह नुकसान और भी ज़्यादा गंभीर हो सकता है.
 
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 7 से 10 अप्रैल के बीच मैदानी इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है. हालांकि, 8 से 10 अप्रैल के बाद इस मौसम प्रणाली के कमज़ोर पड़ने की उम्मीद है, और गर्मी तेज़ी से वापस लौटेगी. अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा सूखा और काफी गर्म रहने का अनुमान है.

MORE NEWS

Home > राज्य > दिल्ली > IMD का अलर्ट- दिल्ली-NCR में तेज तूफान के साथ ओलावृष्टि के आसार, किसानों के लिए क्या है जरूरी सलाह?

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-04-05 23:37:32

Mobile Ads 1x1
Delhi NCR Weather Update: दिल्ली-NCR का मौसम एक बार फिर बदलने वाला है. रविवार रात से, राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में बारिश, ओले गिरने और कहीं-कहीं आंधी-तूफान आने की संभावना है. खास तौर पर, गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा में मौसम की स्थिति में बदलाव की 50 से 70 प्रतिशत संभावना है.
 
IMD के अनुसार, यह मौसम प्रणाली छिटपुट प्रकृति की है. इसका मतलब है कि जहां एक इलाके में भारी बारिश हो सकती है, वहीं पास का इलाका पूरी तरह सूखा रह सकता है. अनुमान है कि NCR क्षेत्र का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा सूखा रह सकता है. 
 

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव

मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण ‘पश्चिमी विक्षोभ’ है. यह भूमध्य सागर से उठने वाली नमी से भरी एक प्रणाली है, जो पूरे उत्तर भारत में बारिश, आंधी-तूफान और ओले लेकर आती है. 3 और 4 अप्रैल को इस क्षेत्र से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ गुजरा था, और उसके बचे हुए प्रभाव अभी भी महसूस किए जा रहे हैं.



 
नतीजतन अप्रैल का महीना होने के बावजूद दिल्ली का मौसम अभी अगस्त जैसा महसूस हो रहा है. गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा वे खास इलाके हैं जहां इस मौसम प्रणाली का प्रभाव आज रात सबसे ज़्यादा होने की उम्मीद है. 4 अप्रैल को, पश्चिमी विक्षोभ के कारण गुड़गांव में पहले ही भारी बारिश और ओले गिर चुके थे.
 

7 और 9 अप्रैल को और ज्यादा बिगड़ेंगे हालात

रविवार रात को भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 अप्रैल के बीच देश के एक बड़े हिस्से पर एक और भी ज़्यादा शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ का असर पड़ने की उम्मीद है. इस प्रणाली से देश के लगभग 30 से 40 प्रतिशत भूभाग के प्रभावित होने का अनुमान है, जिसमें कई बड़े राज्य शामिल हैं. इस मौसम प्रणाली का प्रभाव राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में महसूस होने की उम्मीद है. 



 

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम के इन बदलते मिजाज को देखते हुए, खासकर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. जिन इलाकों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, वहां के किसानों को सलाह दी गई है कि वे 6 अप्रैल से पहले अपनी कटाई का काम पूरा कर लें. 3 और 4 अप्रैल को गोल्फ की गेंद जितने बड़े ओले गिरे, जिससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भारी नुकसान हुआ। अब यह चिंता जताई जा रही है कि यह नुकसान और भी ज़्यादा गंभीर हो सकता है.
 
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 7 से 10 अप्रैल के बीच मैदानी इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है. हालांकि, 8 से 10 अप्रैल के बाद इस मौसम प्रणाली के कमज़ोर पड़ने की उम्मीद है, और गर्मी तेज़ी से वापस लौटेगी. अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा सूखा और काफी गर्म रहने का अनुमान है.

MORE NEWS