Live TV
Search
Home > देश > सीमा पर सांप और मगरमच्छ की होगी तैनाती? सुरक्षा के लिए BSF बना रही खास प्लान; घुसपैठियों की खैर नहीं

सीमा पर सांप और मगरमच्छ की होगी तैनाती? सुरक्षा के लिए BSF बना रही खास प्लान; घुसपैठियों की खैर नहीं

Border Security Force: भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर अब सीमा सुरक्षा बल सांप, मगरमच्छ और रेंगने वाले जीवों का इस्तेमाल करने जा रही है. जिसको लेकर गृह मंत्रालय ने बीएसएफ को निर्देश दिए गए हैं.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 6, 2026 09:25:21 IST

Mobile Ads 1x1

India Bangladesh Border: भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कड़े और नरम उपाय अपनाने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) अब सवेंदनशील नदी और दलदली इलाकों में खतरनाक रेंगने वाले जीवों को तैनात करने की संभावना तलाश रहा है. जिसका मकसद जाहिर तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है. हालांकि बीएसएफ का सबसे बड़ा कदम समय-समय पर गोलीबारी का सहारा लेना रहा है, लेकिन भारत का यह सीमा रक्षक बल आमतौर पर चौबीसों घंटे की निगरानी पर निर्भर रहता है, जिसमें इस लंबी सीमा पर हथियारों से लैस जवानों द्वारा गश्त करना भी शामिल है, जो अलग-अलग तरह के इलाकों से बनी है.

पिछले कुछ सालों में बीएसएफ ने सीमा को सुरक्षित करने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित तरीकों पर भी काफी हद तक निर्भर रहना शुरू कर दिया है, जहां सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां कई हैं और अक्सर पेचीदा होती हैं.

सीमा सुरक्षा के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए जाते हैं?

सीमा के कुछ खास हिस्सों में निगरानी ड्रोन, GPS-आधारित ट्रैकिंग और लोकेशन बताने वाले गैजेट और थर्मल इमेजर जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम जैसे राज्यों में सीमा के कुछ हिस्सों में लोगों की गैर-कानूनी आवाजाही को रोकने के लिए बिजली की बाड़ भी लगाई गई है.

सांपों और मगरमच्छों का होगा इस्तेमाल

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर सांपो और मगरमच्छों जैसे रेंगने वाली जीवों का इस्तेमाल करने का रास्ता तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं. यह मामला बीएसएफ के आला अधिकारियों के लिए इतना अहम माना गया कि उन्होंने इस साल 9 फरवरी को डायरेक्टर जनरल प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस पर चर्चा और विचार-विमर्श किया. इसके बाद, 20 मार्च को BSF के नई दिल्ली मुख्यालय में आला अधिकारियों की एक और बैठक के बाद सीमा स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को संदेश भेजे गए.

एक निर्देश के मुताबिक, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के सभी सेक्टर मुख्यालयों को नदी वाले खाली हिस्सों में रेंगने वाले जीवों के इस्तेमाल की संभावना तलाशते हुए कड़ाई से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

Tags:

MORE NEWS

Home > देश > सीमा पर सांप और मगरमच्छ की होगी तैनाती? सुरक्षा के लिए BSF बना रही खास प्लान; घुसपैठियों की खैर नहीं

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 6, 2026 09:25:21 IST

Mobile Ads 1x1

India Bangladesh Border: भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कड़े और नरम उपाय अपनाने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) अब सवेंदनशील नदी और दलदली इलाकों में खतरनाक रेंगने वाले जीवों को तैनात करने की संभावना तलाश रहा है. जिसका मकसद जाहिर तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है. हालांकि बीएसएफ का सबसे बड़ा कदम समय-समय पर गोलीबारी का सहारा लेना रहा है, लेकिन भारत का यह सीमा रक्षक बल आमतौर पर चौबीसों घंटे की निगरानी पर निर्भर रहता है, जिसमें इस लंबी सीमा पर हथियारों से लैस जवानों द्वारा गश्त करना भी शामिल है, जो अलग-अलग तरह के इलाकों से बनी है.

पिछले कुछ सालों में बीएसएफ ने सीमा को सुरक्षित करने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित तरीकों पर भी काफी हद तक निर्भर रहना शुरू कर दिया है, जहां सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां कई हैं और अक्सर पेचीदा होती हैं.

सीमा सुरक्षा के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए जाते हैं?

सीमा के कुछ खास हिस्सों में निगरानी ड्रोन, GPS-आधारित ट्रैकिंग और लोकेशन बताने वाले गैजेट और थर्मल इमेजर जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम जैसे राज्यों में सीमा के कुछ हिस्सों में लोगों की गैर-कानूनी आवाजाही को रोकने के लिए बिजली की बाड़ भी लगाई गई है.

सांपों और मगरमच्छों का होगा इस्तेमाल

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर सांपो और मगरमच्छों जैसे रेंगने वाली जीवों का इस्तेमाल करने का रास्ता तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं. यह मामला बीएसएफ के आला अधिकारियों के लिए इतना अहम माना गया कि उन्होंने इस साल 9 फरवरी को डायरेक्टर जनरल प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस पर चर्चा और विचार-विमर्श किया. इसके बाद, 20 मार्च को BSF के नई दिल्ली मुख्यालय में आला अधिकारियों की एक और बैठक के बाद सीमा स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को संदेश भेजे गए.

एक निर्देश के मुताबिक, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के सभी सेक्टर मुख्यालयों को नदी वाले खाली हिस्सों में रेंगने वाले जीवों के इस्तेमाल की संभावना तलाशते हुए कड़ाई से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

Tags:

MORE NEWS