Live
Search
Home > देश > India-EU Deal: भारत-यूरोपीय संघ के बीच होने जा रही बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने व्यापार समझौता पर क्या-क्या बताया, क्‍या हो सकता है सस्‍ता?

India-EU Deal: भारत-यूरोपीय संघ के बीच होने जा रही बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने व्यापार समझौता पर क्या-क्या बताया, क्‍या हो सकता है सस्‍ता?

India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के तहत व्यापार, सुरक्षा और रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और लोगों के आपसी सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत किया जाएगा. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता सभी डील्स की जननी है.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-01-27 13:59:34

Mobile Ads 1x1

India-EU Trade Deal Details: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मंगलवार को इंडिया एनर्जी वीक 2026 कॉन्क्लेव के चौथे एडिशन का वर्चुअली उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को सभी डील्स की जननी और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका मतलब है कि यहां एनर्जी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ग्लोबल मांग को पूरा करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है. आज हम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए दुनिया के टॉप पांच देशों में से हैं. हमारा एक्सपोर्ट 150 से ज्यादा देशों तक पहुंचता है.

पीएम मोदी ने और क्या-क्या कहा?

  • पीएम मोदी ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बारे में बात करते हुए कहा कि दुनिया इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रही है. भारत और ईयू ने एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी कर ली है, जिसे व्यापार बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है.
  • प्रधानमंत्री ने एफटीए को दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया, जो उनके अनुसार, दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है.
  • उन्होंने कहा कि यह समझौता न सिर्फ व्यापार को मजबूत करता है, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है. इसके अलावा, ईयू के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और ईएफटीए के साथ हुए समझौतों को भी पूरा करेगा. इससे व्यापार और ग्लोबल सप्लाई चेन दोनों मजबूत होंगे.
  • पीएम मोदी ने टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, चमड़ा और फुटवियर जैसे सेक्टर और हर दूसरे सेक्टर से जुड़े सभी लोगों को भी बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील न सिर्फ भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी, बल्कि सर्विस से जुड़े सेक्टरों का भी ज्यादा विस्तार होगा. यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हर बिजनेस और इन्वेस्टर के लिए भारत पर दुनिया का भरोसा और मजबूत करेगा.
  • उन्होंने कहा कि आज भारत हर सेक्टर में ग्लोबल पार्टनरशिप पर बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. हम इस दशक के आखिर तक अपने ऑयल और गैस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 100 बिलियन डॉलर तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.
  • पीएम ने कहा कि हमारा लक्ष्य एक्सप्लोरेशन एरिया को एक मिलियन स्क्वायर किलोमीटर तक बढ़ाना है. इसी विजन के तहत 1.7 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर से ज़्यादा के ब्लॉक पहले ही दिए जा चुके हैं. अंडमान और निकोबार बेसिन भी हमारा अगला हाइड्रोकार्बन हब बन रहा है.
  • उन्होंने कहा कि एनर्जी सेक्टर में भारत को बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाने वाली एक और ताकत हमारी बड़ी रिफाइनिंग क्षमता है. हम रिफाइनिंग क्षमता में दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं और जल्द ही नंबर एक होंगे. आज भारत की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 260 मिलियन टन है. इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन से ज्यादा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
  • पीएम ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर कहा कि एलएनजी ट्रांसपोर्टेशन के लिए खास जहाजों की जरूरत होती है और हम उन्हें भारत में ही बनाने पर काम कर रहे हैं. हाल ही में भारत में जहाज निर्माण के लिए 70,000 करोड़ रुपये का एक प्रोग्राम शुरू किया गया है. साथ ही देश के बंदरगाहों पर एलएनजी टर्मिनल बनाने में भी निवेश के कई मौके हैं. एलएनजी के लिए बड़ी पाइपलाइनों की भी जरूरत है.
  • उन्होंने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भारत के कई शहरों तक पहुंच गया है और सरकार दूसरे शहरों को भी तेज़ी से जोड़ रही है और इसे निवेश के लिए बहुत आकर्षक सेक्टर बताया.
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आबादी इतनी बड़ी है और हमारी अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है. ऐसे भारत में पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की मांग भी लगातार बढ़ने वाली है. इसलिए हमें एक बहुत बड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी और इसमें आपका निवेश भी आपको काफी ग्रोथ देगा. इन सबके अलावा भारत में डाउनस्ट्रीम एक्टिविटीज में भी निवेश के कई मौके हैं.

भारत अब ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर सवार है- पीएम मोदी

साथ ही पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर सवार है और हर सेक्टर में तेज़ी से सुधार लागू कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्लोबल सहयोग के लिए एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल माहौल बनाने के लिए सुधार कर रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत अब एनर्जी सिक्योरिटी से आगे बढ़कर एनर्जी इंडिपेंडेंस के मिशन पर काम कर रहा है. हमारा एनर्जी सेक्टर हमारी आकांक्षाओं के केंद्र में है. इसमें 500 बिलियन डॉलर के निवेश का मौका है. मैं आपको इस आह्वान के साथ आमंत्रित करता हूं- मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया, इन्वेस्ट इन इंडिया.

भारत और यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के तहत क्या-क्या होगा?

बता दें कि भारत और यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के तहत व्यापार, सुरक्षा और रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और लोगों के आपसी सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत किया जाएगा. समझौते पर कानूनी जांच (लीगल स्क्रबिंग) के बाद करीब छह महीने में हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके बाद यह समझौता अगले साल से लागू होने की उम्मीद है.

यह समझौता अमेरिका के ऊंचे टैरिफ के असर को कम करने में भी मदद कर सकता है, क्योंकि इससे यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों को ज्यादा अवसर मिलेंगे. खासकर कपड़ा और आभूषण जैसे उत्पादों को फायदा हो सकता है.

ये कारें हो सकती हैं सस्ती

इस समझौते का एक बड़ा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ेगा. इसके तहत यूरोप की कार कंपनियों के लिए भारतीय बाजार खोला जाएगा. अभी यूरोपीय कारों पर 110 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है, जिसे घटाकर करीब 40 प्रतिशत किया जा सकता है. इससे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों की कारें भारत में सस्ती हो सकती हैं.

गौरतलब है कि भारत में हर साल बिकने वाली 44 लाख कारों में से यूरोपीय कंपनियों की हिस्सेदारी केवल 4 प्रतिशत है. भारत के कुल निर्यात में ईयू की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत है, जबकि ईयू के कुल विदेशी निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 9 प्रतिशत है.

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर रहा. इस तरह ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया. इसके अलावा सेवाओं का व्यापार भी दोनों के बीच 2024 में 83.10 अरब डॉलर तक पहुंच गया. अब दुनिया की नजर भारत-ईयू समझौते पर टिकी है.

MORE NEWS