Petrol-Diesel Price: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच, भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भरोसा दिलाया है कि भारत तेल की सप्लाई में आने वाली किसी भी रुकावट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
भारत तेल संकट से लड़ने के लिए तैयार
मंत्री जी ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है. हमारे पास तेल साफ करने (refining) की बड़ी क्षमता है, इसलिए हमें घबराने की जरूरत नहीं है.

मुख्य बातें जो आपको जाननी चाहिए
पर्याप्त स्टॉक (Adequate Stock): देश में पेट्रोल, डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) का काफी स्टॉक जमा है. फिलहाल सप्लाई की कोई कमी नहीं होगी. अलग-अलग देशों से खरीदारी: पहले भारत कुछ ही देशों पर निर्भर था, लेकिन अब हमने अपनी रणनीति बदल दी है. अब हम कई अलग-अलग देशों से तेल मंगवा रहे हैं, ताकि अगर एक रास्ता बंद हो, तो दूसरे से तेल आता रहे.
रास्ते का खतरा कम: बहुत सारा तेल अब ऐसे रास्तों से आ रहा है जो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (एक समुद्री रास्ता जहाँ अक्सर तनाव रहता है) से होकर नहीं गुजरता. इससे सप्लाई रुकने का डर कम हो गया है.
24 घंटे निगरानी (Control Room): सरकार ने एक 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है जो हर वक्त तेल के स्टॉक और सप्लाई पर नजर रख रहा है. सरकार के मुताबिक, वे अभी हालात को लेकर “काफी बेफिक्र” (comfortable) हैं.
आम आदमी पर क्या असर होगा?
सरकार का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता आम जनता के हितों की रक्षा करना है. वे लगातार दुनिया भर के हालात पर नजर रख रहे हैं ताकि न तो तेल की कमी हो और न ही कीमतों (prices) में कोई बड़ा उछाल आए.
कुल मिलाकर बात यह है कि भारत ने अपनी तैयारी पहले से कर रखी है, इसलिए विदेशी तनाव का हमारी एनर्जी सप्लाई पर तुरंत कोई बुरा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है.