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भारत-रूस रक्षा साझेदारी फिर सुर्खियों में, 288 S-400 मिसाइलों की डील को हरी झंडी

India-Russia: भारत अपने हवाई सुरक्षा और ज्यादा बढ़ने वाला है. फ्रांस से 114 राफेल विमान खरीदने के सौदे के साथ रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी है.

Written By: Vipul Tiwary
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-02-13 16:22:22

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India-Russia: केंद्र सरकार की रक्षा मामलों से जुड़ी उच्चस्तरीय समिति ने रूस से 288 अतिरिक्त S-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है. रक्षा मंत्रालय के रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने गुरुवार को कई बड़े रक्षा समझौते को मंजूरी दी है. इसमें फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे के साथ कई अन्य फैसले शामिल हैं. 
 
इसी क्रम में दुनिया के सबसे बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम S-400 को लेकर भी एक बड़ा फैसला हुा है. भारत ने रूस से ₹10,000 करोड़ के S-400 सिस्टम के लिए 288 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी है. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने एस-400 की ताकत देख ली थी. इन मिसाइलों की खरीद से भारत की ताकत और बढ़ेगी.

एस-400 मिसाइलों की जरूरत क्यों पड़ी?

पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 प्रणाली से कई मिसाइलें छोड़ी गई थीं, जिसकी वजह से मौजूदा भंडारण कम हो गया था. इसी कमी को पूरा करने के लिए अब नई मिसाइलें लाई जा रही हैं. इस सौदे के तहत 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें ली जाएंगी. इसे जितना जल्दी हो सके खरीदा जा रहा है ताकी इसकी कमी को जल्दी पूरा किया जा सके.

किस तरह की मिसाइलें शामिल हैं?

रिपोर्ट के आधार पर, S-400  लिए लंबी दूरी से छोटी दूर तक की मिसाइलें शामिल है. इसमें 400 किलोमीटर, 200 किलोमीटर, 150 किलोमीटर और 40 किलोमीटर दूरी तक मार गिराने वाली मिसाइलें शामिल हैं. ये सभी जमीन से लेकर हवा में युद्ध करने वाली मिसाइलें हैं. इन्हीं मिसाइलों की सहायता से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 314 किलोमीटर अंदर तक निशाना लगाया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान को अपना हवाई अड्डा रावलपिंडी से दूसरी जगह ले जाना पड़ा था.

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Written By: Vipul Tiwary
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Last Updated: 2026-02-13 16:22:22

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India-Russia: केंद्र सरकार की रक्षा मामलों से जुड़ी उच्चस्तरीय समिति ने रूस से 288 अतिरिक्त S-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है. रक्षा मंत्रालय के रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने गुरुवार को कई बड़े रक्षा समझौते को मंजूरी दी है. इसमें फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे के साथ कई अन्य फैसले शामिल हैं. 
 
इसी क्रम में दुनिया के सबसे बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम S-400 को लेकर भी एक बड़ा फैसला हुा है. भारत ने रूस से ₹10,000 करोड़ के S-400 सिस्टम के लिए 288 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी है. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने एस-400 की ताकत देख ली थी. इन मिसाइलों की खरीद से भारत की ताकत और बढ़ेगी.

एस-400 मिसाइलों की जरूरत क्यों पड़ी?

पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 प्रणाली से कई मिसाइलें छोड़ी गई थीं, जिसकी वजह से मौजूदा भंडारण कम हो गया था. इसी कमी को पूरा करने के लिए अब नई मिसाइलें लाई जा रही हैं. इस सौदे के तहत 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें ली जाएंगी. इसे जितना जल्दी हो सके खरीदा जा रहा है ताकी इसकी कमी को जल्दी पूरा किया जा सके.

किस तरह की मिसाइलें शामिल हैं?

रिपोर्ट के आधार पर, S-400  लिए लंबी दूरी से छोटी दूर तक की मिसाइलें शामिल है. इसमें 400 किलोमीटर, 200 किलोमीटर, 150 किलोमीटर और 40 किलोमीटर दूरी तक मार गिराने वाली मिसाइलें शामिल हैं. ये सभी जमीन से लेकर हवा में युद्ध करने वाली मिसाइलें हैं. इन्हीं मिसाइलों की सहायता से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 314 किलोमीटर अंदर तक निशाना लगाया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान को अपना हवाई अड्डा रावलपिंडी से दूसरी जगह ले जाना पड़ा था.

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