15
Vajra Prahar 2026: इंडियन आर्मी और US आर्मी के बीच जॉइंट बाइलेटरल स्पेशल फोर्सेज़ एक्सरसाइज़ सोमवार को हिमाचल प्रदेश में शुरू हुआ है. वज्र प्रहार एक्सरसाइज़ का 16वां एडिशन 15 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह में स्पेशल फोर्सेज़ ट्रेनिंग स्कूल में चलेगा. वज्र प्रहार 2026 का मुख्य मकसद रियलिस्टिक एक्सरसाइज़ के ज़रिए स्पेशल फोर्सेज़ की इंटरऑपरेबिलिटी, जॉइंट रेडीनेस और एडवांस्ड टैक्टिक्स, टेक्निक्स और प्रोसीजर्स (TTPs) के एक्सचेंज को बढ़ाकर डिफेंस संबंधों को गहरा करना है.
इंडियन आर्मी ने X पर दी जानकारी
इंडियन आर्मी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि रियलिस्टिक कंडीशंस में कड़ी ट्रेनिंग के ज़रिए, दोनों टीमें आपसी विश्वास और ऑपरेशनल सिनर्जी को मजबूत करेंगी.
Exercise #VajraPrahar 2026
The 16th edition of Exercise Vajra Prahar 2026, a premier joint Special Forces engagement between the Indian Army and the United States Army, will be held at the Special Forces Training School, Bakloh, Himachal Pradesh, from 23 February to 15 March… pic.twitter.com/55ieS1RcIl
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) February 21, 2026
15वां एडिशन अमेरिका में हुआ था
वज्र प्रहार एक्सरसाइज़ का 15वां एडिशन 2024 में USA के इडाहो में हुआ था, जिसमें 45 सैनिक, इंडियन स्पेशल फोर्सेज़ और US ग्रीन बेरेट्स ने हिस्सा लिया था. इसका मकसद टीमवर्क को बेहतर बनाकर, स्पेशल ऑपरेशन टैक्टिक्स शेयर करके और रेगिस्तानी इलाकों में जॉइंट ऑपरेशन्स के लिए स्किल्स को बेहतर बनाकर मज़बूत मिलिट्री संबंध बनाना था. 2023 में, यह एक्सरसाइज मेघालय के उमरोई में हुई थी. इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) और इंडिविजुअल ऑगमेंटेड ट्रूप्स (IAF) ने कई जॉइंट एक्सरसाइज कीं. इस एक्सरसाइज के दौरान, दोनों देशों के सैनिकों ने शिलांग में उमियम झील के ऊपर MI-17 हेलीकॉप्टर में ऑपरेट किया. हेलीकॉप्टर लैंडिंग ऑपरेशन भी किए गए, जिसमें सटीकता, कोऑर्डिनेशन और प्रोफेशनलिज़्म के हाई स्टैंडर्ड दिखाए गए.
पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में भी दिखेगी ऑपरेशनल क्षमता
इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) 27 फरवरी, 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में एक्सरसाइज वायु शक्ति-26 के ज़रिए अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को दिखाएगी. वायु शक्ति 2026 में, IAF पहली और सबसे बड़ी रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स के तौर पर लीड करेगी, जो दुश्मन को तेज़ी से जवाब देगी, एयर सुप्रीमेसी और टैक्टिकल जीत दिखाएगी और देश और विदेश में रैपिड एयर सपोर्ट और रेस्क्यू ऑपरेशन के ज़रिए मानवीय आपदाओं का जवाब देगी. फुल-स्पेक्ट्रम ऑपरेशन में तेजस, राफेल, Su-30MKI, C-17, अपाचे, चिनूक और RPA शामिल हैं, जो आकाश, स्पाइडर, SRLM और CUAS के साथ मिलकर दिन और रात के मिशन करते हैं, जिससे बेमिसाल वर्सेटिलिटी मिलती है.
जॉइंट एक्सरसाइज का 16वां एडिशन पिछले हफ्ते भारत में US एम्बेसडर सर्जियो गोर के वेस्टर्न कमांड के दौरे के बैकग्राउंड में हो रहा है, जहां उन्होंने वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार के साथ भारत के वेस्टर्न फ्रंट पर स्ट्रेटेजिक डायनामिक्स पर चर्चा की. US डेलीगेशन को वेस्टर्न फ्रंट पर किए गए ऑपरेशन्स के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें हाई लेवल की तैयारी, शानदार विरासत, ऑपरेशन सिंदूर के सफल एग्जीक्यूशन और देश बनाने और रीजनल स्टेबिलिटी में इंडियन आर्मी के अहम योगदान पर रोशनी डाली गई. US दूत का दौरा और जॉइंट स्पेशल एक्सरसाइज भारत और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच गहरे होते डिफेंस रिश्तों को दिखाता है.