Indian Army News: भारत के बहादुर सैनिकों का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. जिसके तहत सेना, नौसेना और वायु सेना के वीरता पदक पाने वालों के लिए जीवन भर मुफ़्त ट्रेन यात्रा को मंज़ूरी दे दी है. रक्षा अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह सुविधा उनके परिवार के कुछ खास सदस्यों को भी मिलेगी, जो देश के वर्दीधारी नायकों के लिए एक बड़ी कल्याणकारी पहल है.
इस फैसले के बाद वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैनिक, उनके माता-पिता और पत्नी ट्रेन में अब मुफ्त सफर कर पाएंगे. आइए जानते हैं कि इस सुविधा का लाभ किसे मिलेगा?
क्या है नया नियम?
केंद्र द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार, नीचे दी गई श्रेणियां मुफ्त यात्रा सुविधा के लिए पात्र हैं
- वीरता पुरस्कार पाने वाले: सशस्त्र बलों के वे सभी जवान जिन्हें वीरता पदक से सम्मानित किया गया है.
- जीवनसाथी: दिवंगत पुरस्कार विजेता की विधवा या विधुर, जो दोबारा शादी करने तक इस सुविधा के पात्र होंगे.
- माता-पिता: ऐसे मामलों में जहां पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया हो और पुरस्कार पाने वाला अविवाहित हो, तो उसके माता-पिता इस सुविधा के हकदार होंगे.
इसकी जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन लोगों ने असाधारण साहस का प्रदर्शन किया है, उनके परिवारों को सरकार की ओर से लगातार पहचान और सहयोग मिलता रहे.
The Government of India has issued an order to grant railway concession in the form of complimentary lifelong free travel in First Class/ 2 AC / AC Chair Car, along with one companion in trains of Indian Railways to the awardees of Sana/Nau Sena/Vayu Sena Medal gallantry… pic.twitter.com/JJXowv7rSR
— ANI (@ANI) March 26, 2026
भारतीय रेलवे में यात्रा के लिए पात्र श्रेणियां
इस नई सुविधा के तहत, लाभार्थियों को भारतीय रेलवे में अपने एक साथी के साथ जीवन भर मुफ्त यात्रा करने की अनुमति होगी. यह सुविधा निम्नलिखित श्रेणियों पर लागू होगी.
- प्रथम श्रेणी (First Class)
- द्वितीय AC (Second AC)
- AC चेयर कार (AC Chair Car)
रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा?
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस छूट का उद्देश्य देश के सम्मानित सैनिकों और उनके परिवारों को गरिमापूर्ण और आरामदायक यात्रा के विकल्प उपलब्ध कराना है. रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. उम्मीद है कि हज़ारों सैन्य परिवारों को इससे लाभ मिलेगा और अधिकारियों ने दोहराया है कि यह पहल देश के सैनिकों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदानों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता को दर्शाती है.