Indian Leaders Died In Plane Crashes: एक बार फिर से प्लेन क्रैश में देश ने बड़े नेता को खो दिया. Ajit Pawar Death की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का बुधवार को एक विमान क्रैश में निधन हो गया. यह हादसा उनके गृह जिले बारामती में हुआ. शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक विमान में सवाल सभी छह लोगों की मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि बारामती में लैंडिंग के वक्त यह हादसा हुआ. अजीत पवार बारामती से ही विधायक हैं. यह पूरा इलाका पवार परिवार का गढ़ कहा जाता है. हादसे के बाद विमान में आग लग गई और वह खाक हो गया. उनको बारामती के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था लेकिन थोड़ी देर बार उनको मृत बता दिया गया. विमान में अजीत पवार अपने सहयोगियों के साथ मौजूद थे. इस हादसे में पायलट की भी मौत हो गई है. यह विमान सुबह 8 से 9 बजे के बीच मुंबई से उड़ान भरा था.
भारत की कई जानी-मानी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं की विमान हादसों में जान जा चुकी है. इस लिस्ट में भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी जे भाभा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और कई अन्य लोग शामिल हैं. यहां उन सभी लोगों की लिस्ट दी गई है जिनकी विमान हादसे में जान चली गई.
अजीत पवार (2026)
अजीत पवार का आज बुधवार को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया. यह हादसा उनके गृह जिले बारामती में उस वक्त हुआ जब वे तीन सभा को संबोधित करने जा रहे थे. हादसा इतना भयानक था कि प्लेन में आग लग गई. प्लेन में मौजूद सभी 6 लोगों की जान चली गई. हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया.
विजय रूपाणी (2025)
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे में में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी जान गंवाने वालों में शामिल थे. उनकी इस तरह मौत से राजनैतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई थी.
होमी जहांगीर भाभा (1966)
भारत के अग्रणी परमाणु भौतिक विज्ञानी होमी जहांगीर भाभा की 24 जनवरी 1966 को एयर इंडिया फ्लाइट 101 में एक दुखद दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ गलत संचार के कारण विमान स्विस आल्प्स में मोंट ब्लैंक से टकरा गया. उनकी मौत अभी भी साजिशों से घिरी हुई है, जिसमें कई सिद्धांत इसके अलग-अलग कारण बताते हैं.
संजय गांधी (1980)
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की मौत भी इसी तरह हुई. उन्होंने इमरजेंसी (1975-77) के दौरान अहम भूमिका निभाई थी. वे खुद एक पायलट थे. 23 जून 1980 को 33 साल की उम्र में एक एरोबेटिक पैंतरेबाज़ी के दौरान अपने हवाई जहाज पर कंट्रोल खो देने से उनकी मौत हो गई. इंदिरा गांधी के राजनीतिक वारिस की मौत ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी.
माधवराव सिंधिया (2001)
माधवराव सिंधिया ब्रिटिश राज के दौरान ग्वालियर रियासत के आखिरी शासक महाराजा जीवाजी राव सिंधिया के बेटे थे. वे खुद एक बार नागरिक उड्डयन मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे. 30 सितंबर 2001 को वह एक राजनीतिक रैली के लिए कानपुर जा रहे थे. तभी उनका प्राइवेट विमान क्रैश हो गया. विमान में सवार सभी आठ लोगों के साथ उनकी भी जान चली गई.
जीएमसी बालयोगी (2002)
लोकसभा स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को एक हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई. जब पश्चिमी गोदावरी जिले के भीमावरम से उन्हें ले जा रहा एक प्राइवेट हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में कैकलूर के पास एक तालाब में गिर गया था.
साइप्रियन संगमा (2004)
मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा और नौ अन्य लोग भी हवाई यात्रा के दौरान मारे गए. वे पवन हंस हेलीकॉप्टर से गुवाहाटी से शिलांग जा रहे थे. 22 सितंबर 2004 को राज्य की राजधानी से सिर्फ 20 किमी दूर बारापानी झील के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मौत हो गई.
ओम प्रकाश जिंदल और सुरेंद्र सिंह (2005)
ओपी जिंदल ग्रुप के चेयरमैन और हरियाणा के बिजली मंत्री ओम प्रकाश जिंदल की 2005 में कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह के साथ एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई. किंग कोबरा हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहा था, तभी वह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2009)
आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी, जिन्हें YSR के नाम से जाना जाता था. उनकी 2 सितंबर 2009 को मौत हो गई थी. उनका बेल 430 हेलिकॉप्टर हैदराबाद से चित्तूर जिले के लिए उड़ा लेकिन खराब मौसम के कारण घने नल्लामाला जंगल में क्रैश हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेड्डी की मौत के बाद सदमे या आत्महत्या से 122 लोगों की मौत हो गई.
दोरजी खांडू (2011)
तत्कालीन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोगों की 30 अप्रैल 2011 को हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई. उन्हें तवांग से ईटानगर ले जा रहा पवन हंस हेलीकॉप्टर राज्य के पश्चिम कामेंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उनका शव चीन सीमा के पास लुगुथांग से बरामद किया गया था.
सीडीएस जनरल बिपिन रावत (2021)
भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल बिपिन रावत की 8 दिसंबर 2021 को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई. रावत और उनकी पत्नी मधुलिका सहित इस दुर्घटना में बारह लोगों की जान चली गई. यह घटना तमिलनाडु के कुन्नूर के पास हुई, जब वह सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे. स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुर्घटना का कारण “मानवीय त्रुटि (एयरक्रू)” था.
केएस सौम्या सत्यनारायण (2004)
दक्षिण भारतीय अभिनेत्री केएस सौम्या सत्यनारायण, जिन्हें सौंदर्या के नाम से जाना जाता है. उनकी 17 अप्रैल 2004 को एक हवाई दुर्घटना में मृत्यु हो गई. अमिताभ बच्चन की फिल्म सूर्यवंशम की सह-कलाकार, दुर्घटना के समय अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं. बताया जाता है कि उस समय वह गर्भवती थीं.
बंसी लाल के बेटे सुरेंद्र सिंह और ओपी जिंदल (2005)
हरियाणा के कृषि मंत्री और बंसी लाल के बेटे सुरेंद्र सिंह और जाने-माने उद्योगपति और ऊर्जा मंत्री ओपी जिंदल की मौत भी हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई. उनका सहारनपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक गांव में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसमें पायलट की भी मौत हो गई थी.
कांग्रेस नेता राजेश पायलट (2000)
राजेश पायलट कांग्रेस के जाने माने नेता थे. उनकी मौत असमय सड़क हादसों में हुई. राजेश पायलट का निधन जून 2000 में दौसा (राजस्थान) के पास उनके निर्वाचन क्षेत्र मे हुआ था.
गोपीनाथ मुंडे (2014)
गोपीनाथ मुंडे दिल्ली में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे. राजनीति में उनकी काफी पकड़ थी और लोगों के चहेते भी थे. तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे की दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना (कार टक्कर) में मौत हुई थी।
जगन के पिता YSR राजशेखर रेड्डी (2009)
वाई एस राजशेखर रेड्डी की हवाई दुर्घटना में मौत हो गई थी. राजशेखर रेड्डी हैदराबाद से चित्तूर के लिए रवाना हुए थे. लेकिन सुबह साढ़ नौ बजे के आसपास उनके हेलिकॉप्टर से रेडियो संपर्क टूट गया था. वे आंध्रप्रदेश के सीएम थे और लोगों में उनकी काफी लोकप्रियता थी.
प्रमोद महाजन (2006)
भाजपा के पूर्व दिग्गज नेता प्रमोद महाजन की अप्रैल 2006 में अपने ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिस वक्त प्रमोद महाजन की मौत हुई, उस समय प्रमोद महाजन राष्ट्रीय राजनीति का उभरता हुआ चेहरा थे. भाजपा में वे अपनी सांगठनिक क्षमता और चुनावी रणनीति के लिए जाने जाते थे. बेटी पूनम महाजन के अनुसार, उनकी किसी से दुश्मनी से नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश थी. मोद महाजन के भाई प्रवीण महाजन ने पारिवारिक विवाद में अपने भाई की हत्या की थी.
इंदिरा गांधी (1984)
हादसे की शिकार में आयरन लेडी के नाम से मशहूर भारत की दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी रहीं. उनकी हत्या 31 अक्टूबर 1984 को सुबह नई दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवास (1 सफदरजंग रोड) पर हुई. उनकी हत्या दो सिख बॉडीगार्ड्स, बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उन पर गोलियां चलाकर की थी. यह हत्या ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला लेने के लिए की गई थी. इस हादसे के बाद से ही देश गुस्सा फूट पड़ा था.
राजीव गाँधी (1991)
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से देश एकदम सन्न रह गया था. तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में एक चुनावी रैली के दौरान बम विस्फोट में उनकी मौत हो गई. यह हमला लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) की ओर से किया गया. एक महिला ने खुद को आत्मघाती हमलावर बनाकर किया. हार पहनाने के आतंकी धनु पैर छूने के बहाने झुकी और कमर पर बंधे आरडीएक्स को विस्फोट कर दिया. इससे नेता राजीव गांधी की मौत हो गई.