Indian Railway GK: आपने कभी न कभी ट्रेन में सफर तो किया ही होगा. इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन रिजर्वेशन टिकट बुक कराया होगा. टिकट बुक कराने के बाद एक 10 अंकों वाला पीएनआर नंबर मिलता है. बहुत से लोग इस पीएनआर नंबर के बारे में नहीं जानते. 90 फीसदी लोग इसका फुल फॉर्म तक नहीं जानते होंगे. इस नंबर के जरिए टिकट की डिटेल्स चेक की जाती हैं. इससे पता चल जाता है कि आपका टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं, आपकी टिकट किस बोगी और सीट नंबर क्या है? ये सभी जानकारी आपको PNR नंबर के जरिए मिल सकती हैं.
क्या है PNR का फुल फॉर्म?
ट्रेन में सफर करने वाले और ट्रेन की टिकट बुक कराने वाले लगभग 90 फीसदी लोग PNR का फुल फॉर्म नहीं जानते होंगे. बता दें कि जब आप अपनी रिजर्वेशन टिकट बुक कराते हैं, चाहें वो ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, तब 10 अंकों का एक नंबर मिलता है, जिसे पीएनआर नंबर कहा जाता है. इसका फुल फॉर्म पैसेंजर नेम रिकॉर्ड होता है. इसमें एक या उससे ज्यादा पैसेंजर्स की डिटेल्स हो सकती हैं. PNR स्टेटस से आपके ट्रेन के सफर की जानकारी के बारे में पता चलता है.
मिलती हैं ये डिटेल्स
PNR स्टेटस से आपकी बुकिंग कन्फर्म हुई है या नहीं? आपकी सीट के लिए कितना इंतजार करना होगा? इस पीएनआर नंबर की मदद से ट्रेन के कोट और बर्थ के साथ ही ट्रेन टिकट, उसका किराया, आगमन-प्रस्थान की तारीख और समय के बारे में जान सकते हैं. इसके अलावा आपकी ट्रेन की टिकट किस स्टेशन से कहां तक के लिए बुक हुई है, इसके बारे में भी जानकारी मिल सकती है.
विश्व का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है भारतीय रेलवे
बता दें कि भारतीय रेलवे विश्व का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है. इसके तहत लगभग 22,593 ट्रेनों के माध्यम से 2 करोड़ से ज्यादा लोग रोजाना सफर करते हैं. ट्रेन 7300 से ज्यादा स्टेशनों तक पहुंचती हैं. इनमें लोकल ट्रेनें, एक्सप्रेस, राजधानी, सेमी हाई स्पीड, शताब्दी, महाराजा एक्सप्रेस जैसी लग्जरी ट्रेनें शामिल हैं.