Indian Railway Next-Gen Trains: भारतीय रेलवे अब वंदे भारत के बाद एक और बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है. रेलवे बोर्ड ने 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले दो नए ट्रेनसेट बनाने को हरी झंडी दे दी है. यह कदम देश में सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के दौर को एक नए लेवल पर ले जाएगा.
वंदे भारत से भी तेज होगी ये ट्रेन
अभी तक वंदे भारत देश की सबसे तेज़ ट्रेन है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है. लेकिन ये नई ट्रेनें उस रिकॉर्ड को तोड़ देंगी. इस ट्रेन को उससे भी ज्यादा रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन किया गया है. यह ट्रेन पटरियों पर 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. रेलवे बोर्ड ने चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को इसके लिए मंजूरी भेज दी है. यह प्रोजेक्ट 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम का हिस्सा है. खास बात यह है कि हर ट्रेन में 16 कोच होंगे. ये ब्रॉड-गेज पर चलने वाले आधुनिक ट्रेनसेट होंगे.
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
इन हाई-स्पीड ट्रेनों का जिम्मा BEML को सौंपा गया है. अक्टूबर 2024 में ही इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया था. एक कोच को बनाने में करीब 27.86 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. पूरे कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू 866.87 करोड़ रुपये है, जिसमें डिजाइनिंग और टेस्टिंग की सुविधाएं भी शामिल हैं.
कैसी होंगी ये ट्रेनें?
इन ट्रेनों को न सिर्फ रफ्तार बल्कि आराम के मामले में भी वर्ल्ड-क्लास बनाया जा रहा है. ये मजबूत स्टील बॉडी वाले कोच बनेंगे. इसमें पूरी तरह से एयर-कंडीशंड (AC) चेयर कार सेटअप होगा. आरामदायक रिक्लाइनिंग सीटें और मॉडर्न पैसेंजर सिस्टम होगा.
रेलवे के आधुनिकीकरण का हिस्सा
फिलहाल भारत में पटरियों की क्षमता के कारण ज्यादातर ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक ही सीमित हैं. लेकिन ये नए ट्रेनसेट और बन रहे हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में भारत में रेल सफर का अंदाज पूरी तरह बदलने वाला है.