Emmanuel Macron in Mumbai: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में मुंबई की यात्रा. इस दौरान उनकी मुंबई यात्रा का एक दृश्य ने तेजी से हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींचा. दरअसल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मरीन ड्राइव और मुंबई की सड़कों पर जॉगिंग करते हुए नज़र आए. तो वहीं, दूसरी तरफ मैक्रॉन का यह अंदाज सिर्फ फिटनेस प्रेम नहीं था, बल्कि इसके पीछे गहरी कूटनीति बताई जा रही है. जिसपर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर इस घटना के पीछे के ‘गहरे अर्थ’ और इसके महत्व को समझाते हुए एक दिलचस्प विश्लेषण लोगों के साथ शेयर किया है.
हर्ष गोयनका के मुताबिक, मैक्रॉन का मुंबई की सड़कों पर आम लोगों के बीच दौड़ना भारत के प्रति उनके भरोसे और जुड़ाव को दर्शाता है. तो वहीं, जहां यह एक शक्तिशाली संदेश था कि वे भारत में खुद को सुरक्षित और बेहद ही सहज महसूस करते हैं. उन्होंने आगे बताया कि एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का प्रोटोकॉल तोड़कर सड़कों पर उतरना यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक मंच पर सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि एक ऐसा देश है जहां पश्चिमी नेता ‘जनता से जुड़ाव’ (People-to-people connect) को पहले ज्यादा प्राथमिकता देता है.
क्या है जॉगिंग के पीछे की असली वजह?
इतना ही नहीं, हर्ष गोयनका ने साफ-साफ शब्दों में आगे कहा कि इस जॉगिंग के पीछे का असली महत्व ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रदर्शन है. जिसको लेकर उन्होंने बताया कि मैक्रों दिखाना चाहते थे कि वे एक आधुनिक, ऊर्जावान और सुलभ नेता हैं जो पुराने ढर्रे की कूटनीति के बजाय आधुनिक भारत की ‘वाइब’ के साथ तालमेल बिठाना अच्छी तरह से जानते हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ मुंबई की सड़कों पर दौड़कर उन्होंने न सिर्फ युवाओं को प्रभावित किया, बल्कि फ्रांस और भारत के बीच एक अनौपचारिक और मजबूत दोस्ती का विज्ञापन भी देकर हर किसी को पूरी तरह से हैरान भी कर दिया.
यहां देखें वीडियो
Seeing President Macron running on the streets of Mumbai, two things stand out:
1. No visible convoy, minimal security, just blending into the city and doing his thing.
2. The fitness level. Leadership needs stamina as public life is demanding.
And think of our politicians 🙈! pic.twitter.com/uCuQ0XGyOc— Harsh Goenka (@hvgoenka) February 17, 2026
क्या ‘हैंडशेक’ से कहीं ज्यादा पड़ता है इसका असर?
गोयनका के विश्लेषण का सार यह बताता है कि ऐसी गतिविधियां किसी भी आधिकारिक बैठक या फिर ‘हैंडशेक’ से कहीं ज्यादा असर देखने को मिलता है. दरअसल, यह ब्रांडिंग की वह कला है, जहां एक नेता बिना कुछ कहे करोड़ों लोगों का दिल बेहद ही आसानी से जीत लेता है. तो वहीं, दूसरी तरफ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन की यह जॉगिंग वैश्विक मीडिया के लिए एक ‘विजुअल ट्रीट’ थी, जिसने भारत की सुरक्षित छवि और फ्रांस की अटूट मित्रता को एक साथ दुनिया के सामने पेश कर एक बार फिर से सभी को चौंका दिया है.