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ISS Astronaut Medical Evacuation News: अंतरिक्ष में अज्ञात बीमारी की चपेट में आया एस्ट्रोनॉट, 25 साल में ISS पर पहली हेल्थ इमरजेंसी?

ISS Astronaut Medical Evacuation News: नासा ने अपने 25 साल के इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेडिकल इवैक्यूएशन का आदेश दिया है. इसकी वजह ऑर्बिटल लेबोरेटरी में एक एस्ट्रोनॉट का "गंभीर" और अज्ञात बीमारी से बीमार पड़ जाना है.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 11, 2026 12:13:59 IST

ISS Astronaut Medical Evacuation News: नासा ने अपने 25 साल के इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेडिकल इवैक्यूएशन का आदेश दिया है. इसकी वजह ऑर्बिटल लेबोरेटरी में एक एस्ट्रोनॉट का “गंभीर” और अज्ञात बीमारी से बीमार पड़ जाना है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिकी कमांडर ज़ेना कार्डमैन के नेतृत्व में चार लोगों का दल प्लान से पहले आने वाले दिनों में पृथ्वी पर लौट आएगा. अधिकारियों ने मरीज़ की प्राइवेसी का हवाला देते हुए एस्ट्रोनॉट या बीमारी के बारे में नहीं बताया. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर, जेरेड आइज़कमैन ने कहा, “यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति थी.” “इसीलिए हम यह रास्ता अपना रहे हैं.”

वापस आएंगे एस्ट्रोनॉड

एक स्पेस कैप्सूल में टीम को निकालने का फैसला बुधवार को सामने आई एक मेडिकल स्थिति के बारे में नासा के जल्दबाजी में दिए गए बयानों की एक सीरीज़ के बाद आया है. इस घटना के कारण बाद में एजेंसी को साल का अपना पहला स्पेस वॉक कैंसिल करना पड़ा.
आइज़कमैन ने कहा कि नासा को उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में एस्ट्रोनॉट्स के अनडॉक होने और एटमॉस्फेरिक रीएंट्री टाइमलाइन के बारे में अपडेट देगा. चार लोगों का दल अगस्त में कम से कम छह महीने के लिए स्पेसएक्स कैप्सूल से आया था. कार्डमैन के साथ अमेरिकी एस्ट्रोनॉट माइक फिंके, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव हैं.

बीमार हुआ क्रू

नासा के चीफ हेल्थ और मेडिकल ऑफिसर, डॉ. जेम्स पोल्क ने कहा कि बीमार क्रू मेंबर अब स्टेबल है, लेकिन “लगातार खतरा” बना हुआ है. उन्होंने कहा कि बीमारी का ठीक से पता नहीं चल पाया है. मेडिकल समस्या क्या हो सकती है, यह अटकलों का मामला है. लेकिन यह साफ है कि ISS पर इसका ठीक से इलाज नहीं किया जा सकता था. आइज़कमैन ने कहा कि अगर कोई डॉक्टर भी बोर्ड पर होता, तो भी एजेंसी एस्ट्रोनॉट को घर लाना चाहती. उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ समय था और अगर कोई इमरजेंसी होती, तो क्रू कुछ ही घंटों में बच निकलने में सक्षम होता. 

पहले भी हो चुकी समस्या

स्टेशन पर पहले भी गंभीर मेडिकल समस्याओं से निपटा गया है, जो 2000 से लगातार इंसानों के रहने की जगह रही है. इनमें एक एस्ट्रोनॉट को उसकी जुगुलर नस में खून का थक्का जमना शामिल है, जिससे पता चलता है कि मौजूदा स्थिति खास तौर पर गंभीर है. यह एकमात्र दूसरा मौका है जब किसी स्पेस एजेंसी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण स्पेस स्टेशन मिशन को जल्दी खत्म किया है, जो 1985 में हुआ था. जब कॉस्मोनॉट व्लादिमीर वासियुटिन संक्रमण और तेज बुखार के साथ सोवियत स्टेशन से लौटे थे. नासा के मौजूदा मिशन में सिर्फ़ एक व्यक्ति बीमार है लेकिन चारों को वापस लौटना होगा क्योंकि एजेंसी यह पक्का करना चाहती है कि ISS में डॉक किए गए स्पेस कैप्सूल में जितनी सीटें हैं. उससे ज़्यादा क्रू मेंबर कभी न हों. उन कैप्सूल को लाइफबोट या बचाव गाड़ियों के तौर पर काम करना होता है.

खाली नहीं रहेगा स्टेशन

आइजैकमान ने कहा, “मुझे अपने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी भर में अब तक किए गए तेज़ प्रयासों पर गर्व है.” ISS खाली नहीं रहेगा क्योंकि तीन और लोग वहां रह रहे हैं और काम कर रहे हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स और रूस के सर्गेई मिकायेव और सर्गेई कुड-स्वर्चकोव, नवंबर में एक सोयुज रॉकेट से आठ महीने के प्रवास के लिए पहुंचे थे. नासा ने महंगे ऑपरेशन वाले इस पुराने स्पेस स्टेशन को 2030 के आखिर या 2031 की शुरुआत तक ऑर्बिट से बाहर निकालने की योजना बनाई है. इसका मकसद इसे धीरे-धीरे करना है ताकि मेटल की लैब जल जाए और कुछ मलबा समुद्र में गिर जाए.

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ISS Astronaut Medical Evacuation News: अंतरिक्ष में अज्ञात बीमारी की चपेट में आया एस्ट्रोनॉट, 25 साल में ISS पर पहली हेल्थ इमरजेंसी?

ISS Astronaut Medical Evacuation News: नासा ने अपने 25 साल के इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेडिकल इवैक्यूएशन का आदेश दिया है. इसकी वजह ऑर्बिटल लेबोरेटरी में एक एस्ट्रोनॉट का "गंभीर" और अज्ञात बीमारी से बीमार पड़ जाना है.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 11, 2026 12:13:59 IST

ISS Astronaut Medical Evacuation News: नासा ने अपने 25 साल के इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेडिकल इवैक्यूएशन का आदेश दिया है. इसकी वजह ऑर्बिटल लेबोरेटरी में एक एस्ट्रोनॉट का “गंभीर” और अज्ञात बीमारी से बीमार पड़ जाना है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिकी कमांडर ज़ेना कार्डमैन के नेतृत्व में चार लोगों का दल प्लान से पहले आने वाले दिनों में पृथ्वी पर लौट आएगा. अधिकारियों ने मरीज़ की प्राइवेसी का हवाला देते हुए एस्ट्रोनॉट या बीमारी के बारे में नहीं बताया. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर, जेरेड आइज़कमैन ने कहा, “यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति थी.” “इसीलिए हम यह रास्ता अपना रहे हैं.”

वापस आएंगे एस्ट्रोनॉड

एक स्पेस कैप्सूल में टीम को निकालने का फैसला बुधवार को सामने आई एक मेडिकल स्थिति के बारे में नासा के जल्दबाजी में दिए गए बयानों की एक सीरीज़ के बाद आया है. इस घटना के कारण बाद में एजेंसी को साल का अपना पहला स्पेस वॉक कैंसिल करना पड़ा.
आइज़कमैन ने कहा कि नासा को उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में एस्ट्रोनॉट्स के अनडॉक होने और एटमॉस्फेरिक रीएंट्री टाइमलाइन के बारे में अपडेट देगा. चार लोगों का दल अगस्त में कम से कम छह महीने के लिए स्पेसएक्स कैप्सूल से आया था. कार्डमैन के साथ अमेरिकी एस्ट्रोनॉट माइक फिंके, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव हैं.

बीमार हुआ क्रू

नासा के चीफ हेल्थ और मेडिकल ऑफिसर, डॉ. जेम्स पोल्क ने कहा कि बीमार क्रू मेंबर अब स्टेबल है, लेकिन “लगातार खतरा” बना हुआ है. उन्होंने कहा कि बीमारी का ठीक से पता नहीं चल पाया है. मेडिकल समस्या क्या हो सकती है, यह अटकलों का मामला है. लेकिन यह साफ है कि ISS पर इसका ठीक से इलाज नहीं किया जा सकता था. आइज़कमैन ने कहा कि अगर कोई डॉक्टर भी बोर्ड पर होता, तो भी एजेंसी एस्ट्रोनॉट को घर लाना चाहती. उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ समय था और अगर कोई इमरजेंसी होती, तो क्रू कुछ ही घंटों में बच निकलने में सक्षम होता. 

पहले भी हो चुकी समस्या

स्टेशन पर पहले भी गंभीर मेडिकल समस्याओं से निपटा गया है, जो 2000 से लगातार इंसानों के रहने की जगह रही है. इनमें एक एस्ट्रोनॉट को उसकी जुगुलर नस में खून का थक्का जमना शामिल है, जिससे पता चलता है कि मौजूदा स्थिति खास तौर पर गंभीर है. यह एकमात्र दूसरा मौका है जब किसी स्पेस एजेंसी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण स्पेस स्टेशन मिशन को जल्दी खत्म किया है, जो 1985 में हुआ था. जब कॉस्मोनॉट व्लादिमीर वासियुटिन संक्रमण और तेज बुखार के साथ सोवियत स्टेशन से लौटे थे. नासा के मौजूदा मिशन में सिर्फ़ एक व्यक्ति बीमार है लेकिन चारों को वापस लौटना होगा क्योंकि एजेंसी यह पक्का करना चाहती है कि ISS में डॉक किए गए स्पेस कैप्सूल में जितनी सीटें हैं. उससे ज़्यादा क्रू मेंबर कभी न हों. उन कैप्सूल को लाइफबोट या बचाव गाड़ियों के तौर पर काम करना होता है.

खाली नहीं रहेगा स्टेशन

आइजैकमान ने कहा, “मुझे अपने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी भर में अब तक किए गए तेज़ प्रयासों पर गर्व है.” ISS खाली नहीं रहेगा क्योंकि तीन और लोग वहां रह रहे हैं और काम कर रहे हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स और रूस के सर्गेई मिकायेव और सर्गेई कुड-स्वर्चकोव, नवंबर में एक सोयुज रॉकेट से आठ महीने के प्रवास के लिए पहुंचे थे. नासा ने महंगे ऑपरेशन वाले इस पुराने स्पेस स्टेशन को 2030 के आखिर या 2031 की शुरुआत तक ऑर्बिट से बाहर निकालने की योजना बनाई है. इसका मकसद इसे धीरे-धीरे करना है ताकि मेटल की लैब जल जाए और कुछ मलबा समुद्र में गिर जाए.

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