German tourist case: वो कहते हैं न ‘अतिथि देवो भव’, बिल्कुल सही कहते हैं. जहां दुनिया में कई जगहों पर इंसानियत खत्म हो गई है, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश कर हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. दरअसल, भारत की यात्रा पर आए एक जर्मन पर्यटक ने अपना एकमात्र क्रेडिट कार्ड खो दिया था, जिसके बाद स्थानीय दोस्तों और भारतीय आतिथ्य (Hospitality) की वजह से उन्हें एक पल के लिए भी असुरक्षा महसूस नहीं कराया गया. तो वहीं, दोस्तों ने न सिर्फ उनके खर्चों का जिम्मा उठाया बल्कि यात्रा के दौरान उन्हें एक पल के लिए भी अलग महसूस नहीं कराया.
आखिर क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, भारत की यात्रा पर आए एक जर्मन पर्यटक ने अपना क्रेडिट कार्ड खो दिया. घटना के तुरंत बाद उन्होंने अपने भारतीय मित्रों को सूचित करते हुए बताया कि उनका क्रेडिट कार्ड खो गया है. उनके दोस्तों ने बिना किसी परेशानी के उनकी आर्थिक सहायता में मदद कनरने का फैसला लिया.
भारतीय आतिथ्य की अनोखी मिसाल
इस दौरान जर्मन पर्यटक ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत में उनके प्रवास के दौरान बने मित्रों ने उनके रहने, खाने और यात्रा के खर्चों को तब तक संभाला जब तक कि उनके बैंक से नया कार्ड जारी नहीं हो गया. तो वहीं, उन्होंने कहा यह भी कहा कि ‘लोग ज्यादातर यह बोलते हैं कि अकेले यात्रा करना जोखिम भरा है, लेकिन यहां मुझे जो प्यार मिला, उसने मेरी सभी चिंताओं को पूरी तरह से दूर कर दिया.’ यह घटना दर्शाती है कि ‘अतिथि देवो भव’ की भावना आज भी हमारे देश के लोगों में देखने को मिल रही है.
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डिजिटल भुगतान और सुरक्षा-व्यवस्था
इतना ही नहीं, पर्यटक ने यह भी अनुभव शेयर करते हुए बताया कि कैसे यूपीआई (UPI) और डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में दोस्तों के जरिए से भुगतान करना उनके लिए बेहद ही आसान हो गया. तो वहीं, उन्होंने अन्य यात्रियों को सलाह देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान वह अपने साथ बैकअप कार्ड रखना न भूलें.