Live
Search
Home > देश > रेंट-ए-बॉयफ्रेंड… 2 घंटे के लिए बुक करें ‘सपनों का राजकुमार’! जापानी लड़कियों में बढ़ा क्रेज, भारत में कितना संभव

रेंट-ए-बॉयफ्रेंड… 2 घंटे के लिए बुक करें ‘सपनों का राजकुमार’! जापानी लड़कियों में बढ़ा क्रेज, भारत में कितना संभव

Japan Woman Rents A Boyfriend Service: आज की डिजिटल और भागदौड़ भरी लाइफ में इंसान के लिए रिश्ते बनाना और उन्हें निभाना कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. ऐसे में अकेलेपन से जूझते लोग अब अजीबोगरीब तरीकों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे ही लोगों के सपने को सच करने के लिए जापान में एक ट्रेंड खूब लोकप्रिय हो रहा है. इसका नाम है ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ सर्विस. आइए जानते हैं इससे जुड़ी रोचक जानकारियां-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: February 27, 2026 16:44:45 IST

Mobile Ads 1x1

Japan Woman Rents A Boyfriend Service: आज की डिजिटल और भागदौड़ भरी लाइफ में इंसान के लिए रिश्ते बनाना और उन्हें निभाना कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. ऐसे में अकेलेपन से जूझते लोग अब अजीबोगरीब तरीकों की ओर रुख कर रहे हैं. दरअसल, कई सिंगल लोगों की कल्पना होती है कि, उसके ‘सपनों का राजकुमार’ (Dream Boy) महज एक क्लिक पर मिल जाए, वो भी सिर्फ 2 घंटे या बेहद कम समय में. भले ही वो साथी दिनभर के लिए ही क्यों न हो. ऐसे ही लोगों के सपने को सच करने के लिए जापान में एक ट्रेंड खूब लोकप्रिय हो रहा है. इसका नाम है ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ सर्विस. जापानी लड़कियों के बीच ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ (Rent-a-Boyfriend) का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है. 

अकेलेपन और भागदौड़ भरी जिंदगी से जूझते जापान में अब लड़कियां अपने पसंद के ‘परफेक्ट पार्टनर’ को घंटों के हिसाब से किराए पर ले रही हैं. अब सवाल है कि आखिर, जापान की लड़कियां असली रिश्तों के बजाय किराए के प्रेमियों पर दिल खोलकर पैसे क्‍यों लुटा रही हैं? कैसे काम करती है यह सर्विस? इन रेंट प्रेमियों के साथ क्या कर सकते हैं और क्या नहीं? कितना आता है खर्च? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प वजहें.

यह सर्विस कैसे करती है काम?

सबसे पहले आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, यह कोई सामान्य डेटिंग ऐप नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल सर्विस है. इस वेबसाइट्स पर सैकड़ों लड़कों की प्रोफाइल होती है. आप उनकी फोटो, हाइट, हॉबीज और बात करने के स्टाइल के आधार पर उन्हें चुन सकती हैं. क्योंकि, यहां ‘फ्रेशर्स’ से लेकर ‘वीआईपी’ और ‘स्पेशल’ कैटेगरी के बॉयफ्रेंड उपलब्ध होते हैं. इनकी जितनी अच्छी रेटिंग होती है उनका किराया उतना ही ज्यादा होता है. इन सपने के राजकुमार को आप कम से कम 2 घंटे और अधिकतम एक पूरे दिन के लिए रेंट पर ले सकती हैं.

रेंट प्रेमियों के साथ क्या कर सकती हैं? 

किराए पर मिलने वाले प्रेमियों के साथ क्या कर सकते हैं और क्या नहीं. इससे जुड़े नियम और शर्तें होती हैं. यह सर्विस सुनने में वेशक आपको फिल्मी लगे, लेकिन इसके नियम बहुत ही सख्त हैं. अगर आप रेंट पर बॉयफ्रेंड लेती हैं तो साथ में खाना खा सकती हैं, क्वालिटी टाइम बिता सकती हैं. उसे आप शॉपिंग पार्टनर के तौर पर रख सकती हैं. ऐसे वह आपके बैग उठाएगा और आपको ड्रेस चुनने में मदद करेगा. कुछ एजेंसियां हाथ पकड़ने की अनुमति देती हैं ताकि ‘कपल वाइब’ आए. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए आप उनके साथ प्यारी तस्वीरें खिंचवा सकती हैं.

रेंट प्रेमियों के साथ क्या नहीं कर सकते हैं? 

किराए पर मिलने वाले बॉयफ्रेंड से जुड़े कुछ नियम भी होते हैं. ऐसे में कुछ काम करने की पाबंदी होती है. बता दें कि, इस सर्विस में शारीरिक संबंध बनाना, किस करना या प्राइवेट स्पेस में जाना पूरी तरह वर्जित है. यह विशुद्ध रूप से एक ‘प्लेटोनिक’ यानी भावनात्मक जुड़ाव वाली सर्विस है. अगर कोई ग्राहक नियमों का उल्लंघन करता है, तो सर्विस तुरंत रद्द कर दी जाती है.

इस सर्विस को लेने में कितना आता है खर्च?

एक ‘परफेक्ट बॉयफ्रेंड’ को रेंट पर लेना जेब पर थोड़ा भारी पड़ सकता है. बेस प्राइस की बात करें तो औसतन 2,000 से 5,000 जापानी येन (लगभग ₹1,200 से ₹3,000) प्रति घंटा है. जबकि डेट के दौरान खाने-पीने का बिल, मूवी टिकट या यात्रा का सारा खर्च ग्राहक को ही उठाना पड़ता है.

रेंट पर प्रेमी लेने की क्या जरूरत है?

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जापान की भागदौड़ भरी जिंदगी और ‘वर्क कल्चर’ की वजह से लोगों के पास असली रिश्ते बनाने का समय नहीं है. रेंट पर बॉयफ्रेंड लेने से उन्हें बिना किसी कमिटमेंट या ‘ब्रेकअप के दर्द’ के वह खुशी मिल जाती है, जिसकी उन्हें तलाश होती है.

क्या भारत में भी संभव है यह ट्रेंड?

मीडियम डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ (RABF) सर्विस भारत में मौजूद है. 2018 में मुंबई और पुणे में लॉन्च किए गए ‘Rent A Boyfriend’ ऐप के साथ यह चलन शुरू हुआ था, जो दोस्ती, मूवी, डिनर या अकेलापन दूर करने के लिए साथी किराए पर लेने की सुविधा देता है. हालांकि, अन्य देशों की अपेक्षा भारत में इसका चलन बेहद कम है.

जापान में यह ट्रेंड कब शुरू हुआ

  • 1990 के दशक का अंत- जापान में ‘इंसानों को किराए पर लेने’ की शुरुआत 1990 के दशक के समय हुई थी. लेकिन तब यह ‘बॉयफ्रेंड’ के लिए नहीं, बल्कि ‘रेंट-ए-फैमिली’ (किराए का परिवार) के रूप में शुरू हुआ था. बुजुर्ग लोग अकेलेपन से बचने के लिए बच्चों और पोते-पोतियों को किराए पर लेते थे.
  • 2000 के दशक की शुरुआत में जापान में ‘होस्ट क्लब’ (Host Clubs) बहुत मशहूर हुए. यहां महिलाएं पुरुषों को साथ बैठकर ड्रिंक करने और बात करने के लिए पैसे देती थीं. रेंट-ए-बॉयफ्रेंड इसी कल्चर का एक ‘बाहरी’ और ‘सस्ता’ वर्जन बनकर उभरा, जहाँ आप क्लब के अंदर नहीं बल्कि बाहर डेट पर जा सकते थे.
  • आधिकारिक तौर पर ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ जैसी विशेष सर्विस देने वाली कंपनियों ने 2011 और 2012 के आसपास जोर पकड़ा. Rent-a-Boyfriend जैसी प्रमुख वेबसाइट्स इसी दौरान सक्रिय हुईं. साल 2014 तक आते-आते यह जापान के सोशल मीडिया और टीवी शो का हिस्सा बन गया, जिससे इसे ग्लोबल पहचान मिली.
  • 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद, जापान में सामाजिक अलगाव (Social Isolation) और बढ़ गया. इसकी वजह से ‘डिजिटल डेटिंग’ और ‘शॉर्ट-टर्म रेंटल’ का मार्केट और भी बड़ा हो गया. अब लोग लंबी प्रतिबद्धता (Commitment) के बजाय 2-3 घंटे के ‘तनाव-मुक्त’ साथ को ज्यादा पसंद करने लगे हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.)

MORE NEWS

Home > देश > रेंट-ए-बॉयफ्रेंड… 2 घंटे के लिए बुक करें ‘सपनों का राजकुमार’! जापानी लड़कियों में बढ़ा क्रेज, भारत में कितना संभव

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: February 27, 2026 16:44:45 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS