Kisan e-Mitra AI Chatbot: आज खेती में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने किसानों की मुश्किलों को आसान कर दिया है. सरकार ने तमाम ऐसी एप्लीकेशन और पोर्टल जारी किए हैं जो किसानों के समय की बचत करते ही है, उन्हें सही सुविधा भी देते हैं. क्योंकि अब किसान भी समय के साथ स्मार्ट हो रहे हैं, इसलिए सरकार ने भी किसानों को एआई से जोड़ने का रास्ता खोल दिया है. केंद्र सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए किसान-ई मित्र एआई चैटबॉट लॉन्च किया है, जो 24/7 किसानों के लिए उपलब्ध रहेगा. यहां जनिए किसान ई-मित्र चैटबॉट की विशेषताएं-
क्या है एआई चैटबॉट?
जैसे तमाम टेक कंपनियों ने लोगों की सुविधा के लिए वॉइस असिस्टेंट लॉन्च किए हैं. ये किसान ई-मित्र भी ठीक उसी तरह काम करता है. इसके जरिए किसान वॉइस कमांड देकर अपने सवाल पूछ सकते हैं. ये चैटबॉट लगभग सभी भाषाओं में किसानों के लिए उपलब्ध कराया गया है.
इससे किसानों की अधिकारियों पर निर्भरता कम होगी और अपनी परेशानियों का समाधान घर बैठे पाकर किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे. इसके इस्तेमाल के लिए समय का कोई बंधन नहीं है. ये चैटबॉट दिन के 24 घंटे और हफ्ते के 7 दिन आपकी समस्या सुलझाएगा.
पीएम किसान एआई चैटबॉट (किसान ई-मित्र) के माध्यम से अब सभी किसान अपनी मूल भाषा में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हर सवाल का जवाब प्राप्त कर सकते हैंI
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— PM Kisan Samman Nidhi (@pmkisanofficial) May 2, 2024
कौन-कौन सी जानकारी देगा किसान-ई मित्र?
केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किसान ई-मित्र चैट असिसेटेंट किसानों के शारिरिक और मानसिक श्रम को कम करने के लिए बनाया गया है.
- इस एआई असिसटेंट के जरिए किसान घर बैठे अपनी पीएम किसान सम्मान निधि योजना और इसकी आगामी किस्तों की जानकारी ले सकेंगे.
- किसान ई-मित्र पर फसल बीमा के इंश्योरेंस कराने की प्रोसेस और पात्रता भी जान सकते हैम.
- कृषि लोन लेने की पूरी प्रक्रिया और इंस्टलमेंट की जानकारी भी यहां उपलब्ध होगी.
- किसानों के अपने राज्य में कौन सी योजनाएं और सब्सिडी स्कीम हैं, ये जानकारी भी किसान ई-मित्र उपलब्ध कराएगा.
पीएम किसान एआई चैटबॉट (किसान ई-मित्र) के माध्यम से सभी किसान अपनी भाषा में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त से जुड़े हर सवाल का जवाब प्राप्त कर सकते हैंI
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— PM Kisan Samman Nidhi (@pmkisanofficial) February 28, 2025
नहीं होगी भाषा की समस्या
जाहिर है कि भारत में कदम-कदम पर बोली बदलती है. सरकार ने इस बात का ध्यान रखते हुए किसान ई-मित्र चैटबॉट को 11 भाषाओं के सपोर्ट के साथ जारी किया है, जिसमें हिंदी, बंगाली, मलयाली, गुजराती, पंजाबी, तेलुगू, मराठी, उडिया, तमिल, कन्नड और अंग्रेजी भाषा शामिल है. अब किसान अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी सवाल पूछकर सटीक जानकारी ले सकते हैं.