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कोचादाइयां केस में फंसे रजनीकांत, चार हफ्तों में जमा करने होंगे 2.5 करोड़ रुपए, वरना जाना पडे़गा जेल

12 साल पहले रिलीज हुई फिल्म कोचादाइयां फिल्म के प्रोड्यूसर को कानूनी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि मेकर्स को 2.5 करोड़ रुपए जमा करने होंगे या तो जेल जाना पड़ेगा.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: February 10, 2026 21:47:52 IST

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Kochadaiiyaan Case: मद्रास हाई कोर्ट ने कोचादाइयां केस में अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने प्रोड्यूसर जे मुरली मनोहर और उनके प्रोडक्शन हाउस मीडियावन ग्लोबल एंटरटेनमेंट लिमिटेड को एक महीने के अंदर 2.5 करोड़ रुपए जमा करने के निर्देश दिए हैं. अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो  छह महीने की जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी. बता दें कि ये मामला 2014 में रिलीज हुई रजनीकांत और दीपिका पादुकोण स्टारर कोचादाइयां फिल्म से जुड़ा ये मामला एक एडवरटाइजिंग एजेंसी को मुआवजा देने और चेक बाउंस होने से जुड़ा है.

बता दें कि 2021 में एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने इस मामले में प्रोडक्शन को सजा दी थी. इसके बाद इस केस को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई. अब मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस सुंदर मोहन ने जे मुरली मनोहर और उनके प्रोडक्शन हाउस द्वारा फाइल किए गए क्रिमिनल रिवीजन केस को कुछ हद तक स्वीकार किया. इसका फैसला सुनाते हुए 2.5 करोड़ रुपए जमा करने या 6 महीने की जेल की सजा भुगतने का आदेश दिया है.

सालों बाद भी क्यों बकाया हैं 2.52 करोड़ रुपए?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो एडब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के अबीरचंद नाहर ने मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया था कि उनकी फर्म ने 25 अप्रैल 2014 को मीडियावन ग्लोबल एंटरटेनमेंट के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन किया था. उन्होंने फोटोरियलिस्टिक मोशन-कैप्चर मूवी के पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए प्रोडक्शन हाउस को 20 करोड़ रुपए का लोन दिया था. प्रोडक्शन हाउस ने फाइनेंसर को बताया था कि कोचादाइयां के लीज राइट्स बेचने पर कम से कम 20 करोड़ रुपए मिलेंगे.

किया था ये वादा

एड एजेंसी ने अपनी शिकायत में कहा कि किसी तीसरे पक्ष को राइट्स बेचने से पहले उसे बिक्री से होने वाली कमाई का 20 फीसदी या कम से कम 2.40 करोड़ रुपए का गारंटीड प्रॉफिट देने का वादा किया गया था. इसके मुताबिक ऐड एजेंसी ने 28 अप्रैल 2014 को प्रोडक्शन हाउस के बैंक अकाउंट में 10 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए. दिसंबर 2014 में प्रोडक्शन की तरफ से जारी किया गया चेक वापस कर दिया गया और इसके बाद शिकायत दर्ज हुई.

इससे पहले सुनाई गई थी ये सजा

दिसंबर 2021 में एग्मोर की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मोहन को दोषी ठहराया और उसे छह महीने जेल की सजा सुनाई थी. उस समय 7.70 करोड़ रुपए देने या छह महीने की और जेल की सजा भुगतने का भी आदेश दिया गया था. इसके बाद अगस्त 2023 में शहर की एक सिविल कोर्ट ने सजा की पुष्टि की लेकिन प्रोड्यूसर ने 12.75 करोड़ रुपए चुकाने का दावा किया. उसने ऐड एजेंसी पर बाद में दिए गए चेक को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया.

लता रजनीकांत के खिलाफ केस

ऐड एजेंसी ने 2016 में रजनीकांत की पत्नी लता रजनीकांत के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस किया था और सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के राइट्स बेचने के संबंध में उन्हें नोटिस जारी किया था. साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक निर्देश जारी करके उन्हें 6.2 करोड़ रुपए देने को कहा. 

इंटरव्यू में क्या बोली थीं लता रजनीकांत?

2023 में बेंगलुरु की एक कोर्ट से जमानत मिलने के बाद लता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘मेरे लिए ये एक पॉपुलर इंसान की बेइज्जती, हैरेसमेंट और शोषण का मामला है. सेलिब्रिटी होने के कारण हमें ये कीमत चुकानी पड़ती है. इसलिए हो सकता है कि कोई बड़ा मामला न हो लेकिन खबर बहुत बड़ी हो जाती है. हमने कोई धोखाधड़ी नहीं की है. वहीं 16 अक्टूबर 2025 को बेंगलुरु की एक कोर्ट ने क्रिमिनल केस में लता को बरी करने से इनकार कर दिया था और धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हटाने की उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था.

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Last Updated: February 10, 2026 21:47:52 IST

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