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Land for Job Scam में लालू परिवार को कोर्ट से झटका, लालू, राबड़ी, मीसा भारती पर आरोप तय करने का आदेश

जमीन के बदले में नौकरी के घोटाला आरोप में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादल के परिवार को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने आरोप तय करने का आदेश दे दया है.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: January 9, 2026 11:52:09 IST

Land for Job Scam: लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार समेत 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दे दिया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें दोषी ठहराया और आरोप तय किए हैं.

‘सुनवाई के लिए अब पर्याप्त सबूत नहीं’

सीबीआई कोर्ट का मानना है कि इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए सबूत नहीं हैं. अब अगली प्रक्रिया के तहत ट्रायल शुरू कर आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए जाएंगे. कोर्ट ने माना है कि लालू प्रसाद यादव ने अपनी पत्नी और बच्चों के लिए अचल संपत्ति सुटाई. हालांकि बाकी लोगों पर आरोप है कि उन्होंने इस गैर-कानूनी काम में लालू प्रसाद यादव का साथ दिया. इस मामले में 52 आरोपियों को आरोप मुक्त किया गया है. इनमें से 5 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है. 

रेलवे की नौकरी में बड़ी धांधली

सीबीआई ने इस मामले में आरोप लगाया था कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों में बड़ी धांधली हुई थी. लालू यादव ने रेलवे में नौकरी देने के लोगों से जमीन ली थी. इस जमीन को लालू यादव के परिवार व उनके करीबी लोगों के नाम पर कराया गया था. हालांकि इस मामले के आरोपियों का कहना है कि ये पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है. ये कहते हुए उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि चार्जशीट में 103 लोग नामजद हैं. इनमें से 5 लोगों की मौत हो चुकी है. 

इस मामले में सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी, उनके बेटे तेजस्वी और बेटी मीसा भारती समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. सीबीआई का कहना है कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर जोन) में ग्रुप-डी की नौकरियां निकाली गई थीं. इन नौकरियों के बदले जमीन ली गई थी. ये जमीन लालू प्रसाद यादव के परिवार और उनके करीबियों के नाम कराई गई थी.

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जमीन के बदले में नौकरी के घोटाला आरोप में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादल के परिवार को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने आरोप तय करने का आदेश दे दया है.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: January 9, 2026 11:52:09 IST

Land for Job Scam: लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार समेत 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दे दिया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें दोषी ठहराया और आरोप तय किए हैं.

‘सुनवाई के लिए अब पर्याप्त सबूत नहीं’

सीबीआई कोर्ट का मानना है कि इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए सबूत नहीं हैं. अब अगली प्रक्रिया के तहत ट्रायल शुरू कर आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए जाएंगे. कोर्ट ने माना है कि लालू प्रसाद यादव ने अपनी पत्नी और बच्चों के लिए अचल संपत्ति सुटाई. हालांकि बाकी लोगों पर आरोप है कि उन्होंने इस गैर-कानूनी काम में लालू प्रसाद यादव का साथ दिया. इस मामले में 52 आरोपियों को आरोप मुक्त किया गया है. इनमें से 5 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है. 

रेलवे की नौकरी में बड़ी धांधली

सीबीआई ने इस मामले में आरोप लगाया था कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों में बड़ी धांधली हुई थी. लालू यादव ने रेलवे में नौकरी देने के लोगों से जमीन ली थी. इस जमीन को लालू यादव के परिवार व उनके करीबी लोगों के नाम पर कराया गया था. हालांकि इस मामले के आरोपियों का कहना है कि ये पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है. ये कहते हुए उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि चार्जशीट में 103 लोग नामजद हैं. इनमें से 5 लोगों की मौत हो चुकी है. 

इस मामले में सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी, उनके बेटे तेजस्वी और बेटी मीसा भारती समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. सीबीआई का कहना है कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर जोन) में ग्रुप-डी की नौकरियां निकाली गई थीं. इन नौकरियों के बदले जमीन ली गई थी. ये जमीन लालू प्रसाद यादव के परिवार और उनके करीबियों के नाम कराई गई थी.

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