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Lung cancer Myth: सिर्फ स्मोकिंग ही है लंग कैंसर का दोषी? क्या 65 से कम उम्र में भी बीमारी का खतरा

Lung Cancer Myth vs Facts: बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू या शराब जैसे नशीले पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक हैं. इसके बाद भी आज स्थिति यह है कि, देश में लाखों-करोड़ों लोग स्मोकिंग के आदी हो चुके हैं. इसी का नतीजा है कि आज देश में लंग कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. लेकिन, सवाल है कि क्या स्मोकिंग करने वालों को ही लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर होता है? इस बारे में बता रहे हैं पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नरेश कुमार-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 28, 2026 13:55:54 IST

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Lung Cancer Myth vs Facts: बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू या शराब जैसे नशीले पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक हैं. इसके बाद भी आज युवाओं में इनका चलन खूब है. इन नशीले पदार्थों में बीड़ी और सिगरेट का इस्तेमाल खूब होता है. क्योंकि, ये किसी भी जगह आसानी से उपलब्ध होने वाली चीजें हैं. आज स्थिति यह है कि, देश में लाखों-करोड़ों लोग स्मोकिंग के आदी हो चुके हैं. इसी का नतीजा है कि आज देश में लंग कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. ये इतनी गंभीर बीमारी है कि हर साल इससे लाखों मौतें हो जा रही हैं. लेकिन, सवाल है कि क्या स्मोकिंग करने वालों को ही लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर होता है? क्योंकि, कई रिसर्च में स्मोकिंग के अलावा भी कई कारणों से इसका खतरा देखा गया है. क्या 60 से अधिक उम्र वालों को ही लंग कैंसर का खतरा? क्या लंग कैंसर होने पर मौत होना तय है? इन सभी मिथ और उनकी सच्चाई बता रहे हैं लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, नई दिल्ली में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. नरेश कुमार-

फेफड़ों के कैंसर से जुड़े 5 मिथ और फैक्ट्स

Myth- क्या स्मोकिंग करने वालों को ही लंग कैंसर होता है?

Fact- डॉक्टर कहते हैं कि, लंग कैंसर के एक नहीं कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण तो यही है कि, लोग लंग कैंसर को सही तरह से समझ नहीं पाते हैं और बाद में दिक्कतें बढ़ जाती हैं. हां ये सच है कि, सिगरेट पीने यानी स्मोकिंग से लंग कैंसर का एक मुख्य कारण है, लेकिन सिर्फ इसी वजह से फेफड़ों का कैंसर है, यह सत्य नहीं है. क्योंकि, पॉल्यूशन, सेकेंड हैंड धूम्रपान, फैमिली हिस्ट्री वालों में भी फेफड़ों का कैंसर देखा गया है. 

Myth- क्या 60 से अधिक उम्र वालों को ही लंग कैंसर का खतरा?

Fact- आजकल जैसी हमारी दिनचर्या है उसमें कोई भी बीमारी कभी भी हो सकती है. ऐसा ही कुछ लंग कैंसर के साथ भी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वैसे तो लंग कैंसर का खतरा 65 की उम्र के बाद ज्यादा देखा जाता है, लेकिन आजकल 40-45 की उम्र से कम वाले भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसलिए अगर लक्षण दिखें तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है. 

Myth- उम्र और इस बीमारी के बीच क्या संबंध है?

Fact- अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के एक्सपर्ट्स की मानें तो लंग्स कैंसर का खतरा ज्यादातर 65 साल से ज्यादा उम्र वालों में होता है. लेकिन, सिर्फ यही मानकर बैठ जाना खतरनाक हो सकता है. क्योंकि, कई बार कुछ अन्य कारणों से कम उम्र वाले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. इसलिए सिर्फ ये नहीं मानना चाहिए कि फेफड़ों का कैंसर सिर्फ ज्यादा उम्र में ही होता है. 

Myth- क्या लंग कैंसर होने पर मौत होना तय है?

Fact- डॉक्टर कहते हैं कि, फेफड़ों का कैंसर वास्तव में बेहद खतरनाक है. हालांकि, समय पर पहचान कर इलाज हो जाए तो लाइफ बच भी सकती है. बता दें कि, समय पर इलाज करने पर पुरुषों में 5 साल जिंदा रहने का रेट 18% और महिलाओं में 25% है. यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स फेफड़ों को हेल्दी रखने और इन लक्षणों पर ध्यान देने के लिए कहते हैं.

Myth- फेफड़ों के कैंसर में जिंदा रह पाना कितना संभव है?

Fact- हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, हेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान को बेहतर करके इस बीमारी से बचा जा सकता है. बता दें कि, लंग्स कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाने और सांस लेने की आदतों से खुद को हेल्दी बनाया जा सकता है. इसके अलावा एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटीकैंसर गुणों वाले फ्रूट्स खाने से भी कई तरह के कैंसर से बच सकते हैं.

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Last Updated: March 28, 2026 13:55:54 IST

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Lung Cancer Myth vs Facts: बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू या शराब जैसे नशीले पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक हैं. इसके बाद भी आज युवाओं में इनका चलन खूब है. इन नशीले पदार्थों में बीड़ी और सिगरेट का इस्तेमाल खूब होता है. क्योंकि, ये किसी भी जगह आसानी से उपलब्ध होने वाली चीजें हैं. आज स्थिति यह है कि, देश में लाखों-करोड़ों लोग स्मोकिंग के आदी हो चुके हैं. इसी का नतीजा है कि आज देश में लंग कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. ये इतनी गंभीर बीमारी है कि हर साल इससे लाखों मौतें हो जा रही हैं. लेकिन, सवाल है कि क्या स्मोकिंग करने वालों को ही लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर होता है? क्योंकि, कई रिसर्च में स्मोकिंग के अलावा भी कई कारणों से इसका खतरा देखा गया है. क्या 60 से अधिक उम्र वालों को ही लंग कैंसर का खतरा? क्या लंग कैंसर होने पर मौत होना तय है? इन सभी मिथ और उनकी सच्चाई बता रहे हैं लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, नई दिल्ली में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. नरेश कुमार-

फेफड़ों के कैंसर से जुड़े 5 मिथ और फैक्ट्स

Myth- क्या स्मोकिंग करने वालों को ही लंग कैंसर होता है?

Fact- डॉक्टर कहते हैं कि, लंग कैंसर के एक नहीं कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण तो यही है कि, लोग लंग कैंसर को सही तरह से समझ नहीं पाते हैं और बाद में दिक्कतें बढ़ जाती हैं. हां ये सच है कि, सिगरेट पीने यानी स्मोकिंग से लंग कैंसर का एक मुख्य कारण है, लेकिन सिर्फ इसी वजह से फेफड़ों का कैंसर है, यह सत्य नहीं है. क्योंकि, पॉल्यूशन, सेकेंड हैंड धूम्रपान, फैमिली हिस्ट्री वालों में भी फेफड़ों का कैंसर देखा गया है. 

Myth- क्या 60 से अधिक उम्र वालों को ही लंग कैंसर का खतरा?

Fact- आजकल जैसी हमारी दिनचर्या है उसमें कोई भी बीमारी कभी भी हो सकती है. ऐसा ही कुछ लंग कैंसर के साथ भी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वैसे तो लंग कैंसर का खतरा 65 की उम्र के बाद ज्यादा देखा जाता है, लेकिन आजकल 40-45 की उम्र से कम वाले भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसलिए अगर लक्षण दिखें तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है. 

Myth- उम्र और इस बीमारी के बीच क्या संबंध है?

Fact- अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के एक्सपर्ट्स की मानें तो लंग्स कैंसर का खतरा ज्यादातर 65 साल से ज्यादा उम्र वालों में होता है. लेकिन, सिर्फ यही मानकर बैठ जाना खतरनाक हो सकता है. क्योंकि, कई बार कुछ अन्य कारणों से कम उम्र वाले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. इसलिए सिर्फ ये नहीं मानना चाहिए कि फेफड़ों का कैंसर सिर्फ ज्यादा उम्र में ही होता है. 

Myth- क्या लंग कैंसर होने पर मौत होना तय है?

Fact- डॉक्टर कहते हैं कि, फेफड़ों का कैंसर वास्तव में बेहद खतरनाक है. हालांकि, समय पर पहचान कर इलाज हो जाए तो लाइफ बच भी सकती है. बता दें कि, समय पर इलाज करने पर पुरुषों में 5 साल जिंदा रहने का रेट 18% और महिलाओं में 25% है. यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स फेफड़ों को हेल्दी रखने और इन लक्षणों पर ध्यान देने के लिए कहते हैं.

Myth- फेफड़ों के कैंसर में जिंदा रह पाना कितना संभव है?

Fact- हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, हेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान को बेहतर करके इस बीमारी से बचा जा सकता है. बता दें कि, लंग्स कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाने और सांस लेने की आदतों से खुद को हेल्दी बनाया जा सकता है. इसके अलावा एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटीकैंसर गुणों वाले फ्रूट्स खाने से भी कई तरह के कैंसर से बच सकते हैं.

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