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महाराष्ट्र की 29 निगमों को लॉटरी में कौन सा कोटा मिला? क्या मुंबई को मिलने जा रही महिला मेयर, शिवसेना-UBT ने क्यों उठाए सवाल

Maharashtra Mayor Election: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव हो गए हैं और अब मेयर का चुनाव होना है. ऐसे में आज लॉटरी के माध्यम से ये तय किया गया कि किस निगमों को कौन सा कोटा मिला? आइए विस्तार से जानते हैं.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: 2026-01-22 20:26:07

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BMC Mayor Election: महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर निगमों में मेयर चुनाव से पहले आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. BMC मेयर पद के लिए आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय किया गया, जिसके चलते यह पद एक महिला के लिए आरक्षित हो गया. जिसके बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इसका कड़ा विरोध किया है और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.

इसको लेकर शिवसेना-उद्धव बाला साहेब ठाकरे का कहना है कि जब OBC आरक्षण के लिए ड्रॉ निकाला गया तो मुंबई को इससे बाहर क्यों रखा गया?

शिवसेना-यूबीटी ने किया विरोध

इस पूरे आरक्षण सिस्टम को लेकर शिवसेना-यूबीटी का कहना है कि चूंकि पिछले दो कार्यकाल से BMC मेयर का पद ओपन कैटेगरी में था, इसलिए इस बार इसे OBC उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए था. उद्धव ठाकरे गुट की नेता और पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और सवाल उठाए हैं. इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री मिसाल की प्रतिक्रिया सामने आई है. जिसमें उन्होंने कहा है कि वह इस आपत्ति पर ध्यान दे रहे हैं.

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कौन-कौन सी सीटें महिला के लिए हुई आरक्षित

लॉटरी सिस्टम के तहत पुणे, धुले, मुंबई (BMC), नांदेड़, नवी मुंबई, मालेगांव, मीरा-भयंदर, नासिक और नागपुर में मेयर की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं. लातूर, जालना और ठाणे के नगर निगम अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिसमें लातूर और जालना SC महिलाओं के लिए और ठाणे SC (ओपन) के लिए आरक्षित है.

कुल आठ नगर निगम अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं. इनमें से अकोला, चंद्रपुर, अहिल्यानगर और जलगांव OBC महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि पनवेल, इचलकरंजी, कोल्हापुर और उल्हासनगर OBC (ओपन) के लिए आरक्षित हैं.

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किस नगरपालिका को कौन सा कोटा मिला?

  • बृहन्मुंबई (बीएमसी) – ओपन महिला
  • धुले – ओपन महिला
  • नासिक – ओपन महिला
  • भिवंडी-निजामपुर – ओपन
  • परभणी – ओपन
  • कल्याण-डोंबिवली – अनुसूचित जनजाति (ST)
  • पुणे – ओपन महिला
  • चंद्रपुर – ओबीसी
  • कोल्हापुर – ओबीसी ओपन
  • जलगांव – ओबीसी महिला
  • मीरा-भयंदर – ओपन महिला
  • वसई-विरार – ओपन
  • अहिल्यानगर – ओबीसी महिला
  • पिंपरी-चिंचवड – ओपन
  • अकोला – ओबीसी महिला
  • अमरावती – ओपन
  • जालना – अनुसूचित जाति (SC) महिला
  • लातूर – अनुसूचित जाति (SC) महिला
  • छत्रपति संभाजीनगर – ओपन
  • नांदेड-वाघाला – ओपन महिला
  • नवी मुंबई – ओपन महिला
  • पनवेल – ओबीसी
  • ठाणे – अनुसूचित जाति (SC)
  • उल्हासनगर – ओबीसी ओपन
  • नागपुर – ओपन महिला
  • मालेगांव – ओपन महिला
  • इचलकरंजी – ओबीसी ओपन
  • सांगली-मिरज-कुपवाड – ओपन
  • सोलापुर – ओपन

29 महानगरपालिकाओं में कितने पद किए गए आरक्षित?

कुल 29 नगर महापालिकाओं में से 16 पद आरक्षित किए गए हैं. इनमें 1 अनुसूचित जनजाति (ST), 3 अनुसूचित जाति (SC) (जिनमें 2 महिला), 8 ओबीसी (जिनमें 4 महिला) शामिल हैं. वहीं 17 नगर महापालिकाएं ओपन कैटेगरी में हैं, जिनमें 9 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.

आरक्षण तय होने के बाद अब सभी नगर महापालिकाओं में मेयर का चुनाव निगम सदन में पार्षदों के मतदान के जरिए होगा. इसके लिए अलग-अलग शहरों में नवनिर्वाचित पार्षदों की विशेष बैठक बुलाई जाएगी. हालांकि, उससे पहले लॉटरी सिस्टम से तय हुए आरक्षण को लेकर राजनीतिक घमासान और तेज होता नजर आ रहा है.

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महाराष्ट्र की 29 निगमों को लॉटरी में कौन सा कोटा मिला? क्या मुंबई को मिलने जा रही महिला मेयर, शिवसेना-UBT ने क्यों उठाए सवाल

Maharashtra Mayor Election: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव हो गए हैं और अब मेयर का चुनाव होना है. ऐसे में आज लॉटरी के माध्यम से ये तय किया गया कि किस निगमों को कौन सा कोटा मिला? आइए विस्तार से जानते हैं.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: 2026-01-22 20:26:07

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BMC Mayor Election: महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर निगमों में मेयर चुनाव से पहले आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. BMC मेयर पद के लिए आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय किया गया, जिसके चलते यह पद एक महिला के लिए आरक्षित हो गया. जिसके बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इसका कड़ा विरोध किया है और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.

इसको लेकर शिवसेना-उद्धव बाला साहेब ठाकरे का कहना है कि जब OBC आरक्षण के लिए ड्रॉ निकाला गया तो मुंबई को इससे बाहर क्यों रखा गया?

शिवसेना-यूबीटी ने किया विरोध

इस पूरे आरक्षण सिस्टम को लेकर शिवसेना-यूबीटी का कहना है कि चूंकि पिछले दो कार्यकाल से BMC मेयर का पद ओपन कैटेगरी में था, इसलिए इस बार इसे OBC उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए था. उद्धव ठाकरे गुट की नेता और पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और सवाल उठाए हैं. इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री मिसाल की प्रतिक्रिया सामने आई है. जिसमें उन्होंने कहा है कि वह इस आपत्ति पर ध्यान दे रहे हैं.

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कौन-कौन सी सीटें महिला के लिए हुई आरक्षित

लॉटरी सिस्टम के तहत पुणे, धुले, मुंबई (BMC), नांदेड़, नवी मुंबई, मालेगांव, मीरा-भयंदर, नासिक और नागपुर में मेयर की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं. लातूर, जालना और ठाणे के नगर निगम अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिसमें लातूर और जालना SC महिलाओं के लिए और ठाणे SC (ओपन) के लिए आरक्षित है.

कुल आठ नगर निगम अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं. इनमें से अकोला, चंद्रपुर, अहिल्यानगर और जलगांव OBC महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि पनवेल, इचलकरंजी, कोल्हापुर और उल्हासनगर OBC (ओपन) के लिए आरक्षित हैं.

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किस नगरपालिका को कौन सा कोटा मिला?

  • बृहन्मुंबई (बीएमसी) – ओपन महिला
  • धुले – ओपन महिला
  • नासिक – ओपन महिला
  • भिवंडी-निजामपुर – ओपन
  • परभणी – ओपन
  • कल्याण-डोंबिवली – अनुसूचित जनजाति (ST)
  • पुणे – ओपन महिला
  • चंद्रपुर – ओबीसी
  • कोल्हापुर – ओबीसी ओपन
  • जलगांव – ओबीसी महिला
  • मीरा-भयंदर – ओपन महिला
  • वसई-विरार – ओपन
  • अहिल्यानगर – ओबीसी महिला
  • पिंपरी-चिंचवड – ओपन
  • अकोला – ओबीसी महिला
  • अमरावती – ओपन
  • जालना – अनुसूचित जाति (SC) महिला
  • लातूर – अनुसूचित जाति (SC) महिला
  • छत्रपति संभाजीनगर – ओपन
  • नांदेड-वाघाला – ओपन महिला
  • नवी मुंबई – ओपन महिला
  • पनवेल – ओबीसी
  • ठाणे – अनुसूचित जाति (SC)
  • उल्हासनगर – ओबीसी ओपन
  • नागपुर – ओपन महिला
  • मालेगांव – ओपन महिला
  • इचलकरंजी – ओबीसी ओपन
  • सांगली-मिरज-कुपवाड – ओपन
  • सोलापुर – ओपन

29 महानगरपालिकाओं में कितने पद किए गए आरक्षित?

कुल 29 नगर महापालिकाओं में से 16 पद आरक्षित किए गए हैं. इनमें 1 अनुसूचित जनजाति (ST), 3 अनुसूचित जाति (SC) (जिनमें 2 महिला), 8 ओबीसी (जिनमें 4 महिला) शामिल हैं. वहीं 17 नगर महापालिकाएं ओपन कैटेगरी में हैं, जिनमें 9 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.

आरक्षण तय होने के बाद अब सभी नगर महापालिकाओं में मेयर का चुनाव निगम सदन में पार्षदों के मतदान के जरिए होगा. इसके लिए अलग-अलग शहरों में नवनिर्वाचित पार्षदों की विशेष बैठक बुलाई जाएगी. हालांकि, उससे पहले लॉटरी सिस्टम से तय हुए आरक्षण को लेकर राजनीतिक घमासान और तेज होता नजर आ रहा है.

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