Maharashtra News: नवी मुंबई के गोठीवली गांव में एक ट्यूशन शिक्षक रूपाली थवी पर आठवीं कक्षा की छात्रा को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है. आरोप है कि छात्रा ने पहाड़े याद नहीं किए थे, जिससे नाराज होकर शिक्षक ने उसे रोटी पलटने वाली लकड़ी की स्टिक से करीब 20 बार हाथ पर मारा.
इस घटना में छात्रा के हाथ पर सूजन आ गई है और लाल निशान पड़ गए हैं, जिससे बच्ची को तेज दर्द हो रहा था. परिजनों ने लड़की का एक्सरे करवाया है लेकिन हाथ में किसी तरह का कोई फ्रैक्चर नहीं आया है. हाथ में ज्यादा सूजन की वजह से परिजनों को टेशन हो रही थी कि कहीं फेक्चर ना हो गया हो. गनीमत रही कि हादसा नहीं हुआ.
पांच सालों से पढ़ रही थी ट्यूशन
जानकारी के अनुसार, वह लड़की पिछले 5 वर्षों से इस टीचर के पास पढ़ने के लिए ट्यूशन जाती थी. पीड़ित छात्रा की मां पूनम वडके ने इस संबंध में रबाले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि उनकी बेटी घर पर चलने वाली ट्यूशन कक्षा में पढ़ने जाती है. शिक्षक ने सभी बच्चों को पहाड़े याद करने को कहा था, लेकिन पहाड़े याद न होने पर बच्ची को कठोर सजा दी गई.
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने शिक्षक से इस संबंध में जवाब मांगा तो शिक्षक ने कहा कि उनकी बेटी और अन्य बच्चों को पढ़ाई नहीं करने पर दंड दिया जाता है. यदि परेशानी है तो दूसरी ट्यूशन में भेज दें. बता दें कि पिटाई अधिक होने से बच्ची के हाथ में सूजन आ गई है. पिटाई वाली जगह पर लाल निशान भी पड़ गए हैं. इसी के चलते परिजनों में गुस्सा बना हुआ है.
पुलिस ने जांच शुरू की
रबाले पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस छात्रा का चिकित्सीय परीक्षण कराने और अन्य विद्यार्थियों से पूछताछ की प्रक्रिया में जुटी है. इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाणे जिला बाल संरक्षण विभाग ने भी हस्तक्षेप किया है. विभाग ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ बाल संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
इस संबंध में कई बार टीचर्स को सरकार और अधिकारियों की ओर से हिदायत भी दी गई है कि किसी भी बच्चे को इस तरह से ना पीटा जाए कि उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान हो या चोट लगे. टीचर्स को बच्चों को अच्छे से समझाना चाहिए और नहीं माने तो बच्चे के घरवालों को बताना चाहिए.