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Borivali Theft Case: मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन, राजस्थान के जंगलों से 8 करोड़ की सोना चोरी का पर्दाफाश

मुंबई की एमएचबी पुलिस (MHB Police) ने बोरिवली की एक ज्वेलरी शॉप (Jewelery Shop) में हुई 7.88 करोड़ रुपये की चोरी का खुलासा किया है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: March 4, 2026 17:24:49 IST

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Borivali News: मुंबई के बोरिवली स्थित आईसी कॉलोनी में हुई सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है. जहं, पुलिस ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. दरअसल, ‘माय गोल्ड पॉइंट’ ज्वेलरी शॉप से करीब 7.88 करोड़ रुपये के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने केवल 48 दिनों के अंदर ही राजस्थान के दुर्गम जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद चार आरोपियों के साथ-साथ एक नाबालिग को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. 

हांलाकि, पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि दुकान के ही भरोसेमंद कर्मचारी थे. जो 13 और 14 जनवरी 2026 की दरमियानी रात को आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी का सहारा लेकर शोकेस में रखे लगभग 5 किलो सोने के गहने पर हाथ साफ कर दिया था. तो वहीं, दूसरी तरफ अपनी पहचान और लोकेशन छुपाने के लिए शातिर चोरों ने मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का त्याग कर दिया था, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना एक बड़ी चुनौती बन गया था. 

सीसीटीवी फुटेज ने खोले सारे राज़


तो वहीं, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए मुंबई पुलिस ने तकनीक और जमीनी जासूसी का बेहतरीन तालमेल दिखाया. जब सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी राजस्थान के घने जंगलों में छिपे हैं, तो टीम ने वहां डेरा डाल दाना शुरू कर दिया. जिसके बाद राजस्थान पुलिस की मदद से चले इस अभियान में घने जंगलों के भीतर छिपे अपराधियों को ढूंढने के लिए रात के समय ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया.  48 दिनों तक चले इस लुका-छिपी के खेल का अंत मुख्य आरोपी गणपतसिंह मोहन चदाना और किशनसिंह उर्फ भैरू की गिरफ्तारी के साथ हुआ. 

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से 3.1 किलो सोना और 5 किलो चांदी बरामद की है, जिसकी कुल कीमत लगभग 4.65 करोड़ रुपये बताई जा रही है. हालांकि, इस कहानी का एक हिस्सा अभी बाकी है. जहां, एक आरोपी अब भी फरार चल रहा है, जिसके पास लगभग 4 किलो सोना होने की आशंका जताई जा रही है.  

डीसीपी संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर हरीश गवली के नेतृत्व में पुलिस की टीमें फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं. यह मामला कॉर्पोरेट और रिटेल सेक्टर के लिए एक सबक है कि कर्मचारियों पर ‘अंधा विश्वास’ कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है. 

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Borivali News: मुंबई के बोरिवली स्थित आईसी कॉलोनी में हुई सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है. जहं, पुलिस ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. दरअसल, ‘माय गोल्ड पॉइंट’ ज्वेलरी शॉप से करीब 7.88 करोड़ रुपये के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने केवल 48 दिनों के अंदर ही राजस्थान के दुर्गम जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद चार आरोपियों के साथ-साथ एक नाबालिग को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. 

हांलाकि, पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि दुकान के ही भरोसेमंद कर्मचारी थे. जो 13 और 14 जनवरी 2026 की दरमियानी रात को आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी का सहारा लेकर शोकेस में रखे लगभग 5 किलो सोने के गहने पर हाथ साफ कर दिया था. तो वहीं, दूसरी तरफ अपनी पहचान और लोकेशन छुपाने के लिए शातिर चोरों ने मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का त्याग कर दिया था, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना एक बड़ी चुनौती बन गया था. 

सीसीटीवी फुटेज ने खोले सारे राज़


तो वहीं, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए मुंबई पुलिस ने तकनीक और जमीनी जासूसी का बेहतरीन तालमेल दिखाया. जब सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी राजस्थान के घने जंगलों में छिपे हैं, तो टीम ने वहां डेरा डाल दाना शुरू कर दिया. जिसके बाद राजस्थान पुलिस की मदद से चले इस अभियान में घने जंगलों के भीतर छिपे अपराधियों को ढूंढने के लिए रात के समय ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया.  48 दिनों तक चले इस लुका-छिपी के खेल का अंत मुख्य आरोपी गणपतसिंह मोहन चदाना और किशनसिंह उर्फ भैरू की गिरफ्तारी के साथ हुआ. 

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से 3.1 किलो सोना और 5 किलो चांदी बरामद की है, जिसकी कुल कीमत लगभग 4.65 करोड़ रुपये बताई जा रही है. हालांकि, इस कहानी का एक हिस्सा अभी बाकी है. जहां, एक आरोपी अब भी फरार चल रहा है, जिसके पास लगभग 4 किलो सोना होने की आशंका जताई जा रही है.  

डीसीपी संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर हरीश गवली के नेतृत्व में पुलिस की टीमें फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं. यह मामला कॉर्पोरेट और रिटेल सेक्टर के लिए एक सबक है कि कर्मचारियों पर ‘अंधा विश्वास’ कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है. 

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