Anand Mahindra on Cleanliness: महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ज्यादातर सोशल मीडिया पर प्रेरणादायक सामग्री लोगों के साथ रोजाना शेयर करते रहते हैं. हाल ही में उन्होंने मेघालय के मावलिननॉन्ग (Mawlynnong) गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसे ‘एशिया का सबसे स्वच्छ गांव’ माना जाता है. तो वहीं, दूसरी तरफ वीडियो के जरिए उन्होंने इस बात पर ध्यान देते हुए कहा कि स्वच्छता सिर्फ एक अभियान या दिखावा नहीं होनी चाहिए.
इतना ही नहीं उन्होंने अपने संदेश में साफ-साफ कहा कि मावलिननॉन्ग की सुंदरता वहां के बुनियादी ढांचे से ज्यादा वहां के लोगों के नजरिए में देखने को मिलती है. जहां, उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छता कोई अभियान नहीं, बल्कि एक संस्कृति है’. उनके मुताबिक, जब सफाई हमारे दैनिक जीवन के संस्कारों और संस्कृति का हिस्सा बन जाती है, तभी समाज में स्थायी बदलाव अपने आप ही देखने को मिलता है.
यहां देखें वायरल वीडियो
“ It takes a village to raise a child”
That’s a proverb reminding us that responsibility is never individual; it belongs to the community.
In Mawlynnong, Meghalaya, that idea shapes daily life.
For the inhabitants of the village, cleanliness isn’t a campaign. It’s culture;… pic.twitter.com/Mvurw3CjWl
— anand mahindra (@anandmahindra) March 2, 2026
क्या स्वच्छता से मिलती है पर्यटन को पहचान?
हालांकि, महिंद्रा ये मानते हैं कि स्वच्छता को किसी भी तरह से बाहरी दबाव के साथ-साथ अल्पकालिक अभियान के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवन शैली के रूप में हम सभी को अपनाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में आगे जानकारी देते हुए बताया कि मावलिननॉन्ग की सफलता का राज वहां का समुदाय है, जहां हर बच्चा और बुजुर्ग स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी के साथ देखता है.
तो वहीं, स्वच्छता ने इस छोटे से गांव को वैश्विक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे फिलहाल यह साबित होता है कि अनुशासन के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक स्थर में भी एक तरह से बड़ा सुधार देखने को मिलता है. फिलहाल, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को देखने के बाद भारतीय शहरों और गांवों के लिए यह एक सीख है कि इंसान चाहे तो पर्यवारण को खूबसूरत तरीके संवार सकता है.