Malda Protests: पश्चिम बंगाल के मालदा में हुई हिंसा ने चुनावी माहौल के बीच सियासी हलचल तेज कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है. इसी बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है. अब तक इस केस में 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई मामले दर्ज किए गए हैं.
उत्तर बंगाल के ADG के. जयरामन के मुताबिक, हिंसा भड़काने के आरोप में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से पकड़ा गया. बताया जा रहा है कि वह वहां से फरार होने की तैयारी में था. फिलहाल उसे ट्रांजिट में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी या नहीं.
गिरफ्तारी के बाद भी आंदोलन की चेतावनी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी का बयान भी सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि जब तक हटाए गए वोटरों के नाम दोबारा सूची में शामिल नहीं किए जाते, आंदोलन जारी रहेगा. इस बयान के बाद मामले ने और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है.
क्या था पूरा मामला
आपको बता दें कि 1 अप्रैल 2026 को कालियाचक इलाके में हालात तब बिगड़ गए थे, जब शिकायतों के निपटारे के लिए पहुंची न्यायिक अधिकारियों की टीम को भीड़ ने घंटों तक घेर लिया. इस दौरान हाईवे जाम किया गया, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ हुई और सुरक्षाबलों के साथ झड़प में कई लोग घायल हुए.सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया है और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं. वहीं राजनीतिक स्तर पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.अब NIA की एंट्री के बाद जांच और तेज होने की उम्मीद है, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.