शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पूछे 2 सवाल
ममता के हमेशा विरोध में थी टीना मां
ममता को अखाड़े से निकाले जाने के तीन घंटे के भीतर, सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि उर्फ टीना मां ने कहा कि हम शुरू से ही ममता कुलकर्णी का विरोध कर रहे हैं. उन्हें अखाड़े में गलत लोगों को लाने से पहले सोचना चाहिए था. अब बहुत देर हो चुकी है, हम उस अखाड़े में कभी वापस नहीं जाएंगे. यह गौरतलब है कि टीना मां ने 3 नवंबर, 2025 को नए सनातनी किन्नर अखाड़े की स्थापना की थी. उन्होंने किन्नर अखाड़े से मतभेद के बाद यह फैसला लिया था और उनका राज्याभिषेक 4 नवंबर, 2025 को हुआ था.
अखिलेश यादव पर भी ममता कुलकर्णी ने उठाए थे सवाल
ममता कुलकर्णी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या वह गौहत्या रोकने का वादा कर सकते हैं? क्या अखिलेश यादव गौहत्या की रोकथाम के संबंध में कोई ठोस आश्वासन देंगे?” ममता ने ऋग्वेद में ऋषि कुणाल और श्वेताकेतु के बीच एक संवाद का हवाला दिया और कहा कि धर्म को राजनीति से अलग रखना चाहिए.
पीएम मोदी की तारीफ कर चुकी है ममता
ममता बनर्जी पर भी कर चुकी है टिप्पणी
महाकुंभ के दौरान ममता सुर्खियों में थीं
ममता कुलकर्णी 23 जनवरी, 2025 को अचानक प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचीं. दोपहर में, वह किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मिलीं. दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई. फिर दोनों अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी से मिले. इसके बाद, ममता को महामंडलेश्वर बनाया गया. उनका नाम यमाई ममता नंद गिरि रखा गया.
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और योग गुरु बाबा रामदेव सहित कई संतों ने इसका विरोध किया था. रामदेव ने कहा कि कोई भी एक दिन में संत नहीं बन सकता. इसके बाद, 10 फरवरी को ममता ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफ़ा दे दिया. हालांकि, दो दिन बाद, 12 फरवरी को उन्होंने अपना इस्तीफ़ा वापस ले लिया.