Live
Search
Home > देश > मणिपुर में एक बार फिर से भड़की हिंसा, चुराचंदपुर में सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारी हुए आमने-सामने

मणिपुर में एक बार फिर से भड़की हिंसा, चुराचंदपुर में सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारी हुए आमने-सामने

मणिपुर में एक बार फिर से हुए तनाव ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. जहां, नेमचा किपगेन (Nemcha Kipgen) और लोसी डिखो (Losii Dikho) की उपमुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति ने कुकी-ज़ो बहुल इलाकों में भारी तनाव पैदा कर दिया है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: February 6, 2026 13:17:13 IST

Mobile Ads 1x1

Churachandpur Violence: मणिपुर में युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन और नेमचा किपगेन और लोसी डिखो को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद जमकर तनाव देखने को मिला. जहां, कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसे समुदाय के साथ “विश्वासघात” करार दिया. तो वहीं, दूसरी तरफ मौके पर पहुंची सुरक्षा बलों की टीम ने स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन शुक्रवार के लिए बंद के आह्वान ने प्रशासन की पहले से और भी ज्यादा चिंता को बढ़ाने का काम किया है. 

शपथ ग्रहण के दौरान विरोध

जानकरी के मुताबिक, नेमचा किपगेन ने बुधवार यानी 4 फरवरी 2026 देश की राजधानी दिल्ली के मणिपुर भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली था. जिसके बाद कुकी-ज़ो समुदाय के प्रदर्शनकारियों का यह मानना है कि यह कदम उनकी “अलग प्रशासन” (Separate Administration) की सामूहिक मांग के खिलाफ है. 

चुराचंदपुर में भड़की हिंसा की आग 

इसके बाद गुरुवार शाम (5 फरवरी) को चुराचंदपुर के तुइबोंग (Tuibong) इलाके में भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली. जहां, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ टायर जलाया, पत्थरबाजी की. जिसके जवाब में सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. तो वहीं, इस विरोध में करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. 

यहां देखें प्रदर्शनकारियों का आतंक 



KZC सरकार ने की बहिष्कार की घोषणा

प्रभावशाली संगठन ‘कुकी ज़ो काउंसिल’ (KZC) ने सरकार में शामिल होने वाले समुदाय के विधायकों के सामाजिक बहिष्कार करने का बड़ा ऐलान किया है. हालांकि, उनका यह मानना है कि जब तक केंद्र सरकार उनकी प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग पूरी नहीं करेगी, तब तक किसी भी नेता को मौजूदा सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहिए. 

‘थाडौ इन्पी मणिपुर’ ने किया नियुक्ति का स्वागत 

तो वहीं, जहां कुकी-ज़ो संगठनों ने नेमचा किपगेन का पूरी तरह से विरोध किया है, वहीं ‘थाडौ इन्पी मणिपुर’ (Thadou Inpi Manipur) ने उनकी नियुक्ति का जमकर स्वागत करते हुए नज़र आ रहे हैं. जिससे जनजातीय समूहों के बीच एक मतभेद भी उभर कर सामने आ गए हैं.

MORE NEWS

Home > देश > मणिपुर में एक बार फिर से भड़की हिंसा, चुराचंदपुर में सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारी हुए आमने-सामने

Written By: Darshna Deep
Last Updated: February 6, 2026 13:17:13 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS