#WATCH मथुरा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 130वां एपिसोड सुना। pic.twitter.com/6hddYzoz2c
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 25, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि ‘मेरे प्यारे देशवासियों, नमस्कार साल 2026 का यह पहला मन की बात है. कल हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे. 26 जनवरी का यह दिन हमें संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है. आज 25 जनवरी का दिन भी अहम है. आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस है. मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है. मतदाता बनने को जीवन का एक सामान्य पड़ाव माना जाता है, लेकिन ये अवसर किसी भी नागरिक के जीवन का बड़ा अहम समय होता है. तो हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं. जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं, वैसे ही जब कोई युवा मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करे. इससे मतदान के प्रति जागरुकता बढ़ेगी. साथ ही ये भावना भी सशक्त होगी की वोटर होना कितना मायने रखता है’.
स्टार्ट अप इंडिया पर की बात
पीएम मोदी ने स्टार्ट अप इंडिया पर भी बात की उन्होने कहा कि ‘इन दिनों मैं सोशल मीडिया पर एक मजेदार ट्रेंड देख रहा हूं. लोग 2016 की अपनी यादों को ताजा कर रहे हैं. मैं भी आज आपसे अपनी एक याद को साझा करना चाहता हूं. आज से 10 साल पहले हमने एक शुरुआत की. मैं जिस जर्नी की बात कर रहा हूं, वह स्टार्ट अप इंडिया की जर्नी है. इसके हीरो हमारे युवा साथी हैं, जिन्होंने अपने कंफर्ट जोन से निकलकर जो इनोवेशन किए, वे इतिहास में दर्ज हो रहे हैं. आज भारत में दुनिया की तीसरा बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम बन रहा है. एआई, स्पेस, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाईड्रोजन जो भी नाम लें, उन सभी अहम सेक्टर्स में भारतीय स्टार्टअप काम कर रहे हैं. मैं उन युवा साथियों को सैल्यूट करता हूं, जो स्टार्टअप से जुड़े हैं या शुरू करना चाहते हैं’.
युवाओं से किया आग्रह
उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने को लेकर पीएम मोदी ने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि ‘मैं युवाओं से एक आग्रह करना चाहता हूं कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. ऐसे में हम सभी पर एक बड़ी जिम्मेदारी है, वह है गुणवत्ता पर जोर देने की. चलता है वाला युग चला गया. इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को अहमियत दें और हम सिर्फ गुणवत्ता पर ध्यान दें. हम जो भी बना रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें . भारतीय उत्पादों की पहचान ही गुणवत्ता होनी चाहिए’.
जन-भागीदारी और सामूहिकता ही देश की ताकत हैं-पीएम मोदी
जन-भागीदारी को लेकर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ‘ हमारे देश के लोग बहुत इनोवेटिव हैं. समस्याओं का समाधान ढूंढना देशवासियों के खून में है. कुछ लोग स्टार्टअप के जरिए करते हैं तो कुछ समाज की सामूहिक भागीदारी से. ऐसा ही एक प्रयास यूपी के आजमगढ़ में दिखाई दिया, जहां स्थानीय लोगों ने तमसा नदी को नया जीवन दिया है. अयोध्या से निकल गंगा में समाहित होने वाली ये नदी कभी इस क्षेत्र के लोगों के जीवन की धुरी होती थी, लेकिन प्रदूषण से इन नदी के प्रवाह को रोक दिया. इसके बाद लोगों ने नदी की सफाई की, किनारों पर छायादार पेड़ लगाए और सभी के प्रयास से नदी का पुनर्उद्धार हो गया’.
पीएम मोदी ने कहा कि ‘ऐसा ही आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में पानी की कमी दूर करने के लिए स्थानीय लोगों ने जलाश्यों को साफ करने का लक्ष्य रखा और फिर प्रशासन के सहयोग से अनंत नीरूं संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई. इस प्रयास के तहत 10 से अधिक जलाश्यों को जीवनदान मिला है. साथ ही 7000 से अधिक पेड़ भी लगाए गए हैं. अनंतपुर में जल संरक्षण के साथ ही ग्रीन कवर भी बढ़ा है. जन-भागीदारी और सामूहिकता ही देश की ताकत हैं’.
भजन क्लबिंग को लेकर की बात
पीएम मोदी ने कहा कि’ हमने मंदिरों में भजन सुने हैं और हर दौर में भक्ति को अपने समय के हिसाब से जिया है. आज के युवाओं ने भक्ति को अपने अनुभव और जीवनशैली में ढाल लिया है. जिससे नया सांस्कृतिक चलन सामने आया है, जिसमें युवा इकट्ठा हो रहे हैं, वहां संगीत होता है, रोशनी होती है और ऐसा कंसर्ट में भक्तिभाव से भजन गाए जाते हैं. इसे भजन क्लबिंग कहा जा रहा है, जो जेन जी के बीच लोकप्रिय हो रहा है. अच्छी बात ये है कि इन भजन क्लबिंग में भक्ति भाव को हल्केपन में नहीं लिया जाता और न ही शब्दों की मर्यादा टूटती है’.
मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं-पीएम मोदी
मेरे प्यारे देशवासियो, आज हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. दुनिया के हर कोने में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं. हर तरह की सांस्कृतिक तरंगता को बनाए रखने में हमारे भारतवंशी भाई-बहनों का अहम योगदान है .वो जहां भी है वहाँ अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर और उसे आगे बढ़ा रहे हैं. आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं .इनमें तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है . इसके अलावा यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.
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