Mauni Amavasya: माघ मेले का तीसरा और सबसे अहम आयोजन मौनी अमावस्या का महास्नान आज है. इस स्नान के लिए एक दिन पहले ही संगम नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं का आना कल सुबह से शुरू हुआ और दोपहर तक काफी बढ़ गया. शाम तक तो ऐसा लग रहा था जैसे मौनी अमावस्या शनिवार को ही पड़ रही हो. सिर पर गठरी उठाए लोग मेला मैदान में घुसते दिखे. प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि रविवार को 3.5 से 4 करोड़ श्रद्धालु स्नान के लिए आएंगे. उनका यह भी दावा है कि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले शनिवार शाम 6 बजे तक 1.5 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे.
भीड़ नियंत्रण पाबंदियां लागू
शनिवार दोपहर जैसे ही मेला क्षेत्र में भीड़ उमड़ने लगी पुलिस और मेला प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण पाबंदियां लागू कर दीं. जीटी जवाहर और तिकोनिया चौराहों पर गाड़ियों को अंदर जाने से रोक दिया गया. डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ,पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा, मेला ऑफिसर ऋषिराज और SP मेला नीरज पांडे दोपहर 12:30 बजे संगम वॉच टावर पर पहुंचे और भीड़ का जायजा लेते दिखे.
#WATCH | Prayagraj, UP | Devotees continue to arrive in large numbers at the Sangam Ghat to take a holy dip on the occasion of Mauni Amavasya. #MaghMela2026 pic.twitter.com/Hf9F9DHJ3T
— ANI (@ANI) January 18, 2026
भीड़ से बचने के लिए लोगों ने शनिवार को किया स्नान
पूरे दिन संगम पर भक्तों की भीड़ लगी रही और स्नान का सिलसिला चलता रहा. रविवार की भीड़ से बचने के लिए भक्तों ने त्योहार से एक दिन पहले शनिवार को ही स्नान किया. दोपहर 1 बजे तक पंटून पुल पर इतनी भीड़ हो गई थी कि बहुत धीरे चलना भी मुश्किल हो रहा था.पंटून पुल 2 से संगम और पंटून पुल 3 से झूंसी जाने वाले पुलों पर सिर्फ पैदल चलने वाले ही दिख रहे थे.
सख्ती से लागू किया गया जोनल प्लान
मेले वाले इलाके में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जोनल प्लान को एक दिन पहले ही सख्ती से लागू कर दिया गया था. प्रयागराज मेला अथॉरिटी ऑफिस के एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें ADM से एक डॉक्यूमेंट पर साइन करवाने के लिए झूंसी जाना पड़ा. जब वे पोंटून ब्रिज 3 पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि उन्हें एक जोन से दूसरे जोन में जाने की इजाजत नहीं होगी.