आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनियाभर में कई तरह के दावे किये जा रहे हैं. AI ने रोजगार को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है कि आने वाले समय में रोजगार के अवसर कम हो जायेंगे, AI कर्मचारियों को रिप्लेस कर देगा.
इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट इंडिया एंड साउथ एशिया के अध्यक्ष पूनीत चंदोक ने भी AI को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. पूनीत चंदोक ने स्पष्ट कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि उन्हें ‘अनबंडल’ या तोड़-मरोड़ कर नया आकार देगा.
रूटीन टास्क संभालेगा AI
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए उन्होंने यह चिंता दूर की कि एआई बेरोजगारी लाएगा. चंदोक ने कहा, ‘एआई रूटीन टास्क संभालेगा, जिससे प्रोफेशनल्स क्रिएटिव और स्ट्रैटेजिक काम पर फोकस कर सकेंगे.’ चंदोक ने आगे कहा, “आपकी जॉब कई टास्क का बंडल है. एआई इसे अनबंडल करेगा.” उन्होंने एआई एजेंट्स को ‘टीममेट’ बताया, जो आपकी अनुमति से बिना इन्वॉल्वमेंट के काम करेंगे. यह पिछली टेक्नोलॉजीज से अलग है, क्योंकि एआई ‘इंटेलिजेंस मैन्युफैक्चर’ करता है, जो सबसे मूल्यवान कमोडिटी है. भारत में 92% नॉलेज वर्कर्स एआई यूज कर रहे हैं और 59% बिजनेस में एआई एजेंट्स अपनाए गए हैं.
भारत के लिए एआई लीडर बनने का सुनहरा मौका
चंदोक ने भारत को एआई लीडर बनाने पर जोर दिया. उन्हेंने कहा कि अगले 3 सालों में एआई ग्रोथ 1000 गुना हो सकती है. माइक्रोसॉफ्ट भारत में डेटा सेंटर पर 17.5 बिलियन डॉलर निवेश करेगा. उन्होंने एआई को ‘पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ बताया, जो एजुकेशन, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और गवर्नेंस में मदद करेगा. भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी है, अब एआई को स्केल करना है. अपने लिंक्डइन पोस्ट में चंदोक ने लिखा, “एआई को डेमोक्रेटाइज करने के लिए एक्सेस से आगे बढ़कर स्किलिंग पर फोकस करें.” माइक्रोसॉफ्ट टीचर्स ट्रेनिंग से लेकर एंटरप्राइजेज तक ट्रेनिंग देगा. उन्होंने कहा कि भारत एआई को इंक्लूसिव, ट्रस्टेड और सस्टेनेबल बनाकर दुनिया को लीड कर सकता है.
स्किल डेवलपमेंट है जरूरी
चंदोक ने चेतावनी दी कि ट्रांजिशन के लिए कंटीन्यूअस लर्निंग जरूरी है. उन्होंने कहा कि एआई जॉब्स को रीशेप करेगा, नष्ट नहीं. AI से जुड़े ग्लोबल डिबेट में जहां एन्थ्रोपिक के डैरियो अमोडेई सॉफ्टवेयर जॉब्स के खत्म होने की बात कर रहे हैं, वहीं चंदोक ऑप्टिमिस्टिक हैं. यह बयान तब आया है जब एआई का जॉब इम्पैक्ट, प्रोडक्टिविटी और इनइक्वालिटी पर बहस तेज है. माइक्रोसॉफ्ट का फोकस इनोवेशन और वर्कफोर्स रेडीनेस पर है.