Mission purvodaya: सरकार ने रविवार (1 फरवरी, 2026) को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ ‘पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे’ के विकास और पांच ‘पूर्वोदय’ राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव रखा. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वोत्तर के छह राज्यों अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं दुर्गापुर में एक सुगम संपर्क केंद्र के साथ पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण और 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का प्रस्ताव करती हूं.
भारत के पूर्वी क्षेत्रों का होगा विकास (The eastern regions of India will be developed)
मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में सितंबर 2024 में सरकार ने घोषणा की थी कि समृद्ध भारत की मजबूत नींव रखने के लिए विकसित भारत 2024 विजन के तहत विभिन्न पहलें शुरू की गई हैं. इनमें पूर्वोदय पहल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्र (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) का सर्वांगीण विकास करना है. यह पहल मानव संसाधन विकास, बुनियादी ढांचे के संवर्धन और आर्थिक अवसरों पर केंद्रित है ताकि इस क्षेत्र को विकसित भारत का एक प्रमुख चालक बनाया जा सके.
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बौद्ध सर्किट के विकास के लिए नई योजना की शुरूआत (A new plan has been launched for the development of the Buddhist circuit)
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में पूर्वोत्तर क्षेत्र के बौद्ध स्थलों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह बौद्ध धर्म की थेरवाद और महायान या वज्रयान परंपराओं का सभ्यतागत संगम है. अपने बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि मैं अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं. इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा इंटरप्रिटेशन सेंटर और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को शामिल किया जाएगा. पूर्वोत्तर के कई राज्यों में ऐतिहासिक मठ और अन्य बौद्ध स्थल हैं.