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नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने नहीं मानी ED की बात

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली कोर्ट ने राहुल गांधी समेत अन्य के खिलाफ ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: 2025-12-16 11:31:27

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की एक कोर्ट ने गांधी परिवार के खिलाफ ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से मना कर दिया है. इसे गांधी परिवार की बड़ी जीत मानी जा रही है.

यह मामला किसी FIR पर आधारित नहीं है- विशाल गोगने

राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला किसी FIR पर आधारित नहीं, बल्कि एक निजी शिकायत पर आधारित है. इसलिए ED की ओर से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दायर शिकायत विचार योग्य नहीं है.

कोर्ट ने कहा- मनी लॉन्ड्रिंग का मामला PMLA की धारा 3 में परिभाषित और धारा 4 के तहत दंडनीय है। यह केस तब तक विचार योग्य नहीं है, जब तक वह अधिनियम की अनुसूची में दर्ज किसी अपराध से जुड़ा न हो या उस मामले में FIR दर्ज न हो।

चार्जशीट में कई जाने-माने लोगों के नाम शामिल 

ED ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का नाम लिया है. कांग्रेस पार्टी ने दलील दी कि ED की जांच राजनीतिक बदले की कार्रवाई थी, जबकि ED ने दावा किया कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध था जिसमें धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले थे.

ED ने सोनिया और राहुल पर एक बड़े घोटाले का आरोप 

ED का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने प्राइवेट कंपनी “यंग इंडियन” के ज़रिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की ₹2,000 करोड़ की संपत्ति सिर्फ़ ₹50 लाख में खरीदने की साज़िश रची. सोनिया और राहुल के पास कंपनी के 76% शेयर हैं. इस मामले में “अपराध से हुई कमाई” का अनुमान ₹988 करोड़ लगाया गया था. इससे जुड़ी संपत्तियों की मार्केट वैल्यू ₹5,000 करोड़ आंकी गई है.

चार्जशीट से पहले प्रॉपर्टी ज़ब्त करने की कार्रवाई

12 अप्रैल, 2025 को जांच के दौरान ज़ब्त की गई प्रॉपर्टीज़ पर ज़ब्त करने की कार्रवाई की गई. ED ने दिल्ली में हेराल्ड हाउस (5A, बहादुर शाह ज़फ़र मार्ग), मुंबई में बांद्रा (ईस्ट) और लखनऊ में विशेश्वर नाथ रोड पर AJL की बिल्डिंग्स पर नोटिस लगाए. 661 करोड़ की इन अचल प्रॉपर्टीज़ के अलावा, ED ने नवंबर 2023 में ₹90.2 करोड़ के AJL शेयर ज़ब्त किए ताकि जुर्म की कमाई को सुरक्षित किया जा सके और आरोपियों को उन्हें बेचने से रोका जा सके.

नेशनल हेराल्ड केस क्या है?

2012 में, BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की थी, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर फ्रॉड और फाइनेंशियल हेराफेरी से घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को खरीदने का आरोप लगाया गया था.

आरोपों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड के एसेट्स पर कंट्रोल करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गनाइजेशन बनाया और इसके जरिए, नेशनल हेराल्ड के पब्लिशर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को गैर-कानूनी तरीके से हासिल किया.

स्वामी ने आरोप लगाया कि यह दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर ₹2,000 करोड़ की हेराल्ड हाउस बिल्डिंग पर कंट्रोल करने के लिए किया गया था. स्वामी ने ₹2,000 करोड़ की कंपनी को सिर्फ ₹50 लाख में खरीदने के मामले में शामिल सोनिया गांधी, राहुल गांधी और दूसरे सीनियर कांग्रेस नेताओं पर क्रिमिनल केस चलाने की मांग की थी. आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की मौत हो चुकी है.

 

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नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने नहीं मानी ED की बात

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली कोर्ट ने राहुल गांधी समेत अन्य के खिलाफ ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: 2025-12-16 11:31:27

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की एक कोर्ट ने गांधी परिवार के खिलाफ ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से मना कर दिया है. इसे गांधी परिवार की बड़ी जीत मानी जा रही है.

यह मामला किसी FIR पर आधारित नहीं है- विशाल गोगने

राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला किसी FIR पर आधारित नहीं, बल्कि एक निजी शिकायत पर आधारित है. इसलिए ED की ओर से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दायर शिकायत विचार योग्य नहीं है.

कोर्ट ने कहा- मनी लॉन्ड्रिंग का मामला PMLA की धारा 3 में परिभाषित और धारा 4 के तहत दंडनीय है। यह केस तब तक विचार योग्य नहीं है, जब तक वह अधिनियम की अनुसूची में दर्ज किसी अपराध से जुड़ा न हो या उस मामले में FIR दर्ज न हो।

चार्जशीट में कई जाने-माने लोगों के नाम शामिल 

ED ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का नाम लिया है. कांग्रेस पार्टी ने दलील दी कि ED की जांच राजनीतिक बदले की कार्रवाई थी, जबकि ED ने दावा किया कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध था जिसमें धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले थे.

ED ने सोनिया और राहुल पर एक बड़े घोटाले का आरोप 

ED का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने प्राइवेट कंपनी “यंग इंडियन” के ज़रिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की ₹2,000 करोड़ की संपत्ति सिर्फ़ ₹50 लाख में खरीदने की साज़िश रची. सोनिया और राहुल के पास कंपनी के 76% शेयर हैं. इस मामले में “अपराध से हुई कमाई” का अनुमान ₹988 करोड़ लगाया गया था. इससे जुड़ी संपत्तियों की मार्केट वैल्यू ₹5,000 करोड़ आंकी गई है.

चार्जशीट से पहले प्रॉपर्टी ज़ब्त करने की कार्रवाई

12 अप्रैल, 2025 को जांच के दौरान ज़ब्त की गई प्रॉपर्टीज़ पर ज़ब्त करने की कार्रवाई की गई. ED ने दिल्ली में हेराल्ड हाउस (5A, बहादुर शाह ज़फ़र मार्ग), मुंबई में बांद्रा (ईस्ट) और लखनऊ में विशेश्वर नाथ रोड पर AJL की बिल्डिंग्स पर नोटिस लगाए. 661 करोड़ की इन अचल प्रॉपर्टीज़ के अलावा, ED ने नवंबर 2023 में ₹90.2 करोड़ के AJL शेयर ज़ब्त किए ताकि जुर्म की कमाई को सुरक्षित किया जा सके और आरोपियों को उन्हें बेचने से रोका जा सके.

नेशनल हेराल्ड केस क्या है?

2012 में, BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की थी, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर फ्रॉड और फाइनेंशियल हेराफेरी से घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को खरीदने का आरोप लगाया गया था.

आरोपों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड के एसेट्स पर कंट्रोल करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गनाइजेशन बनाया और इसके जरिए, नेशनल हेराल्ड के पब्लिशर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को गैर-कानूनी तरीके से हासिल किया.

स्वामी ने आरोप लगाया कि यह दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर ₹2,000 करोड़ की हेराल्ड हाउस बिल्डिंग पर कंट्रोल करने के लिए किया गया था. स्वामी ने ₹2,000 करोड़ की कंपनी को सिर्फ ₹50 लाख में खरीदने के मामले में शामिल सोनिया गांधी, राहुल गांधी और दूसरे सीनियर कांग्रेस नेताओं पर क्रिमिनल केस चलाने की मांग की थी. आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की मौत हो चुकी है.

 

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