The Kerala Story 2 Controversy: विवादों की आग, अनसुनी चीखें और एक कड़वा सच, ‘द केरला स्टोरी’ ने जब बड़े पर्दे पर दस्तक दी थी, तो पूरे देश में बहस छिड़ गई थी. अब दो साल बाद, इस कहानी का दूसरा अध्याय ‘द केरला स्टोरी 2’ के रूप में वापस आ रहा है. जहाँ एक तरफ फिल्मी गलियारों में इसे लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, वहीं एक ऐसी शख्सियत सामने आई है जिसका खुद का दर्द इस फिल्म की कहानी से मेल खाता है. नेशनल शूटर तारा शाहदेव ने इस फिल्म पर जो कहा है, वो न केवल झकझोर देने वाला है बल्कि कई अनसुलझे सवालों के जवाब भी देता है. आखिर कौन हैं तारा शाहदेव क्या है उनका वो दर्द? आइए जानते हैं.
कौन हैं तारा शाहदेव
तारा शाहदेव एक राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर हैं, जो साल 2014 में उस समय सुर्खियों में आईं जब उन्होंने अपने पति पर धोखे से धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया था. उनकी शादी कोई लव मैरेज नहीं थी बल्कि घर वालों ने एक योग्य लड़का ढूंढकर उनकी शादी बड़े ही धूमधाम से करवाई थी लेकिन मामला तब सामने आया जब शादी के 2 दिन बाद उनसे निकाह करने को बोला गया. झारखंड की रहने वाली तारा की इस आपबीती ने देशभर में ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दे पर एक बड़ी बहस छेड़ दी थी. अपनी हिम्मत और लंबी कानूनी लड़ाई के कारण आज वे उन महिलाओं के लिए एक मिसाल मानी जाती हैं, जो इस तरह के शोषण का शिकार हुई हैं.
द केरला स्टोरी 2 रिलीज़ होने में अभी काफी समय है, लेकिन इसने पहले ही कॉन्ट्रोवर्सी खड़ी कर दी है. अनुराग कश्यप और प्रकाश राज ने फिल्म के ट्रेलर पर रिएक्ट करते हुए इसे ‘बेकार फिल्म’ कहा. कामाख्या ने भी अनुराग के कमेंट्स का जवाब दिया. अब, नेशनल शूटर तारा शाहदेव ने ANI से बातचीत के दौरान फिल्म के बारे में बात की है और अपना दर्द बयां किया है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
तारा शाहदेव ने क्या कहा?
जब ANI ने तारा से फिल्म के बारे में पूछा, तो नेशनल शूटर ने कहा, ‘मेरा केस 2014 में हुआ था. तब मैंने पहली बार मीडिया में ‘लव जिहाद’ शब्द सुना था, जिसमें पूछा गया था कि क्या मैं ‘लव जिहाद’ की विक्टिम हूं. उस समय, मुझे यह भी नहीं पता था कि यह शब्द क्या होता है. मैंने सोचा कि शायद अगर मैं वापस लड़ूं, और अगर जजमेंट आए और ऐसे लोगों को सज़ा मिले, तो दुनिया को पता चल जाएगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘आज, मुझे अफ़सोस है कि कितनी लड़कियां मेरे पीछे लाइन में खड़ी थीं, और आज भी, कई लड़कियां हैं जो कभी सामने नहीं आईं. यह एक ऐसा मुद्दा है जहां लोगों को लगता है कि लड़की को गुमराह किया गया था और उसने अपनी मर्ज़ी से ऐसा किया. उस समय, मुझे लगा था कि कोई इस कहानी को नहीं समझेगा, लेकिन आज, वे समाज के सामने वह मुद्दा लेकर आए हैं जिसके लिए हम पिछले 8-10 सालों से लड़ रहे हैं.’
अपनी कहानी सुनाते हुए तारा ने आगे कहा, ‘आप कोर्ट जाते हैं… इस टॉपिक पर कई केस हैं. मुझे नहीं लगता कि अगर हम इस मुद्दे को समाज के सामने ला रहे हैं तो यह गलत है. ये ऐसी बातें हैं जिन पर हम कभी बात नहीं करना चाहते. अगर इस पर पहले बात हुई होती, तो आज हम विक्टिम नहीं होते. मुझे लगता है कि ‘द केरला स्टोरी’ जैसी कहानियाँ आंखें खोलने वाली होती हैं.’ ‘द केरला स्टोरी 2′ 27 फरवरी को थिएटर में रिलीज़ होने वाली है.’