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मुंह में पिन क्यों नहीं रखनी चाहिए? वडोदरा की किशोरी से हो गई गलती, डॉक्टर ने 4 घंटे की मशक्कत के बाद निकाली

अक्सर देखा होगा कि महिलाएं जब साड़ी या अन्य कपड़े पहनती हैं तो पिन जरूर लगाती हैं. ऐसा करने के पीछे का मकसद है कि साड़ी की प्लीट्स (चुन्नटें) अपनी जगह पर रहें. पल्लू गिरे नहीं और कपड़ा सही से टिका रहे. बेशक ये आपके लिए उपयोगी हो, लेकिन इसे कैरी करते वक्त कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए.

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 7, 2026 19:37:13 IST

अक्सर देखा होगा कि महिलाएं जब साड़ी या अन्य कपड़े पहनती हैं तो पिन जरूर लगाती हैं. ऐसा करने के पीछे का मकसद है कि साड़ी की प्लीट्स (चुन्नटें) अपनी जगह पर रहें. पल्लू गिरे नहीं और कपड़ा सही से टिका रहे. बेशक ये आपके लिए उपयोगी हो, लेकिन इसे कैरी करते वक्त कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए. यह भी देखने में आता है कि महिलाएं इस पिन को अपने दांतों से दबा लेती हैं और साड़ी पहनने के बाद इसे लगा लेती हैं. यह आदत आपको किसी बड़ी परेशानी में भी डाल सकती है. इसका सबक वडोदरा की एक किशोरी से लेना चाहिए. आइए जानते हैं कि आखिर मुंह में पिन क्यों नहीं रखनी चाहिए

बाल-बाल बची 15 वर्षीय बच्ची

शनिवार को वडोदरा के पनिगेट की रहने वाली 15 वर्षीय लड़की बाल-बाल बच गई, जब उसने गलती से हिजाब की पिन निगल ली और वह दिल के पास फेफड़ों तक जाने वाली श्वास नली में फंस गई. उसे एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां कान-नाक-गला (ईएनटी) विभाग और सिर-गर्दन शल्य चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद रिजिड ब्रोंकोस्कोपी के जरिए पिन को निकाल दिया. 

दर्द और सांस लेने में होने लगी थी परेशानी

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल के डीन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रंजन अय्यर ने कहा, “लड़की ने अपने सिर पर हिजाब पहना हुआ था और एक हाथ से कपड़े की तहों को पकड़े हुए थी और दूसरे हाथ से कपड़े की पिन मुंह में रखी हुई थी. पिन मुंह में रहते हुए चिल्लाने की कोशिश में गलती से पिन उसके गले में चली गई, जिसके बाद उसे गले में दर्द, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी.

डॉक्टरों ने पिन कैसे निकाली

डॉ. अय्यर ने बताया कि इस प्रक्रिया में श्वसन नलिकाओं को देखने के लिए एक खोखली धातु की नली का उपयोग किया जाता है जिसके एक सिरे पर कैमरा और प्रकाश लगा होता है. उन्होंने कहा, “भोजन और श्वसन नलिकाओं की अंधेरी सुरंगों में, हम बाहरी वस्तु की स्थिति और उसके अक्ष को देख सकते थे. हमें यह जांचने की आवश्यकता थी कि क्या बाहरी वस्तु के नुकीले किनारे हैं और फेफड़ों या हृदय को नुकसान से बचाने के लिए स्कोप को तदनुसार समायोजित करना पड़ता था.

श्वासनली में पिन फंसने पर क्या होती परेशानियां

सांस लेने में परेशानी: अगर किसी के वायुमार्ग में किसी कारणवस रुकावट आती है तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति को सांस फूलना, हांफना या सांस लेने में मुश्किल हो सकती है.

तेज खांसी: श्वसन नली में पिन फंसने पर आपको तेज खांसी भी हो सकती है. दरअसल, शरीर का उस चीज को बाहर निकालने का नेचुरल प्रयास होता है.

साइनोसिस: पिन श्वसन नली में फंसने से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है. ऐसा होने से होंठ और त्वचा नीली पड़ सकती है.

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